राष्ट्रवाणी: Balaknath Temple Bikaner Story: बीकानेर से 15 किमी दूर 180 फीट ऊंचे रेतीले धोरे पर स्थित 500 साल पुराना बालकनाथ मंदिर आस्था का केंद्र है. मान्यता है कि सूखे के समय एक मां अपने बालक को दही-बाटी लाने का कहकर धोरे पर छोड़ गई थी. बालक 12 साल तक मां का इंतजार करता रहा और अंत में प्राण त्याग दिए. इस स्थान को बालकियां धोरा कहा जाता है. मंदिर में श्रद्धालु दही-बाटी का भोग लगाते हैं और संतान प्राप्ति की मनोकामना लेकर आते हैं. मंदिर सेवा में संत संतोष दास महाराज समर्पित हैं.
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