चिंगारी गांव में करंट लगने से मृत किसान के परिजनों से मिला माकपा प्रतिनिधिमंडल, झुके खंभे और लटके तारों को बताया हादसे की वजह
दुर्ग, 28 जून 2026। थाना अंडा क्षेत्र के ग्राम चिंगारी में खेत में काम करने के दौरान बिजली तार की चपेट में आकर जान गंवाने वाले ग्रामीण वीरेंद्र देशमुख का शनिवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के जिला सांगठनिक सचिव एस.पी. डे और वरिष्ठ नेता अशोक खातरकर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल गांव पहुंचा और दुर्घटना स्थल का निरीक्षण कर परिजनों से मुलाकात की।
माकपा नेताओं ने मृतक के परिजनों और ग्रामीणों से चर्चा कर घटना की जानकारी ली। परिजनों ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग को लंबे समय से समस्या की जानकारी होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिसके चलते यह दुखद हादसा हुआ।
डेढ़ वर्ष से झुका हुआ था बिजली का खंभा
मृतक के पुत्र जागेश्वर देशमुख और पड़ोसी अनिल साहू ने बताया कि करीब एक वर्ष आठ माह पहले बिजली का खंभा झुक गया था, जिससे विद्युत केबल खेत तक नीचे आ गया था। इसकी जानकारी कई बार बिजली विभाग को दी गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि एक माह पहले खेत की जुताई से पहले भी विभाग को खंभा सीधा करने का अनुरोध किया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों के अनुसार, मजबूरी में केबल को उठाकर बाड़ी के घेरे से बांध दिया गया था। तेज आंधी के दौरान संभवतः केबल कांटेदार तार से टकरा गया, जिससे पूरे घेरे में करंट प्रवाहित हो गया और खेत में काम कर रहे वीरेंद्र देशमुख इसकी चपेट में आ गए।

गांव में तीसरी बार हुई ऐसी घटना
ग्रामीण पीतांबर देशमुख ने बताया कि गांव में बिजली तार गिरने और करंट फैलने की यह तीसरी घटना है। करीब चार वर्ष पहले एक व्यक्ति की साइकिल पर बिजली का तार गिर गया था, जिसकी शिकायत भी विभाग से की गई थी। वहीं दो वर्ष पूर्व भी बिजली का तार टूटकर गिर गया था। उस समय विभाग ने गिलहरी द्वारा केबल काटे जाने की बात कही थी।
सुरक्षित बिजली कनेक्शन के लिए चलाया जाएगा अभियान
माकपा के जिला सांगठनिक सचिव एस.पी. डे ने कहा कि जिले के कई गांवों से बांस और बल्लियों के सहारे लिए गए अस्थायी बिजली कनेक्शनों तथा झुके हुए खंभों की शिकायतें मिल रही हैं। चिंगारी गांव की घटना में स्थायी सीमेंट पोल का झुक जाना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। साथ ही भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए बिजली विभाग को तत्काल निवारक कदम उठाने चाहिए।
माकपा ने घोषणा की है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित बिजली कनेक्शन, जर्जर खंभों और लटकते तारों की समस्या को लेकर व्यापक जनअभियान चलाया जाएगा तथा लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और बिजली विभाग पर दबाव बनाया जाएगा।

