राष्ट्रवाणी: ओला इलेक्ट्रिक के प्रमोटर भाविश अग्रवाल ने बोर्ड द्वारा मंज़ूर राइट्स इश्यू में भाग लेने के लिए कंपनी में अपनी 4.32% हिस्सेदारी गिरवी रखी है। ओला इलेक्ट्रिक के प्रमोटर हैं भाविश अग्रवाल भाविश अग्रवाल ने ओला इलेक्ट्रिक में 4.32% हिस्सेदारी गिरवी रखी। राइट्स इश्यू सब्सक्रिप्शन में फंड जुटाने के लिए गिरवी रखे।
कंपनी ₹1,000 करोड़ तक जुटाने के लिए राइट्स इश्यू लाएगी। नई दिल्ली। ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (Ola Electric) लिमिटेड के प्रमोटर भाविश अग्रवाल (Bhavish Aggarwal) ने बोर्ड से मंज़ूर राइट्स इश्यू में हिस्सा लेने के लिए कंपनी में अपनी 4.32% हिस्सेदारी गिरवी रखी है।
कंपनी ने रविवार, 4 अक्तूबर को इस बात की जानकारी दी। ओला इलेक्ट्रिक ने बताया कि यह गिरवी सिर्फ़ अग्रवाल के राइट्स इश्यू सब्सक्रिप्शन के लिए फंड जुटाने के मकसद से है, जैसा कि 28 सितंबर को दाखिल ‘ड्राफ़्ट लेटर ऑफ़ ऑफ़र’ में बताया गया था। कंपनी ने आगे कहा कि अभी उनकी सिक्योरिटीज पर कोई और गिरवी नहीं है और कोई शेयर नहीं बेचा जा रहा है।
कंपनी के बयान के मुताबिक, अग्रवाल दूसरे सभी शेयरधारकों के साथ उन्हीं शर्तों पर राइट्स इश्यू में निवेश करेंगे। पिछले महीने, ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के बोर्ड ने रेगुलेटरी और कानूनी मंज़ूरी मिलने पर, ₹1,000 करोड़ तक जुटाने के लिए आंशिक रूप से पेड-अप इक्विटी शेयरों के राइट्स इश्यू को मंज़ूरी दी।
यह इश्यू रिकॉर्ड तारीख के हिसाब से योग्य शेयरधारकों के लिए खुला रहेगा, जिसकी घोषणा बाद में की जाएगी। कंपनी ने कहा कि हर शेयर की फेस वैल्यू ₹10 होगी। हालांकि, इश्यू प्राइस, राइट्स एंटाइटेलमेंट रेश्यो, रिकॉर्ड डेट, टाइमिंग और पेमेंट की शर्तों जैसी अहम जानकारियों पर बोर्ड को अभी फैसला लेना है।
ओला इलेक्ट्रिक ने कहा कि राइट्स इश्यू लागू कानूनों और SEBI के नियमों के अनुसार किया जाएगा। कंपनी बाद में स्टॉक एक्सचेंजों को इसकी विस्तृत शर्तें बताएगी। यह प्रस्तावित फंडरेज़िंग, ओला इलेक्ट्रिक द्वारा जून में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के ज़रिए ₹780 करोड़ जुटाने के कुछ ही महीनों बाद हो रही है।
इस इश्यू को 56% ज़्यादा सब्सक्रिप्शन मिला था। QIP में गोल्डमैन सैक्स और BNP क्लाइमेट फंड जैसे लॉन्ग-टर्म इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के साथ-साथ मोतीलाल ओसवाल म्यूचुअल फंड, मिरे एसेट म्यूचुअल फंड, कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड, JM फाइनेंशियल म्यूचुअल फंड और बड़ौदा BNP परिबास म्यूचुअल फंड जैसे भारतीय म्यूचुअल फंड भी शामिल हुए।

