राष्ट्रवाणी: NPCI ने ₹2000 से अधिक के UPI लेनदेन पर MDR फ्रेमवर्क लागू किया है, जिससे पेट्रोल पंपों पर ₹2000 से ऊपर के फ्यूल भुगतान पर फ्लैट चार्ज लगेगा। पेट्रोल पंप के लिए भी यूपीआई पेमेंट का नया नियम लागू ₹2000 से अधिक के UPI लेनदेन पर NPCI ने MDR लागू किया। पेट्रोल पंपों पर ₹2000 से ऊपर के फ्यूल भुगतान पर ₹5 MDR।
आम उपभोक्ताओं को अभी पेट्रोल-डीजल पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं। बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| NPCI ने UPI मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) फ्रेमवर्क लागू किया है। जिसके बाद से ₹2000 से अधिक के ट्रांजैक्शन पर चार्ज देना होगा।
इस एलान के बाद एक नई बहस शुरू हो गई है, साथ ही इसको लेकर कई तरह की कन्फ्यूजन भी है। अधिकांश लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि किसे और कहां-कहां UPI Payment पर एक्स्ट्रा चार्ज देना होगा? NPCI ने FAQs जारी कर उन तमाम सवालों के जवाब दिए हैं जिससे नए नियम को लेकर आम उपभोक्ताओं के मन में सवाल उठ रहे हैं।
इसमें पेट्रोल पंपों के लिए भी नियम जारी किए गए हैं, जहां ₹2000 से अधिक का फ्यूल भरवाने पर चार्ज लागू है। पेट्रोल पंपों पर भी बड़ी संख्या में ग्राहक UPI के जरिए भुगतान करते हैं। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल है कि पेट्रोल-डीजल खरीदने पर UPI भुगतान के दौरान MDR (Merchant डिस्काउंट Rate) कैसे लागू होता है।
जानकारी के मुताबिक, पेट्रोल पंपों पर ईंधन खरीद के लिए UPI से किए गए ₹2,000 से अधिक के भुगतान पर ₹5 का फ्लैट MDR लागू होता है। यह रियायती चार्ज व्यवस्था विशेष रूप से पेट्रोल पंप संचालकों को बड़े लेनदेन पर अधिक प्रोसेसिंग शुल्क के बोझ से बचाने के लिए बनाई गई है। वहीं, 2,000 रुपये तक के ईंधन भुगतान पर MDR शून्य (0%) रहेगा।
इसका मतलब है कि रोजाना पेट्रोल या डीजल भरवाने वाले अधिकांश उपभोक्ताओं को किसी तरह का अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। इससे छोटे और मध्यम मूल्य के डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। नई व्यवस्था के तहत ₹2,000 से अधिक के UPI फ्यूल पेमेंट पर चार्ज को प्रतिशत के बजाय ₹5 की निश्चित राशि तक सीमित रखा गया है।
इससे बड़े टैंक रिफिल या कॉमर्शियल व्हीकलों की फ्यूलिंग के दौरान पेट्रोल पंप संचालकों को अधिक MDR नहीं देना पड़ेगा। ₹2000 से अधिक का फ्यूल भरवाने पर पेट्रोल पंप संचालकों को MDR देना होगा, अब सवाल ये है कि इससे आम लोगों की जेब पर क्या असर देखने को मिलेगा? बता दें फिलहाल आम उपभोक्ताओं को फ्यूल भरवाने पर किसी तरह का एक्स्ट्रा चार्ज नहीं देना होगा।
लेकिन भविष्य में यदि संचालकों पर दबाव बढ़ता है तो वे इसके लिए आम उपभोक्ताओं से भुगतान के लिए कह सकते हैं, फिलहाल आम लोगों के लिए पूरी तरह की छूट है।

