राष्ट्रवाणी: राधिका मदान का बॉलीवुड में आउटसाइडर होने पर दर्द छलका है। एक्ट्रेस ने कहा कि हर दिन उनके लिए फिल्मों …और पढ़ें राधिका मदान को आउडसाइडर होने का सताता है डर/ फोटो-इंस्टाग्राम राधिका मदान को सताता है आउटसाइडर होने का डर एक्ट्रेस बोलीं-एक गलती भी दूसरा मौका नहीं मिलने देती है यह डर उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है एंटरटेनमेंट ब्यूरो, मुंबई।
कुछ डर ऐसे होते हैं, जिन पर काबू पाया जा सकता है, लेकिन कुछ ऐसे होते हैं, जो समय के साथ बढ़ते जाते हैं। पटाखा और अंग्रेजी मीडियम समेत कई फिल्में कर चुकी राधिका मदान के लिए आज भी आउटसाइडर होने का डर सबसे बड़ा है। आज के दौर में कलाकारों के लिए क्या सबसे चुनौतीपूर्ण है, इस सवाल का जवाब देते हुए राधिका ने कहा, “कई लोग अभिनय को कठिन मानते हैं, लेकिन मेरे लिए वह चुनौतीपूर्ण नहीं है।
अगर सही तरह की स्क्रिप्ट आपको ऑफर हो रही हैं। मेरी दिक्कत आउटसाइडर वाली है, जो उनके साथ होता है। मन में एक डर हमेशा रहता है कि मैं अपने काम के साथ कोई गड़बड़ तो नहीं कर रही हूं, क्योंकि फिर मुझे दूसरा मौका नहीं मिलेगा।” राधिका ने अपने डर के बारे में बात करते हुए आगे कहा, “हर परफार्मेंस पर मुझे चौका और छक्का ही मारना होगा।
मेरा यहां कोई नहीं बैठा है, जो मुझे संभाल लेगा। अगर मैंने दो-तीन फिल्मों में मध्यम स्तर की परफार्मेंस दे दी तो कोई यह बोलने वाला नहीं है कि बेटा कोई बात नहीं, एक और मौका देता हूं, अच्छा कर रही हो, बेहतर हो जाओगी। यही डर मेरे भीतर से नहीं जा रहा है।” राधिका मदान ने आगे कहा, “हालांकि, यही डर मुझे बेहतर परफॉर्म करने के लिए प्रेरित भी करता है।
मैं कड़ी मेहनत कर रही हूं, ताकि अच्छा काम ही करूं, लेकिन फिलहाल यह समझ नहीं आ रहा है कि इस डर पर कैसे काबू पाऊं।” राधिका मदान के करियर की बात करें तो, उन्होंने बॉलीवुड में अपनी किस्मत आजमाने से पहले टीवी में काफी काम किया है। साल 2014 में एक्ट्रेस ने सीरियल मेरी आशिकी तुम से ही में काम किया था।
एकता कपूर के शो में राधिका ने इशानी वाघेला का मुख्य किरदार निभाया था। इससे उन्हें घर-घर में पहचान मिली। साल 2018 में उन्हें उनकी पहली फिल्म पटाखा मिली, जिसके बाद एक्ट्रेस ने कभी भी पीछे पलटकर नहीं देखा और मर्द को दर्द नहीं होता, अंग्रेजी मीडियम, शिदृत, सरफिरा जैसी फिल्मों में काम किया।

