राष्ट्रवाणी: वोडाफोन आइडिया (Vi) अगले दशक के पूंजीगत खर्च के लिए ₹35,000 करोड़ का 10-वर्षीय टर्म लोन लेने की योजना बना …और पढ़ें वोडाफोन आइडिया ₹35,000 करोड़ का 10-वर्षीय लोन लेगी SBI ने ₹7,000 करोड़ के लोन प्रस्ताव को मंजूरी दी है लोन के लिए SBI ने कुछ महत्वपूर्ण शर्तें रखी हैं बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली।
वोडाफोन आइडिया (Vi) एक नया बड़ा लोन लेने की योजना बना रही है। इस टेलीकॉम कंपनी का प्लान ₹35000 करोड़ का 10 साल का टर्म लोन का है। इसके लिए ये 8 से 10 लेंडर्स (कर्ज देने वालों) का एक ग्रुप बना रही है।
दरअसल आदित्य बिड़ला ग्रुप की कंपनी अगले दशक में कैपिटल एक्सपेंडिचर (पूंजीगत खर्च) के लिए फंड जुटाने की तैयारी कर रही है।देश के सबसे बड़े बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने कुल लोन का लगभग 20% हिस्सा (संभवतः ₹7,000 करोड़) देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। बाकी लोन दूसरे पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर के लेंडर्स से लिया जा सकता है।
इसमें हर लेंडर कम से कम ₹1,500 करोड़ देगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार SBI ने एक इंटरनल असेसमेंट किया है, जिसके मुताबिक लगभग ₹35,000 करोड़ के लोन की जरूरत है। अब कंपनी दूसरे लेंडर्स को शामिल करेगी।
कंपनी को अपनी सर्विस को अपग्रेड करने के लिए कुल ₹60,000 करोड़ की जरूरत होगी, जिसका मतलब है कि इसमें से कुछ हिस्सा बाद में इंटरनल अक्रूअल (कंपनी की अपनी कमाई) या इक्विटी इन्फ्यूजन (इक्विटी के जरिए फंड जुटाने) से आएगा। SBI ने इस लोन के लिए कुछ शर्तें रखी हैं। एक शर्त ये है कि अगर बैंक लोन की रकम से ज्यादा इन्वेस्टमेंट में अगर कोई कमी आती है, तो उसे कंपनी ही संभालेगी।
मई 2026 में Vi के चेयरमैन के तौर पर वापसी करने वाले कुमार मंगलम बिड़ला को लोन की अवधि के दौरान भी कंपनी का चेयरमैन बने रहना होगा। इतना ही नहीं एसबीआई कंपनी के कैश फ्लो पर नजर रखेगा और सारा पैसा उनके अकाउंट में ही आएगा। एक शर्त यह भी है कि आदित्य बिड़ला ग्रुप को अपने वारंट और राइट्स को कन्वर्ट करने के बाद भी कंपनी में अपनी इक्विटी हिस्सेदारी बनाए रखनी होगी।
एक कंपनी से कम्फर्ट गारंटी मिलने की बात भी शामिल है। रिपोर्ट्स के अनुसार पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया जैसे अन्य बड़े पब्लिक सेक्टर बैंक भी कंपनी के संपर्क में हैं और SBI के बाद उनके भी लोन देने की योजना में शामिल होने की संभावना है।ICICI और HDFC जैसे बड़े प्राइवेट सेक्टर बैंक भी संपर्क में हैं।
लोन की रूपरेखा अक्टूबर के मध्य तक तैयार हो सकती है।

