राष्ट्रवाणी: रायपुर। योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, राज्य नीति आयोग, छत्तीसगढ़ शासन एवं भारतीय प्रबंधन संस्थान रायपुर (IIM Raipur) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इसका उद्देश्य सुशासन, प्रभावी नीति निर्माण, संस्थागत क्षमता विकास, साक्ष्य-आधारित निर्णय, अनुसंधान तथा सतत विकास के क्षेत्रों में अकादमिक एवं व्यावसायिक सहयोग को मजबूत करना है। योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, राज्य नीति आयोग की ओर से सचिव भुवनेश यादव एवं आईआईएम रायपुर की ओर से निदेशक-प्रभारी प्रो. संजीव पराशर ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। समझौते के तहत प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण, नीति अनुसंधान, परामर्श, डेटा एनालिटिक्स, शोध एवं दस्तावेजीकरण सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग किया जाएगा। एमओयू के अंतर्गत शासकीय अधिकारियों के लिए नेतृत्व विकास, मिड-कैरियर एग्जीक्यूटिव एवं कस्टमाइज्ड मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम आयोजित किए जा सकेंगे। इकोनोमेट्रिक्स, रिसर्च मेथडोलॉजी, डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, पब्लिक पॉलिसी, नेतृत्व एवं प्रबंधकीय कौशल जैसे क्षेत्रों में भी प्रशिक्षण दिए जाएंगे। दोनों संस्थान नीति अनुसंधान, प्रभाव आकलन, मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन, बेंचमार्किंग, संस्थागत सुदृढ़ीकरण, रणनीतिक परामर्श और डेटा आधारित निर्णय सहयोग के क्षेत्र में संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। छत्तीसगढ़ की विकास प्राथमिकताओं से जुड़े शोध, केस स्टडी, पॉलिसी ब्रीफ और शोध रिपोर्ट भी तैयार की जा सकेंगी। आईआईएम रायपुर के फैकल्टी एवं विद्यार्थियों द्वारा डेटा एनालिटिक्स आधारित लाइव प्रोजेक्ट, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, गवर्नेंस इनोवेशन एवं एप्लाइड रिसर्च किए जा सकेंगे। विद्यार्थियों को समर इंटर्नशिप, फील्ड इमर्शन, लाइव कंसल्टिंग, एक्शन रिसर्च एवं कैपस्टोन प्रोजेक्ट के माध्यम से शासकीय योजनाओं और विकास कार्यक्रमों के साथ व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा। एमओयू के तहत संयुक्त कॉन्फ्रेंस, सेमिनार, पॉलिसी डायलॉग, स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन एवं राउंडटेबल आयोजित किए जाएंगे। आईआईएम रायपुर के विशेषज्ञों, शासकीय अधिकारियों एवं विषय विशेषज्ञों की प्रशिक्षण, शोध एवं परामर्श गतिविधियों में सहभागिता होगी। लागू नियमों के अधीन अकादमिक संसाधन, शोध प्रकाशन, डेटाबेस, गैर-गोपनीय डेटा एवं तकनीकी विशेषज्ञता भी साझा की जा सकेगी। यह समझौता छत्तीसगढ़ में नीति निर्माण एवं शासन व्यवस्था को अधिक डेटा-आधारित, शोधपरक और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। आईआईएम रायपुर की अकादमिक विशेषज्ञता और राज्य नीति आयोग एवं योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की नीतिगत समझ के समन्वय से राज्य की विकास प्राथमिकताओं पर अनुसंधान, नवाचार एवं प्रभावी नीति सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है।
Trending
- केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए केंद्र ने महंगाई भत्ता बढ़ाकर 63% किया; 3% वृद्धि 1 जुलाई से प्रभावी – भारतीय पीएसयू
- कोयला खदानों, बिजली संयंत्रों, इस्पात संयंत्रों, बंदरगाहों और हवाई अड्डों पर सुरक्षा मजबूत करने के लिए सीआईएसएफ का पुनर्गठन – भारतीय पीएसयू
- भारतीय पीएसयू – बीआईडीयू की बैठक में बोकारो स्टील प्लांट के कर्मचारियों ने सुरक्षा, कल्याण और करियर संबंधी मांगें उठाईं
- घाव हरा-भरा, पोर्टल पर ‘क्लोज’ का ठप्पा, छत्तीसगढ़ में सीएम हेल्पलाइन शिकायतों को फर्जी तरीके से बंद करने पर अफसरों को चेतावनी – राष्ट्रवाणी
- सूरजपुर: में घर में घुसे नकाबपोशों ने बच्ची के गले पर चाकू अड़ाकर शिक्षक के घर से डेढ़ लाख रुपये लूटे – राष्ट्रवाणी
- सूरजपुर: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में पागल कुत्ते के काटने के बाद झोलाछाप ने लगा दिए टांके, साढ़े तीन साल के मासूम की मौत – राष्ट्रवाणी
- छत्तीसगढ़ में बीपीटी की खाली 36 सीटों पर होगा दाखिला, स्ट्रे वैकेंसी राउंड की प्रक्रिया शुरू – राष्ट्रवाणी
- एनएलएमसी ने नीलामी से 35 आरआईएनएल प्लॉट वापस ले लिए, बोली लगाने की समय सीमा 1 नवंबर तक बढ़ा दी – भारतीय पीएसयू

