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Home»Blog»मैं काशी का हूं और काशी मेरी है, पूरे पूर्वांचल के युवाओं को यहां के विकास का लाभ मिलता है : प्रधानमंत्री मोदी
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मैं काशी का हूं और काशी मेरी है, पूरे पूर्वांचल के युवाओं को यहां के विकास का लाभ मिलता है : प्रधानमंत्री मोदी

atulpradhanBy atulpradhanApril 11, 2025No Comments7 Mins Read
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे। काशीवासियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने 3,900 करोड़ रुपए की 44 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने मेहंदीगंज में आयोजित विशाल जनसभा में भोजपुरी में भी काशीवासियों से संवाद किया। अपने संबोधन में उन्होंने बार-बार काशी के प्रति अपने गहरे लगाव को दोहराया। उन्होंने कहा, “काशी मेरी है और मैं काशी का हूं।”

प्रधानमंत्री ने काशी के बदलते स्वरूप पर प्रकाश डाला

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में काशी के बदलते स्वरूप पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में काशी ने विकास की नई गति पकड़ी है। काशी अब केवल पुरातन नहीं, बल्कि प्रगतिशील भी है। इसने आधुनिकता को अपनाया है, विरासत को संजोया है और भविष्य को उज्‍ज्‍वल बनाने के लिए मजबूत कदम उठाए हैं। उन्होंने काशी को पूर्वांचल के आर्थिक नक्शे का केंद्र बताया और कहा, “जौने काशी के स्वयं महादेव चलावेलन, आज उहे काशी पूर्वांचल के विकास के रथ के खींचत हौ।”

पीएम ने काशी की सांस्कृतिक धरोहर और आधुनिक बुनियादी ढांचे के सामंजस्य को भारत के विकास का एक अनूठा मॉडल करार दिया

उन्होंने काशी की सांस्कृतिक धरोहर और आधुनिक बुनियादी ढांचे के सामंजस्य को भारत के विकास का एक अनूठा मॉडल करार दिया। उन्होंने काशी और पूर्वांचल के लिए 3,900 करोड़ रुपए की 44 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाले इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, गांव-गांव तक नल से जल पहुंचाने की योजनाएं, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार एवं खेल के क्षेत्र में नई पहल शामिल हैं।

काशी के हर निवासी को इन परियोजनाओं से लाभ मिलेगा

उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं पूर्वांचल को विकसित बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी। काशी के हर निवासी को इन योजनाओं से लाभ मिलेगा। इन परियोजनाओं में लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट के विस्तार, भिखारीपुर और मंडुआडीह में फ्लाईओवर और बनारस-सारनाथ को जोड़ने वाले नए पुल जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।

पीएम मोदी ने आयुष्मान वय वंदना कार्ड का किया वितरण

प्रधानमंत्री मोदी ने आयुष्मान वय वंदना कार्ड का भी वितरण किया। इस योजना के तहत 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी।उन्होंने कहा कि आज बुजुर्गों के चेहरों पर संतोष का भाव मेरे लिए इस योजना की सबसे बड़ी सफलता है। अब इलाज के लिए न जमीन बेचनी पड़ेगी, न कर्ज लेना पड़ेगा। आपके इलाज का खर्च अब सरकार उठाएगी। काशी में अब तक 50 हजार आयुष्मान वय वंदना कार्ड वितरित किए जा चुके हैं, जिससे हजारों परिवारों को राहत मिली है।

वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों के 30 से अधिक उत्पादों को जीआई टैग प्रदान किया गया है

प्रधानमंत्री ने रमेश कुमार, अनिल कुमार और छिद्दु को जीआई पंजीकृत प्रमाण पत्र सौंपे। उन्होंने बताया कि वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों के 30 से अधिक उत्पादों को जीआई टैग प्रदान किया गया है, जिनमें तबला, शहनाई, ठंडई, लाल भरुआ मिर्च, लाल पेड़ा और तिरंगा बर्फी शामिल हैं।

जीआई टैग काशी के हुनर को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाएगा

उन्होंने कहा कि जीआई टैग केवल एक प्रमाण पत्र नहीं, बल्कि हमारी मिट्टी की पहचान का पासपोर्ट है। ये काशी के हुनर को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाएगा। उन्होंने यूपी को जीआई टैगिंग में देश में नंबर वन बताया और कहा कि यह स्थानीय कारीगरों और उत्पादकों के लिए गर्व का क्षण है।

पीएम मोदी ने बनास डेयरी के पशुपालकों को 106 करोड़ रुपए की बोनस राशि हस्तांतरित की

पीएम मोदी ने बनास डेयरी के पशुपालकों को 106 करोड़ रुपए की बोनस राशि हस्तांतरित की। उन्होंने इसे पशुपालकों की मेहनत का पुरस्कार बताया और कहा कि ये कोई उपहार नहीं, बल्कि आपकी तपस्या का फल है। बनास डेयरी ने काशी में हजारों परिवारों की आर्थिक स्थिति को बदला है, खासकर महिलाओं को सशक्त बनाकर। पूर्वांचल की अनेक बहनें अब लखपति दीदी बन चुकी हैं। पहले गुजारे की चिंता थी, अब उनके कदम खुशहाली की ओर बढ़ रहे हैं।

