राष्ट्रवाणी: प्रतीक पटनायक, धमतरी। शहर के विवेकानंद नगर वार्ड स्थित अटल आवास में रविवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब करीब 20 साल पुराने मकान की छत का प्लास्टर अचानक भरभराकर नीचे आ गिरा। हादसे में एक युवक घायल हो गया, जबकि परिवार के अन्य सदस्य बाल-बाल बच गए।
बताया जा रहा है कि प्लास्टर गिरने के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। मलबे की चपेट में आने से युवक के पैर में चोट आई है और उसका उपचार कराया गया है। गनीमत रही कि हादसे के वक्त परिवार के अन्य सदस्य इसकी चपेट में नहीं आए।
स्थानीय रहवासियों के मुताबिक, विवेकानंद नगर के इस अटल आवास में करीब 100 परिवार यानी 300 से अधिक लोग अपनी ज़िंदगी दांव पर लगाकर रहते हैं। रहवासियों का आरोप है कि इमारत खंडहर में तब्दील हो चुकी है। कई जगह दीवारों में दरारें आ चुकी हैं और छतों का प्लास्टर लगातार गिर रहा है।
लोगों का कहना है कि जर्जर भवन को लेकर नगर निगम से कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला है। ऐसे में रहवासी हर समय किसी बड़े हादसे की आशंका के बीच रहने को मजबूर हैं। हादसे के बाद वार्ड पार्षद के कथित बयान को लेकर भी रहवासियों में नाराजगी है।
पार्षद की ओर से मामले में ज्यादा नुकसान नहीं होने की बात कही गई। वहीं पार्षद का एक अन्य दावा है कि कुछ रहवासी जगह खाली करने को तैयार नहीं हैं, जिसके कारण काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। दूसरी ओर रहवासियों का कहना है कि उनके पास रहने के लिए दूसरा सुरक्षित ठिकाना नहीं है।
सवाल ये है जब छतें सिर पर गिर रही हों, तो अवाम जाए कहां? क्या किसी बड़ी जानलेवा वारदात का इंतज़ार किया जा रहा है? क्या निगम की नींद तब टूटेगी जब मलबे से लाशें निकलेंगी?
धमतरी नगर निगम को अब जवाब देना होगा कि ये जर्जर अटल आवास कब तक मौत का साया बने रहेंगे ?

