राष्ट्रवाणी: राज्य ब्यूरो,,रायपुर। सीजीपीएससी भर्ती परीक्षा-2021 घोटाले के मुख्य आरोपित टामन सिंह सोनवानी की आंबेडकर अस्पताल में वीआईपी आवभगत का वीडियो प्रसारित होने के बाद जेल मुख्यालय बचाव की मुद्रा में आ गया है। मामले में सोनवानी की सुरक्षा में तैनात तीन जेल प्रहरियों को बर्खास्त कर दिया गया है।
अब जेल से इलाज, प्रशासनिक या न्यायालयीन कार्यों के लिए बाहर ले जाए जाने वाले विचाराधीन, दंडित और अन्य बंदियों की सुरक्षा को लेकर जेल मुख्यालय एवं सुधारात्मक सेवाएं की ओर से नए निर्देश जारी किए हैं। ऐसे बंदियों को बाहर भेजते समय जेल स्टाफ के साथ सहायक जेल अधीक्षक अथवा उससे वरिष्ठ रैंक का अधिकारी भी अनिवार्य रूप से साथ जाएगा।
इसके अलावा सुरक्षा ड्यूटी में तैनात जेलकर्मी बाॅडी-वार्न कैमरा पहनेंगे। मुख्यालय ने सभी जेल अधीक्षकों को इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा है। डीजी जेल हिमांशु गुप्ता ने गुरुवार एक अक्टूबर को जारी पत्र में कहा गया है कि विचाराधीन, दंडित अथवा अन्य बंदियों को यदि प्रशासनिक, न्यायालयीन, चिकित्सा या अन्य कारणों से जेल परिसर से बाहर भेजा जाता है तो सुरक्षा स्टाफ के साथ जेल में उपलब्धता के अनुसार सहायक जेल अधीक्षक या वरिष्ठ रैंक के अधिकारी को भी भेजा जाए।
निर्देश में सुरक्षा स्टाॅफ को अन्य जिम्मेदारियों के साथ बाडी-वाॅर्न कैमरा धारण करने के लिए भी कहा गया है। इससे बंदी को जेल से बाहर ले जाने और वापस लाने के दौरान होने वाली गतिविधियों की रिकार्डिंग की जा सकेगी। माना जा रहा है कि इससे सुरक्षा व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ेगी और बंदियों की निगरानी भी अधिक प्रभावी तरीके से हो सकेगी।
जेल मुख्यालय ने पुलिस सुरक्षा के साथ विचाराधीन, दंडित या अन्य बंदियों को जेल से बाहर भेजे जाने वाले मामलों में जेल अधीक्षक को संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक से समन्वय कर निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। यानी अस्पताल अथवा अन्य स्थान पर ले जाते समय जेल और पुलिस प्रशासन के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बेहतर तालमेल सुनिश्चित किया जाएगा।
ये निर्देश सभी जेल अधीक्षकों को भेजे गए हैं और बंदियों को जेल से बाहर ले जाने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दिया गया है।

