राष्ट्रवाणी: Bank Strike: यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने IDBI बैंक में सरकार की हिस्सेदारी बेचने के खिलाफ 2 और …और पढ़ें IDBI बैंक के बिकने पर बवाल, सड़कों पर उतरने की तैयारी में कर्माचारी; इतने दिन ठप रहेगा कामकाज IDBI बैंक में हिस्सेदारी बेचने पर बैंक यूनियनों का विरोध।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने दो दिन की हड़ताल बुलाई। सरकार के विनिवेश फैसले को ‘आत्मनिर्भर भारत’ के खिलाफ बताया। बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली।
IDBI बैंक में हिस्सेदारी बेचने (IDBI Band Disinvestment) के सरकार के फैसले के खिलाफ बैंक यूनियनों ने मोर्चा खोल दिया है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने IDBI बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों के समर्थन का एलान किया है, जिन्होंने 2 और 3 नवंबर 2026 को दो दिन की देशव्यापी हड़ताल का एलान किया है।
UFBU का विरोध मुख्य तौर पर सरकार और एलआईसी द्वारा IDBI बैंक में अपनी 60% हिस्सेदारी कनाडाई निवेशक ‘फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स’ (Fairfax Financial Holdings) को बेचने के फैसले को लेकर है। आइए जानते हैं कि क्या है पूरा मामला। UFBU का तर्क है कि एक मुनाफे में चल रहे बैंक, जिसके पास भारी-भरकम डिपॉजिट बेस है, उसे किसी विदेशी निवेशक को बेचना देश की सार्वजनिक संपत्ति और सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन के खिलाफ है।
इसी बीच यूनियन ने सरकार को उसका पुराना वादा भी याद दिलाया। UFBU के मुताबिक, दिसंबर 2003 में जब संसद में IDBI एक्ट को रद्द करने और इसे बैंकिंग कंपनी में बदलने पर चर्चा हो रही थी। तब तत्कालीन वित्त मंत्री जसवंत सिंह ने आश्वासन दिया था कि सरकार IDBI में कम से कम 51% हिस्सेदारी अपने पास ही रखेगी।
ये बात संसद के रिकॉर्ड में दर्ज है और बाद में ‘कमेटी ऑन एश्योरेंस’ के सामने भी इसकी पुष्टि की गई थी। बता दें कि साल 2005 में IDBI बैंक लिमिटेड का IDBI में विलय हो गया था और 2008 में इसका नाम बदलकर IDBI बैंक कर दिया गया था। IDBI बैंक के कर्मचारियों और अधिकारियों ने इस विरोध प्रदर्शन के तहत कई कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की है, जो 2-3 नवंबर की हड़ताल पर खत्म होगी:

