
न्यूयॉर्क. अमेरिका के वर्जीनिया प्रांत में एक दुकान में भारतीय मूल के एक व्यक्ति और उसकी 24 वर्षीय बेटी की गोली मारकर हत्या कर दी गई और पुलिस ने इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है. मीडिया की खबरों में यह जानकारी दी गई. वर्जीनिया के एकोमैक काउंटी में भारतीय मूल के प्रदीप कुमार पटेल (56) और उनकी बेटी लैंकफोर्ड राजमार्ग पर स्थित इस दुकान में काम कर रहे थे जिस समय यह घटना हुई.
मीडिया में आयी खबरों के अनुसार एकोमैक काउंटी शेरिफ कार्यालय ने कहा कि 20 मार्च को गोलीबारी की सूचना मिलने पर तड़के साढ़े पांच बजे के बाद अधिकारी घटनास्थल पर गये. खबर में बताया गया कि जब वे वहां पहुंचे तो पाया कि एक व्यक्ति बेहोशी की हालत में पड़ा था, जो गोली लगने से घायल हुआ था. दुकान की तलाशी के दौरान, पुलिस को एक महिला भी मिली जो गोली लगने से घायल थी. खबर के अनुसार व्यक्ति को घटनास्थल पर ही मृत घोषित कर दिया गया. महिला को सेंटारा नोरफोक जनरल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई.
एकोमैक काउंटी शेरिफ ने बृहस्पतिवार देर रात घोषणा की कि गोलीबारी के सिलसिले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है. शेरिफ डब्ल्यू टॉड वेसेल्स के अनुसार, ओनानकॉक के 44 वर्षीय जॉर्ज फ्रेजियर डेवोन व्हार्टन को एकोमैक जेल भेज दिया गया है. उस पर हत्या, हत्या का प्रयास, हथियार रखने और अपराध के लिए हथियार का इस्तेमाल करने के दो मामलों में आरोप लगाया गया है.
हालांकि, गोलीबारी क्यों की गई इस बारे में अभी पता नहीं चल सका है. वर्जीनिया के एक टेलीविजन केंद्र ‘डब्ल्यूवीवाई-टीवी’ ने खबर में बताया कि खुद को दुकान का मालिक बताने वाले परेश पटेल ने कहा कि दोनों मृतक उसके परिवार के सदस्य थे.
टीवी केंद्र ने परेश के हवाले से खबर में बताया, ”मेरे चचेरे भाई की पत्नी और उसके पिता आज सुबह काम कर रहे थे और कुछ लोग यहां आए तथा उन्होंने गोली चला दी.” डब्ल्यूबीओसी-टीवी की खबर में पीड़ितों के एक अन्य रिश्तेदार पॉल पटेल के हवाले से कहा गया, ”उनका (दोनों मृतक) कभी किसी से कोई मतभेद नहीं था… उनके जानकारों का कहना है कि वे बहुत अच्छे और बेहद मिलनसार थे. हमेशा मुस्कुराते रहते थे.” खबर में कहा गया है कि ‘फेसबुक’ के माध्यम से खबर फैलने के बाद इस घटना ने अमेरिका में भारतीय समुदाय के सदस्यों में हलचल मचा दी है.

