राष्ट्रवाणी: Public Holiday Declared for Agrasen Jayanti in Chhattisgarh || Image- IBC24 News File मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम के दौरान अग्रवाल समाज की सामाजिक और सेवा गतिविधियों की सराहना की। इस दौरान उन्होंने अग्रसेन जयंती के अवसर पर छुट्टी की घोषणा भी की।
घोषणा के बाद कार्यक्रम में मौजूद अग्रवाल समाज के लोगों में उत्साह देखने को मिला। Agrasen Jayanti Public Holiday Declared in Chhattisgarh: बता दें कि, अग्र महाकुंभ का उद्देश्य समाज के लोगों को एक मंच पर लाकर सेवा, संगठन, संस्कार और सामाजिक सहभागिता से जुड़े विषयों पर चर्चा करना है। आयोजन में प्रदेशभर से अग्र समाज के लोग हिस्सा ले रहे हैं।
कार्यक्रम के पहले दिन युवा अधिवेशन आयोजित किया गया। इसमें युवा शक्ति, नेतृत्व, उद्यमिता और समाज निर्माण में युवाओं की भूमिका जैसे विषयों पर चर्चा की गई। युवाओं को सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने और समाज के विकास में उनकी भागीदारी बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श हुआ।
बता दें कि, अग्र महाकुंभ के दौरान शाम को सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा। इसमें अंबिकापुर की महिलाओं और बच्चों की ओर से विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। कार्यक्रम में समाज के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित भी किया जाएगा।
अंबिकापुर में आयोजित यह महाकुंभ अगले दो दिनों तक चलेगा। IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे Instagram Page को Follow करें ‘अग्र महाकुंभ 2026’ कार्यक्रम, होटल ग्रैंड बसंत, अंबिकापुर — Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) September 19, 2026 महाराजा अग्रसेन जी के सामाजिक समरसता, सेवा, और करुणा के आदर्शों के अनुरूप अग्रवाल समाज शिक्षा, समाजसेवा और जनकल्याण के क्षेत्र में निरंतर योगदान दे रहा है।
अंबिकापुर में आज अग्रवाल समाज द्वारा आयोजित ‘अग्र महाकुंभ-2026’ के उद्घाटन सत्र में सम्मिलित होकर समाज के वरिष्ठजनों के साथ… pic.twitter.com/rGfKaECEwW उत्तर प्रदेश में नौकरी, निवेश और रोजगार केवल अखबारों में दिख रहा : अखिलेश यादव एच-1बी वीजा आवेदनों की कड़ी निगरानी का स्वागत है लेकिन अमेरिकी नवोन्मेष की कीमत पर नहीं: एफआईआईडीएस अव्यवस्थित तैयारियों के बीच नागोया में एशियाई खेलों का आगाज हत्या और दंगा मामलों में गिरफ्तार कांग्रेस के नंदीग्राम उम्मीदवार को अदालत में पेश किया जाएगा मात्र 150 रुपये के अनुदान से राष्ट्रीय चर्चा का केंद्र बनने तक का डूसू का इतिहास
