Close Menu
Rashtrawani
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
प्रमुख राष्ट्रवाणी

अचल संपत्ति की रजिस्ट्री पर 0.60 प्रतिशत उपकर समाप्त, आम नागरिकों को बड़ी राहत-CM साय

March 20, 2026

तेल कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल के दाम 2.3 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ाए, सामान्य पेट्रोल स्थिर

March 20, 2026

धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 से अवैध धर्मांतरण पर सख्त नियंत्रण के साथ ही आस्था और सामाजिक समरसता को मिलेगा बल: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

March 20, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
  • Terms
  • About Us – राष्ट्रवाणी | Rashtrawani
  • Contact
Facebook X (Twitter) Instagram
RashtrawaniRashtrawani
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
Subscribe
Rashtrawani
Home»Blog»‘गद्दार’ टिप्पणी मामले में जांच जारी रखें, लेकिन कामरा की गिरफ्तारी जरूरी नहीं : बंबई उच्च न्यायालय
Blog

‘गद्दार’ टिप्पणी मामले में जांच जारी रखें, लेकिन कामरा की गिरफ्तारी जरूरी नहीं : बंबई उच्च न्यायालय

atulpradhanBy atulpradhanApril 25, 2025No Comments5 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Reddit Telegram Email
‘गद्दार’ टिप्पणी मामले में जांच जारी रखें, लेकिन कामरा की गिरफ्तारी जरूरी नहीं : बंबई उच्च न्यायालय
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

मुंबई: बंबई उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के विरुद्ध कथित टिप्पणी को लेकर कुणाल कामरा के खिलाफ पुलिस जांच जारी रह सकती है, लेकिन ‘कॉमेडियन’ को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।

न्यायमूर्ति सारंग कोतवाल और न्यायमूर्ति एस. एम. मोदक की पीठ ने कामरा की उस याचिका को स्वीकार कर लिया, जिसमें अदालत से अनुरोध करते हुए कहा गया था कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध से संबंधित ‘‘बड़े’’ और ‘‘गंभीर’’ मुद्दों पर विचार करने की आवश्यकता है।

अदालत ने कहा कि वह यहां खार थाने में ‘कॉमेडियन’ के खिलाफ दर्ज मामले की जांच पर पूरी तरह रोक लगाने के पक्ष में नहीं है। अदालत ने कहा, ‘‘जांच जारी रह सकती है, हालांकि याचिकाकर्ता को गिरफ्तार करना जरूरी नहीं है।’’

अदालत ने कहा कि अगर पुलिस याचिका के लंबित रहने के दौरान मामले में आरोपपत्र दाखिल करती है तो अधीनस्थ अदालत उसका संज्ञान नहीं लेगी। पीठ ने कहा कि कामरा का बयान चेन्नई में दर्ज किया जा सकता है, क्योंकि मुंबई में कार्यक्रम के बाद ‘कॉमेडियन’ को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। कामरा वर्तमान में तमिलनाडु में रहते हैं।

पीठ ने अपने आदेश में कहा कि पुलिस ने कामरा को भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 35(3) के तहत नोटिस भेजा है। इस धारा के तहत जिन मामलों में किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी की आवश्यकता नहीं होती है, पुलिस उस व्यक्ति को बयान दर्ज करने के वास्ते पेश होने के लिए नोटिस जारी करेगी।

अदालत ने कहा, ‘‘चूंकि याचिकाकर्ता (कामरा) को नोटिस दिया गया है, इसलिए गिरफ्तारी जरूरी नहीं है। उनकी गिरफ्तारी के बिना जांच जारी रखी जा सकती है।’’ अदालत ने कामरा की उस याचिका को स्वीकार कर लिया, जिसमें ‘स्टैंड-अप कॉमेडी शो’ के दौरान शिंदे पर कथित ‘‘गद्दार’’ टिप्पणी के लिए खार थाने में दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने का अनुरोध किया गया था।

इसका मतलब है कि कामरा की याचिका पर बाद में विस्तार से सुनवाई की जाएगी। अदालत ने कहा, ‘‘जांच जारी रह सकती है। याचिकाकर्ता (कामरा) को याचिका के लंबित रहने के दौरान गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।’’ अदालत ने कहा कि अगर पुलिस कामरा का बयान दर्ज करना चाहती है, तो पुलिस को उन्हें पहले से सूचित करने के बाद चेन्नई में उनका बयान दर्ज करना चाहिए जहां वह वर्तमान में रहते हैं।

कामरा ने अपनी याचिका में कहा था कि वह तमिलनाडु के निवासी हैं और कार्यक्रम के बाद उन्हें मिल रही जान से मारने की धमकियों के कारण महाराष्ट्र आने को लेकर डरे हुए हैं। अदालत ने कहा कि चूंकि याचिकाकर्ता ने कहा है कि उसे जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं, इसलिए उसकी ‘‘सुरक्षा ंिचता का विषय है।’’

