राष्ट्रवाणी (बिलासपुर ब्यूरो): प्रतिनिधि, बिलासपुर: जिले में महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीदने और उनके आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक बेहद सकारात्मक और उत्साहजनक तस्वीर सामने आई है। प्रशासनिक और विभागीय आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों के दौरान बिलासपुर जिले में महिलाओं के नाम संपत्ति के पंजीकरण में लगातार उल्लेखनीय और ऐतिहासिक भागीदारी देखने को मिल रही है, जो समाज में एक बड़े बदलाव का प्रतीक है।
जानकारी के अनुसार, 6 मई 2026 से 17 सितंबर 2026 के बीच की अवधि के दौरान बिलासपुर जिले के अंतर्गत कुल 9,389 विक्रय पत्र पंजीकृत किए गए हैं। इनमें से 4,347 पंजीकरण ऐसे थे जो सीधे तौर पर महिलाओं के नाम या उनसे संबंधित थे, जो कुल पंजीकृत दस्तावेजों का लगभग 46.3 प्रतिशत है। यह आंकड़े इस बात को साबित करने के लिए पूरी तरह से काफी हैं कि आज के दौर में अचल संपत्ति खरीदने, उसके स्वामित्व को अपने नाम कराने तथा परिवार में आर्थिक फैसले लेने में महिलाओं की हिस्सेदारी काफी तेजी से और लगातार बढ़ रही है।
शासन की विभिन्न कल्याणकारी और प्रोत्साहनकारी नीतियों का परिणाम है कि महिलाएं अब संपत्ति की मालकिन बनने की दिशा में तेजी से आगे आ रही हैं, जिससे उनके पारिवारिक और सामाजिक स्तर में भी सुधार हो रहा है। प्रशासन द्वारा भी इस दिशा में लगातार जागरूकता फैलाई जा रही है ताकि महिलाओं के नाम पर संपत्तियों के पंजीयन को और अधिक बढ़ावा मिल सके और वे आत्मनिर्भर बन सकें।
महिलाओं को मिला करोड़ों का वित्तीय लाभ और प्रोत्साहन इस तय अवधि के दौरान छत्तीसगढ़ शासन की विभिन्न लोक कल्याणकारी योजनाओं और स्टाम्प शुल्क में मिलने वाली छूट के प्रावधानों के तहत महिलाओं को कुल 12.88 करोड़ 12,87,57,596 की भारी-भरकम वित्तीय राहत और लाभ प्रदान किया गया है। यह सराहनीय पहल न केवल संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया में महिलाओं की उल्लेखनीय और सक्रिय भागीदारी को पुख्ता तौर पर सुनिश्चित कर रही है, बल्कि समाज के भीतर उनके आर्थिक सशक्तिकरण, वित्तीय सुरक्षा और स्वावलंबन को भी अभूतपूर्व मजबूती प्रदान कर रही है।
पंजीयन कार्यालयों में बढ़ी भीड़, जागरूकता का दिख रहा असर महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीदने पर मिलने वाले विशेष लाभ और छूट के कारण जिले के पंजीयन कार्यालयों में भी इसका सकारात्मक असर साफ तौर पर देखा जा रहा है। जानकारों का मानना है कि इस प्रकार के वित्तीय प्रोत्साहन मिलने से आम नागरिकों में महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्री कराने को लेकर रुझान काफी तेजी से बढ़ा है।
पति-पत्नी के संयुक्त नाम पर या अकेले महिलाओं के नाम पर संपत्तियों की खरीदी होने से परिवारों में महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है और भविष्य की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो रही है, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में एक नया और सकारात्मक संदेश जा रहा है। शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप महिलाओं के नाम पर संपत्ति पंजीयन कराने पर मिलने वाली छूट का लाभ बड़ी संख्या में लोग ले रहे हैं।
पिछले कुछ महीनों में महिलाओं की भागीदारी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो उनके आर्थिक सशक्तिकरण का प्रत्यक्ष प्रमाण है। राजीव स्वर्णकार, उप पंजीयक, बिलासपुर

