राष्ट्रवाणी: दिवाली की खरीदारी के दौरान ऑनलाइन ठगी से सावधान रहें, क्योंकि साइबर अपराधी फर्जी वेबसाइट, सोशल मीडिया विज्ञापन और पेमेंट …और पढ़ें दिवाली की शॉपिंग में जरा संभलकर! इन 5 साइबर फ्रॉड से खाली हो सकता है बैंक अकाउंट जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली।
दिवाली आने वाली है और इससे पहले ही न सिर्फ ऑफलाइन मार्केट में बल्कि ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर भी रौनक बढ़ जाती है। इस दौरान बहुत से लोग कपड़े, स्मार्टफोन, इलेक्ट्रॉनिक्स और घर की सजावट से जुड़ी कई चीजें जमकर खरीदते हैं। ग्राहकों को लुभाने के लिए कंपनियां भी शानदार डिस्काउंट, कैशबैक और यहां तक की फ्री गिफ्ट भी ऑफर करती हैं।
हालांकि खरीदारी के इसी एक्साइटमेंट का फायदा साइबर ठग भी उठाने लग जाते हैं। ये ठग फर्जी वेबसाइट से लेकर सोशल मीडिया एड्स और फर्जी पेमेंट लिंक के जरिए लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। कुछ मामलों में तो छोटी-सी गलती बैंक अकाउंट तक खाली कर सकती है।
ऐसे में दिवाली शॉपिंग करते वक्त इन 5 तरह के साइबर फ्रॉड से सावधान रहें। दिवाली के दौरान ठग फर्जी ई-कॉमर्स वेबसाइट जैसी दिखने वाली नकली वेबसाइट तैयार कर लेते हैं। इसके बाद इन पर स्मार्टफोन, टीवी और अन्य प्रोडक्ट्स काफी सस्ते में बेचने का दावा किया जाता है।
ऐसे में ग्राहक ऑफर देखकर कभी कभी इन वेबसाइट सेऑर्डर कर देते हैं, लेकिन पेमेंट के बाद प्रोडक्ट नहीं मिलता या फिर नकली प्रोडक्ट भेज दिया जाता है। इसलिए ऐसे फ्रॉड से बचने के लिए हमेशा कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट या एप से ही खरीदारी करें। ऐसा भी देखा गया है की दिवाली के आसपास फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर दिवाली के नाम पर कई शानदार एड्स दिखाई देते हैं।
इनमें ब्रांडेड प्रोडक्ट पर 70 से 80 परसेंट तक की छूट देने का दावा किया जाता है। इन एड्स के लिंक फर्जी वेबसाइट पर ले जाते हैं। ऐसे में खरीदारी से पहले ऑफर को कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट पर चेक करें।
दिवाली से पहले ठग दिवाली गिफ्ट, कैशबैक या इनाम देने के नाम पर भी यूजर्स को QR कोड सेंड करते हैं। इन कोड्स को स्कैन करके UPI PIN डालने पर आपके अकाउंट से पैसे कट सकते हैं। ऐसे में पैसे लेने के लिए कभी कोई QR कोड स्कैन नहीं करना होता और न ही UPI PIN डालना होता है।
इसलिए दिवाली के दौरान ऐसे फ्रॉड से भी सावधान रहें। दिवाली के दौरान ऑनलाइन शॉपिंग करते वक्त ठग पार्सल अटकने या ऑर्डर कैंसिल होने का फर्जी मैसेज सेंड कर सकते हैं। इसमें न सिर्फ डिलीवरी दोबारा कराने को कहा जा सकता है बल्कि रिफंड पाने के लिए लिंक भेजा जा सकता है।
इस पर बैंकिंग डिटेल्स ऐड करने से आपकी डिटेल्स चोरी हो सकती हैं। डिलीवरी और रिफंड की डिटेल्स हमेशा ऑफिशियल एप से ही चेक करें। दिवाली पर रिवॉर्ड, खास शॉपिंग बोनस से लेकर कैशबैक के नाम पर भी लोगों को टारगेट किया जा सकता है।
ठग रिवॉर्ड पाने के लिए लिंक ओपन करने, फर्जी फॉर्म भरने या प्रोसेसिंग फीस देने के लिए भी कह सकते हैं।

