राष्ट्रवाणी: मामले से जुड़े आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, दोनों ने 1980 के दशक के दौरान महत्वाकांक्षी सैन्य जेट इंजन कार्यक्रम शुरू किए। दोनों सोवियत और रूसी प्रौद्योगिकी पर बहुत अधिक निर्भर थे। हालाँकि, चार दशक बाद, समापन रेखा दो नाटकीय रूप से भिन्न कहानियाँ बताती है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभाग और प्रशासन स्थिति पर पैनी नज़र बनाए हुए हैं। इस घटनाक्रम से जुड़ी हर ताज़ा और सटीक अपडेट राष्ट्रवाणी अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाता रहेगा।