उन्होंने बताया कि भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है, जिसमें पिछले 10 वर्षों में 65 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बनास डेयरी काशी संकुल के 1 लाख किसानों से दूध संग्रह कर रहा है और गिर गायों का वितरण कर पशुपालकों को सशक्त बना रहा है।

पिछले 10 वर्षों में इस क्षेत्र में 45 हजार करोड़ रुपए का निवेश किया गया है

प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी पर जोर देते हुए बताया कि पिछले 10 वर्षों में इस क्षेत्र में 45 हजार करोड़ रुपए का निवेश किया गया है। इनमें फुलवरिया फ्लाईओवर, रिंगरोड और गाजीपुर, जौनपुर, मिर्जापुर जैसे क्षेत्रों को जोड़ने वाले चौड़े रास्ते शामिल हैं। पहले छोटे-छोटे त्योहारों पर भी जाम लग जाता था। अब रास्ते चौड़े हुए हैं, समय बच रहा है। लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट के विस्तार के साथ-साथ 6 लेन का अंडरग्राउंड टनल, भिखारीपुर और मंडुआडीह में फ्लाईओवर और बनारस-सारनाथ को जोड़ने वाला नया पुल जैसे प्रोजेक्ट्स शुरू किए गए हैं। उन्होंने काशी में शुरू होने वाले सिटी रोपवे का भी जिक्र किया, जो इसे दुनिया के चुनिंदा शहरों में शामिल करेगा।

उन्होंने महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती को याद किया और उनके नारी सशक्तिकरण और सामाजिक चेतना के प्रयासों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि महात्मा फुले और सावित्री बाई फुले ने नारी शक्ति के आत्मविश्वास और समाज कल्याण के लिए जीवन समर्पित किया। हम उनके संकल्पों को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने सरकार के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को दोहराया और इसे परिवारवाद की राजनीति से अलग बताया।

पीएम ने काशी के युवाओं को खेल में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया

उन्होंने कहा कि जो लोग केवल सत्ता हथियाने के लिए दिन-रात खेल खेलते हैं, उनका सिद्धांत है ‘परिवार का साथ परिवार का विकास’। प्रधानमंत्री ने पूर्वांचल की मेहनतकश महिलाओं की प्रशंसा की जो बनास डेयरी के माध्यम से नई मिसाल बन रही हैं। उन्होंने काशी के युवाओं को खेल में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और कहा कि भारत 2036 में ओलंपिक की मेजबानी के लिए तैयार है और काशी के नौजवानों को अभी से मेहनत शुरू करनी होगी। काशी में नए स्टेडियम और स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स बनाए जा रहे हैं, ताकि युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण की सुविधा मिले। काशी के युवा ओलंपिक में मेडल चमकाकर देश का गौरव बढ़ाएंगे।

काशी भारत की आत्मा और विविधता की सबसे खूबसूरत तस्वीर

उन्होंने काशी को भारत की आत्मा और विविधता की सबसे खूबसूरत तस्वीर बताया। उन्होंने कहा कि काशी के हर मोहल्ले में भारत का अलग रंग और संस्कृति दिखती है। काशी तमिल संगमम जैसे आयोजनों ने एकता के सूत्र को मजबूत किया है। उन्होंने प्रस्तावित एकता मॉल का जिक्र किया, जहां भारत के सभी जिलों के उत्पाद एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगे। उन्होंने यूपी के बदलते आर्थिक नक्शे की भी चर्चा की और कहा कि यूपी अब केवल संभावनाओं की धरती नहीं, बल्कि सामर्थ्य और सिद्धियों की संकल्प भूमि है। यूपी के उत्पाद अब ग्लोबल ब्रांड बन रहे हैं। जीआई टैग ने स्थानीय उत्पादों को नई बुलंदियों तक पहुंचाया है। यूपी देश में जीआई टैगिंग में पहले स्थान पर है। जौनपुर की इमरती, मथुरा की सांझी कला, पीलीभीत की बांसुरी और लखीमपुर खीरी की थारू जरदोजी जैसे उत्पादों को जीआई टैग मिला है। यूपी की मिट्टी की खुशबू अब सरहदों के पार जाएगी।

काशी विकास और विरासत के संगम का बना प्रतीक

उन्होंने काशी को विकास और विरासत के संगम का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि काशी की पुरातन आत्मा को आधुनिक काया से जोड़ते रहना हमारा दायित्व है। काशी न केवल आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र है, बल्कि अब यह आर्थिक और सामाजिक प्रगति का भी नेतृत्व कर रही है। उन्होंने काशीवासियों से विकास की इस यात्रा में साथ देने का आह्वान किया और विश्वास जताया कि काशी पूरे भारत के लिए प्रेरणा बनेगी। उन्होंने कहा कि जो काशी को सहेजता है, वो भारत की आत्मा को सहेजता है। हमें काशी को निरंतर सशक्त और स्वप्निल बनाए रखना है।(इनपुट-आईएएनएस)

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