तिरुवनंतपुरम. महात्मा गांधी के परपौत्र तुषार गांधी के खिलाफ नारेबाजी करने को लेकर बृहस्पतिवार को पांच व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, जो कथित तौर पर आरएसएस-भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता हैं. पुलिस के अनुसार संघ परिवार से कथित रूप से जुड़े लोगों के एक समूह ने बुधवार शाम नेय्याट्टिनकारा में एक समारोह के अंत में तुषार गांधी के खिलाफ नारे लगाए. पुलिस के अनुसार इन लोगों की मांग थी कि तुषार गांधी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ दिया गया अपना बयान वापस लें.
पुलिस ने बताया कि गैरकानूनी तरीके से एकत्र होने, दंगा करने और गलत तरीके से रोकने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 189(2), 191(2), 190 और 126(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है. एक अधिकारी ने बताया, ”जांच की जा रही है और अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है.” पुलिस ने बताया कि संघ परिवार से कथित रूप से जुड़े लोगों के एक छोटे समूह ने बुधवार शाम नेय्याट्टिनकारा में एक समारोह के अंत में तुषार गांधी के खिलाफ नारे लगाए. तुषार गांधी दिवंगत गांधीवादी पी गोपीनाथन नायर की प्रतिमा का अनावरण करने के लिए नेय्याट्टिनकारा गए थे.
टीवी चैनलों पर प्रसारित फुटेज में व्यक्तियों का एक समूह तुषार गांधी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दिखा और उनसे बयान वापस लेने का आग्रह किया. इससे पहले केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने महात्मा गांधी के परपौत्र तुषार गांधी पर राज्य में एक दिन पहले ”संघ परिवार के कथित हमले” की कड़ी निंदा की और कहा कि लोकतांत्रिक समाज में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाने वाली कार्रवाइयों की अनुमति नहीं दी जा सकती.
तुषार गांधी ने अपने भाषण में कहा कि यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) और लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ), जिनका राज्य में एक-दूसरे से लड़ने का लंबा इतिहास रहा है, को यह समझने की जरूरत है कि एक और बहुत खतरनाक और कपटी दुश्मन केरल में प्रवेश कर चुका है और वह है आरएसएस और भाजपा.
उन्होंने कहा, ”हम भाजपा को हराने में सक्षम होंगे लेकिन आरएसएस जहर है. हमें इसके प्रति बहुत सतर्क रहना होगा क्योंकि अगर यह हमारे देश की परिसंचरण प्रणाली में फैल गया तो सब कुछ खत्म हो जाएगा.” भाजपा और आरएसएस कार्यकर्ताओं की नारेबाजी और तुषार गांधी की कार को रोके जाने के बाद क्षेत्र में तनाव व्याप्त हो गया. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि नगरपालिका वार्ड का प्रतिनिधित्व भाजपा करती है और तुषार गांधी को आरएसएस पर दिए गए बयान को वापस लेना चाहिए.
हालांकि तुषार गांधी कथित तौर पर ”गांधीजी की जय” का नारा लगाने के बाद वहां से चले गए. साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका रुख अडिग है. तुषार गांधी ने कहा कि वह आरएसएस-भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करेंगे. उन्होंने बृहस्पतिवार को एक टीवी चैनल से कहा, ”मेरे ऊपर कोई हमला नहीं हुआ, उन्होंने केवल मेरा वाहन रोका, मैं कोई कार्रवाई नहीं करूंगा.” कांग्रेस ने इस मुद्दे पर तुषार गांधी को समर्थन दिया है.
केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने कोच्चि में पत्रकारों से बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि तुषार गांधी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन महात्मा गांधी का अपमान है और उन्होंने इसे फासीवाद का निंदनीय कृत्य बताया. उन्होंने कहा, “इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और पुलिस तथा सरकार को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए.” केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) प्रमुख के सुधाकरन ने घटना की निंदा की. सुधाकरन ने कहा, ” जो सांप्रदायिक ताकतें गांधी को दरकिनार करती हैं और गोडसे का महिमामंडन करती हैं, उनके लिए केरल की धर्मनिरपेक्ष धरती पर कोई जगह नहीं है.” हालांकि, आरएसएस और भाजपा की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी.

