राष्ट्रवाणी: प्रतिनिधि, बिलासपुरः शासन और प्रशासन के सामने न्याय की आस लेकर पहुंचने वाले ग्रामीणों की शिकायतों पर मैदानी स्तर पर किस कदर अनदेखी हो रही है, इसका उदाहरण ग्राम नवागांव मोहदा के मामले में सोमवार को सामने आया है। रतनपुर थाना क्षेत्र निवासी संतोष कुमार साहू (57) बीते पांच महीनों में तीन बार कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर सामाजिक बहिष्कार की लिखित शिकायत दर्ज करा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
पीड़ित के अनुसार, मार्च 2023 में नवधा रामायण के चंदे को लेकर गांव के कुछ लोग पहुंचे और ढाई हजार की मांग की माली हालत ठीक न होने की वजह से वे चंदा नहीं दे पाए थे। उन्होंने बताया उस दौरान उन्हें बीमारी और आर्थिक तंगी के चलते चंदा न दे पाने पर ग्रामीणों ने उनका और उनके परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया।
बात करने वालों पर 2500 रुपये का अर्थदंड लगाया गया और खेत जुताई तक रोक दी गई। रतनपुर थाने में शिकायत के बाद जब कोई कदम नहीं उठाया गया, तो पीड़ित ने 13 जुलाई को पुलिस अधीक्षक और 28 जुलाई को कलेक्टर जनदर्शन में न्याय की गुहार लगाई। इसके बावजूद गांव के दबंग खुलेआम धमकियां दे रहे हैं और इंटरनेट मीडिया पर आपत्तिजनक संदेश प्रसारित कर प्रताड़ित कर रहे हैं।
सीएम हेल्पलाइन और आरटीआई के जरिए जानकारी मांगने के बाद भी जांच रिपोर्ट ठंडे बस्ते में है। पांच माह से न्याय के लिए भटक रहे पीड़ित ने अब जिला प्रशासन से मामले में तत्काल आपराधिक प्रकरण दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
