राष्ट्रवाणी: प्रतिनिधि, बिलासपुर: शिक्षक भर्ती से जुड़े विवाद में हाई कोर्ट ने 64 अभ्यर्थियों को संबंधित प्राधिकारी के समक्ष अपना पक्ष रखने की अनुमति दी है। जस्टिस पार्थ प्रीतम साहू और जस्टिस सुषमा सावंत की डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के 20 अगस्त 2026 के आदेश के खिलाफ दायर अपील का निराकरण करते हुए कहा कि अभ्यर्थी प्रतिनिधित्व प्रस्तुत कर सकते हैं और प्राधिकारी उस पर शीघ्र विचार करे।
कोर्ट ने यह भी कहा कि भर्ती का विज्ञापन पहले ही जारी हो चुका है, इसलिए इस तथ्य को ध्यान में रखा जाए। बेलगहना निवासी आलोक कुमार घोष, रामानुजगंज निवासी विष्णु दित्य राज, अंबिकापुर निवासी विशाल त्रिपाठी, रायगढ़ के कपु निवासी रित्विक शर्मा समेत 64 अभ्यर्थियों ने याचिका में सिंगल बेंच द्वारा पारित आदेश के बाद अंतर-न्यायालय अपील दायर की थी।
अपील में स्कूल शिक्षा विभाग, लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन बोर्ड और परीक्षा नियंत्रक को प्रतिवादी बनाया गया। सुनवाई के दौरान अभ्यर्थियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी और अधिवक्ता अपूर्वा पांडे उपस्थित हुए। राज्य की ओर से उप महाधिवक्ता अनुजा शर्मा तथा कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से अधिवक्ता अविनाश सिंह ने पक्ष रखा।
राज्य ने सिंगल बेंच के आदेश का समर्थन किया, लेकिन अभ्यावेदन देने की स्वतंत्रता की मांग पर कोई आपत्ति नहीं जताई। डिवीजन बेंच ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपील का निराकरण कर दिया और अभ्यर्थियों को संबंधित प्राधिकारी के समक्ष प्रतिनिधित्व प्रस्तुत करने की स्वतंत्रता दी।