अदालत ने आदेश दिया, ‘‘अगर याचिका के लंबित रहने के दौरान पुलिस द्वारा मामले में आरोपपत्र दाखिल किया जाता है, तो संबंधित अदालत उस पर आगे नहीं बढ़ेगी।’’ पीठ ने अपने आदेश में कहा कि याचिका में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार के व्यापक मुद्दों को उठाया गया है।

अदालत ने कहा, ‘‘इन सभी सवालों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।’’ अदालत ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत प्राथमिकी में कामरा के खिलाफ मानहानि का आरोप लगाया गया है, लेकिन बीएनएसएस अधिनियम के तहत मानहानि के अभियोजन के लिए कानून में एक अलग प्रक्रिया निर्धारित है।

पीठ ने कहा कि याचिका पर सुनवाई करते समय इन सभी गंभीर मुद्दों पर विचार करना होगा। अदालत ने पिछले सप्ताह याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रखते हुए ‘कॉमेडियन’ को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया था।

कामरा ने शिंदे के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने का अनुरोध किया है। ‘कॉमेडियन’ ने याचिका में कहा है कि आरोपों को अगर सच मान भी लें, तो भी वे अपराध की श्रेणी में नहीं आते।

उन्होंने उच्च न्यायालय से गिरफ्तारी, उनके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जब्ती और उनके वित्तीय लेनदेन एवं खातों की जांच सहित किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से उन्हें संरक्षण प्रदान करने का अनुरोध किया है। कामरा ने अदालत को बताया कि वह मामले में पूछताछ के लिए मुंबई पुलिस के समक्ष वीडियो-कॉन्फ्रेंंिसग के जरिए पेश होने के लिए सहमत हो गए हैं।

उन्होंने कहा था कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री शिंदे को ‘‘गद्दार’’ कहने के आरोप में ‘स्टैंड-अप कॉमेडियन’ के खिलाफ खार थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

वर्तमान में राज्य के उपमुख्यमंत्री शिंदे की पार्टी शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने उस स्टूडियो में भी तोड़फोड़ की, जहां कार्यक्रम रिकॉर्ड किया गया था। कार्यक्रम के दौरान कामरा ने फिल्म ‘‘दिल तो पागल है’’ के एक गाने की ‘पैरोडी’ गाई थी, जिसमें उन्होंने ‘‘गद्दार’’ शब्द का इस्तेमाल किया था। इसके बाद उन्होंने मजाक में कहा कि कैसे शिंदे ने उद्धव ठाकरे के खिलाफ बगावत की और 2022 में शिवसेना को विभाजित कर दिया था।

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
Previous Articleमुख्यमंत्री योगी ने ‘उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम’ के गठन के निर्देश दिए
Next Article ‘मेरे बेटे को घर ले आइए’: पाकिस्तान रेंजर्स की हिरासत में मौजूद बीएसएफ जवान के माता-पिता ने कहा
atulpradhan
  • Website

Related Posts

Blog

मिलेट्स (Millets) और आयुर्वेद: दादी-नानी के नुस्खे या मॉडर्न सुपरफूड?

February 16, 2026
Blog

गणेश जी की विसर्जन विधि (मंत्रों सहित)

August 31, 2025
Blog

गणेश जी की आरती

August 31, 2025
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Ads
Top Posts

सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की

April 30, 202547 Views

निर्मला सीतारमण ने जातिगत गणना का श्रेय लेने पर तमिलनाडु सरकार को घेरा

May 3, 202546 Views

सरकार ने गेहूं का एमएसपी 160 रुपये ब­ढ़ाकर 2,585 रुपये प्रति क्विंटल किया

October 1, 202543 Views
Stay In Touch
  • Facebook
  • WhatsApp
  • Twitter
  • Instagram
Latest Reviews
राष्ट्रवाणी

राष्ट्रवाणी के वैचारिक प्रकल्प है। यहां आपको राष्ट्र हित के ऐसे दृष्टिकोण पर आधारित समाचार, विचार और अभिमत प्राप्त होंगे, जो भारतीयता, हिंदुत्व और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली, विश्व बंधुत्व और वसुधैव कुटुंबकम के शाश्वत चिंतन को पुष्ट करता है।

संपादक : नीरज दीवान

मोबाइल नंबर : 7024799009

Most Popular

सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की

April 30, 202547 Views

निर्मला सीतारमण ने जातिगत गणना का श्रेय लेने पर तमिलनाडु सरकार को घेरा

May 3, 202546 Views

सरकार ने गेहूं का एमएसपी 160 रुपये ब­ढ़ाकर 2,585 रुपये प्रति क्विंटल किया

October 1, 202543 Views
Our Picks

अचल संपत्ति की रजिस्ट्री पर 0.60 प्रतिशत उपकर समाप्त, आम नागरिकों को बड़ी राहत-CM साय

March 20, 2026

तेल कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल के दाम 2.3 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ाए, सामान्य पेट्रोल स्थिर

March 20, 2026

धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 से अवैध धर्मांतरण पर सख्त नियंत्रण के साथ ही आस्था और सामाजिक समरसता को मिलेगा बल: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

March 20, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
© 2026 Rashtrawani

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.