राष्ट्रवाणी: आज के समय में ज्यादातर लोग फ्लैट या अपार्टमेंट ही खरीद रहे हैं। जबकि पहले समय में लोग जमीन से …और पढ़ें फ्लैट की बिल्डिंग होगी पुरानी तो कौन उठाएगा खर्च? इमारतों की सुरक्षित उम्र 60 से 100 साल मानी जाती है।
जर्जर होने पर पुनर्निर्माण का खर्च सभी फ्लैट मालिक मिलकर उठाते हैं। मालिक न होने पर वर्तमान वारिस को खर्च उठाना पड़ता है। बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: हर इंसान अपनी जिंदगी भर की गाढ़ी कमाई लगाकर एक फ्लैट खरीदते हैं।
हम यह सोचकर फ्लैट खरीदते हैं कि यह पुश्तैनी संपत्ति बना जाएगा और आने वाली पीढ़ियो के काम आएगा। लेकिन सच्चाई यह है कि ईंट, सीमेंट और सरिये से बनी किसी भी इमारत (building) की एक उम्र होती है। आमतौर पर एक कंक्रीट बिल्डिंग की सुरक्षित उम्र 60 से 100 साल मानी जाती है।
अक्सर हम देखते हैं कि कई जगहों पर पुराने फ्लैट खराब स्थिति में होते हैं। बता दें कि आपकी फ्लैट बिल्डिंग भी एक समय बाद खराब और जर्जर हो सकती है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि 100 साल बाद जब वह इमारत जर्जर हो जाएगी और रहने लायक नहीं बचेगी, तब क्या होगा?
क्या आपको अपना फ्लैट खोना पड़ेगा? और अगर नई बिल्डिंग बनेगी, तो उसका खर्च कौन उठाएगा? अपना घर हो तो सारी जिम्मेदारी घर के मालिक की।
पर फ्लैट में कोई एक मालिक नहीं होता और इसीलिए ये सवाल उठता है। आपको पता ही होगा कि फ्लैट या अपार्टमेंट में छोटी-मोटी रिपेयर की बात आए तो फ्लैट का मालिक यानी ओनर ही करा देता है। लेकिन कुछ मामलों में ये जिम्मेदारी बिल्डर की भी होती है।
जब पूरी बिल्डिंग के रिकंस्ट्रक्शन की बात आती हो को ये काम सिर्फ एक इंसान का नहीं है। बता दें कि जिस बिल्डिंग में आप रह रहे हैं उसके कमजोर या जर्जर हो जाने पर अगर उसे तोड़कर बनावाया जा रहा है तो बनवाने का पूरा खर्च फ्लैट-अपार्टमेंट के सारे मालिक मिलकर उठाते हैं। 100 साल बाद या तब जब फ्लैट वाली बिल्डिंग को तोड़कर बनवाने की नौबत आ जाए और किसी फ्लैट या अपार्टमेंट का मालिक जीवित ही न हो तो क्या होगा?
उस स्थिति में जिस व्यक्ति के पास फ्लैट होगा, उसे खर्चा उठाना होगा। यानी ओनर के बाद फ्लैट बेटे के पास है तो उसे खर्च उठाना पड़ेगा।

