राष्ट्रवाणी: गूगल ने स्टूडेंट्स की पढ़ाई को आसान बनाने और टेस्ट्स की तैयारी में मदद करने के लिए गूगल Chrome में …और पढ़ें गूगल Chrome में जुड़े स्टूडेंट्स के लिए नए फीचर्स। टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। गूगल ने स्टूडेंट्स के लिए तीन नए Chrome फीचर्स पेश किए हैं, जिन्हें पढ़ाई का लोड मैनेज करने, टेस्ट्स की तैयारी करने और अलग-अलग डिवाइसेज पर काम जारी रखने में मदद के लिए डिजाइन किया गया है।
ये अपडेट Chrome में Gemini को ज्यादा तरह के ऑडियो और वीडियो एनालाइज करने की ताकत देता है, ओपन टैब्स के कंटेंट से इंटरैक्टिव क्विज बनाता है और कंप्यूटर और फोन के बीच टैब ट्रांसफर को बेहतर बनाता है। अब जब कोई टैब एक डिवाइस से दूसरे पर भेजा जाएगा, तो Chrome उसकी स्क्रॉल पॉजिशन और आधा भरा हुआ फॉर्म का डेटा भी वैसा ही रखेगा।
इसके साथ ही गूगल कुछ पहले से मौजूद Chrome टूल्स को भी हाइलाइट कर रहा है जो स्टडी मटेरियल को ऑर्गनाइज करने और पढ़ने में मदद करते हैं। गूगल ने एक ब्लॉग पोस्ट में बताया कि डेस्कटॉप पर Chrome में Gemini अब केवल YouTube ही नहीं, बल्कि उससे आगे भी ऑडियो और वीडियो कंटेंट को एनालाइज कर सकता है।
स्टूडेंट्स इस फीचर का इस्तेमाल पॉडकास्ट्स, दूसरी वेबसाइट्स के वीडियो और लेक्चर रिकॉर्डिंग्स के साथ कर सकते हैं। कंटेंट प्ले होने के बाद, Gemini उसमें से खास जानकारी ढूंढ सकता है, जरूरी पॉइंट्स को हाइलाइट कर सकता है और समझने में मुश्किल सेक्शन्स को आसान भाषा में समझा सकता है। Chrome अब किसी भी ओपन टैब के कंटेंट से सीधे इंटरैक्टिव क्विज भी तैयार कर सकता है।
ये नोट्स वाले गूगल Docs, रिसर्च पेपर्स और लेक्चर वीडियोज जैसे सोर्सेज के साथ काम करता है। Chrome उस मटेरियल से जरूरी कॉन्सेप्ट्स की पहचान करता है और सवाल बनाता है, जिससे स्टूडेंट्स अपनी तैयारी और समझ को टेस्ट कर सकें। ये फीचर अमेरिका और भारत में डेस्कटॉप पर अंग्रेजी भाषा में रोलआउट किया जा रहा है, जबकि बाकी रीजन्स और मोबाइल डिवाइसेज के लिए सपोर्ट आने वाले महीनों में प्लान किया गया है।
कोर्सवर्क को ऑर्गनाइज रखने के लिए भी Chrome में कई टूल्स दिए गए हैं। Tab Groups के जरिए अलग-अलग कोर्सेज या प्रोजेक्ट्स के हिसाब से पेजेस को अलग-अलग रखा जा सकता है और यूजर्स टैब्स को हॉरिजॉन्टल या वर्टिकल तरीके से अरेंज कर सकते हैं। Split View से वे एक साथ दो पेजेस को अगल-बगल खोलकर रख सकते हैं, जैसे एक तरफ रेफरेंस मटेरियल और दूसरी तरफ असाइनमेंट।
पेयर किए गए टैब्स आपस में जुड़े रहते हैं, इसलिए किसी दूसरे काम पर जाने या ब्रेक लेने के बाद यूजर्स सीधे उसी साइड-बाई-साइड वर्कस्पेस पर वापस लौट सकते हैं। गूगल डिवाइसेज के बीच टैब शेयरिंग को भी अपडेट कर रहा है। जब यूजर्स किसी टैब को लैपटॉप से फोन पर या फोन से लैपटॉप पर भेजते हैं, तो Chrome उसकी मौजूदा स्थिति को बनाए रखता है।
इसमें ठीक वही स्क्रॉल पॉजिशन और आधे भरे हुए फॉर्म्स में डाली गई जानकारी शामिल रहती है, जिससे यूज़र्स दूसरे डिवाइस पर भी अपना काम बिल्कुल उसी जगह से शुरू कर सकें। Chrome के रीडिंग टूल्स ऑनलाइन मटेरियल पढ़ने के लिए और भी ऑप्शन्स देते हैं। Immersive Reading मोड वेबसाइट्स से विजुअल क्लटर हटा देता है, साथ ही यूजर्स फॉन्ट, लेटर स्पेसिंग और कंट्रास्ट बदल सकते हैं।
Chrome वेब पेजेस को बोलकर भी सुना सकता है, जबकि इसका Android एआई प्लेबैक फीचर उन्हें पॉडकास्ट जैसी बातचीत में बदल सकता है।

