राष्ट्रवाणी (रायपुर ब्यूरो): डिजिटल डेस्क, रायपुर। रेलवे बोर्ड की मंजूरी मिल चुकी थी। ट्रैक तैयार था, ट्रेन का रैक पहुंच गया था और समय-सारिणी भी जारी हो गई थी।
इसके बावजूद रायपुर-रावघाट और रायपुर-कुरुद की ट्रेनें सिर्फ इसलिए शुरू नहीं हो सकीं, क्योंकि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का दौरा रद्द हो गया। रेलवे बोर्ड ने 12 अक्टूबर को मंत्री के हाथों दोनों ट्रेनों को हरी झंडी दिखाने की अनुमति दे दी थी। उद्घाटन की तैयारियां भी पूरी थीं, लेकिन मंत्री नहीं आए तो ट्रेनों का परिचालन भी रोक दिया गया।
अब रायपुर रेल मंडल ने दोबारा रेलवे बोर्ड को पत्र लिखकर पूछा है कि दोनों ट्रेनें कब से चलाई जाएं। यानी जिन ट्रेनों को चलाने की मंजूरी पहले ही मिल चुकी थी, उन्हें शुरू करने के लिए रेलवे फिर से बोर्ड के जवाब का इंतजार कर रहा है। दरअसल, रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव 12 अक्टूबर को रायपुर प्रवास पर आने वाले थे।
यहां आरपीएफ का राइजिंग डे परेड आयोजित था। रेल मंत्री परेड में शामिल होते और स्टेशन का दौरा कर यहां से दो ट्रेनों को हरी झंडी दिखाते। रेलवे बोर्ड की ओर से दो ट्रेनों के परिचालन के लिए 10 अक्टूबर को ही मंजूरी दे दी गई थी।
इसका पूरा शेड्यूल भी जारी कर दिया गया था। रायपुर-रावघाट रेल सेवा शुरू होने से दुर्ग, दल्लीराजहरा, ताड़ोकी और रावघाट के यात्रियों को राजधानी तक आने-जाने का नया विकल्प मिलेगा। नौकरी, कारोबार, पढ़ाई और इलाज के लिए सफर करने वालों को सुविधा होगी।
लेकिन ट्रैक, रैक और समय-सारिणी तैयार होने के बावजूद यात्री ट्रेन शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। कुरुद की ट्रेन भी इसी कारण अटकी हुई है। रायपुर-कुरुद ट्रेन को भी 12 अक्टूबर को रेल मंत्री के हाथों हरी झंडी दिखाई जानी थी।
इसके लिए रेलवे बोर्ड की मंजूरी मिल चुकी थी। मंत्री का कार्यक्रम रद्द होने के बाद यह ट्रेन भी शुरू नहीं हुई। अब रायपुर रेल मंडल ने दोनों ट्रेनों के परिचालन को लेकर दोबारा पत्र भेजा है।
फिलहाल नई तारीख तय नहीं हुई है। रेलवे की जारी समय-सारिणी के मुताबिक, ट्रेन रावघाट से सुबह 6.30 बजे रवाना होकर 7 बजे ताड़ोकी, 8.25 बजे दल्लीराजहरा और 11.30 बजे दुर्ग पहुंचेगी। दोपहर 1.05 बजे रायपुर पहुंचेगी।
वापसी में रायपुर से दोपहर 1.20 बजे रवाना होकर 2.30 बजे दुर्ग, शाम 4.35 बजे दल्लीराजहरा, 6.25 बजे ताड़ोकी और शाम 7 बजे रावघाट पहुंचेगी। प्रस्तावित समय-सारिणी के अनुसार ट्रेन सप्ताह में छह दिन चलेगी।

