राष्ट्रवाणी: दुनिया के कई देशों में ऐसे अनोखे नियम और रीति-रिवाज हैं जो हैरान-परेशान कर सकते हैं। देश-दुनिया के अनोखे नियम (Image Source: एआई Generated) जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हर किसी का सपना होता है कि वो एक दिन दुनिया घूमे, कुछ लोग अपने इस सपने को पूरा भी कर पाते हैं।
लेकिन कई बार दूसरे देशों के रहन-सहन के तरीके और वहां के नियम इतने अनोखे होते हैं कि हम हैरान-परेशान हो जाते हैं। सोचने लगते हैं कि इससे अच्छा तो अपना भारत ही है, आइए आपको देश-दुनिया की इन्हीं अजब-गजब बातों के बारे में बताएं। अगर आपको हर समय च्युइंग गम खाने की आदत है और आप सिंगापुर जाने का मन बना रहे हैं, तो यह आदत आप पर भारी पड़ सकती है।
ऐसा इसलिए क्योंकि इस देश में च्युइंग गम की बिक्री, आयात और इसे बनाए जाने पर साल 1992 से ही बैन है। भारत में ऑफिस में सोना जहां तक प्रोफेशनल एटिकेट्स के हिसाब से खराब माना जाता है, वहीं जापान में ऐसा करना अच्छी बात मानी जाती है। बताते चलें कि जापान की संस्कृति में झपकी लेने को ‘इनेमुरी’ कहते हैं, जो एक परंपरा के तरह ही फॉलो होती है।
जापानी लोगों के नजरिए से ऑफिस में सोना बताता है कि व्यक्ति ने अपनी नींद को एक तरफ रखकर पूरी मेहनत के साथ काम किया था। आपको जानकार हैरानी होगी कि फ्रांस में एक ऐसा कानून है, जिसके मुताबिक कोई महिला या पुरुष पार्टनर के मरने के बाद भी उससे शादी कर सकता है। इसे वहां मैरिज पोस्ट्यूम कहा जाता हैं।
हालांकि ऐसा करने के कुछ नियम हैं, जिनका पालन किया जाना जरूरी है। जिस तरह से इंडिया में अरेंज मैरिज को आज भी प्राथमिकता दी जाती है, चीन भी इन रीतियों को मानता है। दिलचस्प बात यह है कि बस उनका तरीका थोड़ा अलग है क्योंकि वहां पार्कों में मैरिज मार्केट लगती है।
इनमें शंघाई की मैरिज मार्केट ज्यादा फेमस है। जर्मनी के मशहूर हाईवे नेटवर्क ‘ऑटोबान’ में अगर आप गाड़ी चला रहे हैं, तो आपको सबसे पहले यह ध्यान रखना होगा कि फ्यूल पर्याप्त है या नहीं। यहां हाइवे पर फ्यूल खत्म होने पर सजा के तौर पर भारी जुर्माना लगता है।
नॉर्वे समेत बाकी सभी नॉर्डिक देशों में एक प्रथा बड़ी प्रचलित है, जिसमें कड़ाके की जीरो डिग्री की ठंड में पेरेंट्स को अपने नवजात शिशु को स्ट्रोलर में बाहर सुलाना होता है। ऐसा करने के पीछे उनका उद्देश्य बच्चों की इम्युनिटी मजबूत करना होता है। अफ्रीका के देश घाना में जब व्यक्ति मरता है, तो लोग उसके पेशे या पसंद के आधार पर उसका कफन तैयार करते हैं, जैसे-किसान के लिए सब्जी या अनाज के आकार का कफन।
इसे वहां की स्थानीय भाषा में “अबेबू अदेकाई” और अंग्रेजी में फैंटेसी कॉफिन्स कहा जाता है। नॉर्थ कोरिया में नागरिकों को अपनी मर्जी से बाल कटवाने या हेयरस्टाइल रखने की आदत नहीं है। कहा जाता है कि इस देश में करीब 15 से 28 तयशुदा हेयरस्टाइल्स को ही सरकार से मंजूरी मिली हुई है।

