राष्ट्रवाणी: प्रतिनिधि, रायपुर। अटारी का नंदनवन अब केवल सैर-सपाटे का केंद्र नहीं रहेगा, करीब 50 करोड़ रुपये से इसे परिवार और पर्यटकों के लिए आधुनिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है। यह परियोजना सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर प्रस्तावित है।
इसमें बॉटनिकल गार्डन का पुनर्विकास करने के साथ पर्यटकों के लिए नई सुविधाएं और मनोरंजन गतिविधियां विकसित की जाएंगी। नंदनवन पुनर्विकास प्रस्ताव का मंत्रालय में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रस्तुतिकरण किया गया। नंदनवन पीपीपी समिति ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
अब परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होगी। परियोजना के तहत बॉटनिकल गार्डन को नए स्वरूप में विकसित किया जाएगा। लैंडस्केपिंग और पर्यटक सुविधाओं को बेहतर करने के साथ प्राकृतिक वातावरण और पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखा जाएगा।
परिसर में परिवार और बच्चों के लिए नए आकर्षण भी जोड़े जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार पुनर्विकास का उद्देश्य नंदनवन के प्राकृतिक स्वरूप को बनाए रखते हुए पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं देना है। नंदनवन को रायपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में नए स्वरूप के साथ विकसित करने की योजना है।
योजना में कैफेटेरिया या फूड कोर्ट, स्वच्छ शौचालय, पेयजल, पार्किंग, शेड और बेंच जैसी सुविधाएं शामिल हैं। दिव्यांगों के लिए सुगम रास्ते और परिसर में आवागमन के लिए ई-कार्ट या बैटरी वाहन की सुविधा भी प्रस्तावित है। इससे बुजुर्गों और बच्चों को पूरे परिसर में घूमने में आसानी होगी।
रायपुर के नजदीक स्थित नंदनवन अब पक्षी विहार के रूप में नई पहचान बना रहा है। यहां देशी और विदेशी प्रजातियों के हजारों पक्षी मौजूद हैं। पक्षियों की विविध प्रजातियां पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई हैं।
नंदनवन में पहले बाघ, शेर, भालू और तेंदुआ सहित कई वन्यजीव भी रखे जाते थे। बाद में इन वन्यजीवों को नवा रायपुर स्थित जंगल सफारी में शिफ्ट कर दिया गया। इसके बाद नंदनवन का फोकस पक्षियों और हरित क्षेत्र के विकास पर अधिक हो गया है।
अब यहां पक्षी विहार को पर्यटन गतिविधियों के साथ विकसित करने की तैयारी है। नंदनवन का कुल क्षेत्रफल 50 एकड़ है।

