Close Menu
Rashtrawani
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
प्रमुख राष्ट्रवाणी

आरसीबी ने शुरू की तैयारी: आईपीएल से पहले कोहली ने खिलाड़ियों को किया आगाह, समय बर्बाद नहीं करने की दी सलाह

March 21, 2026

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का सरगुजा-सूरजपुर दौरा आज

March 21, 2026

अचल संपत्ति की रजिस्ट्री पर 0.60 प्रतिशत उपकर समाप्त, आम नागरिकों को बड़ी राहत-CM साय

March 20, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
  • Terms
  • About Us – राष्ट्रवाणी | Rashtrawani
  • Contact
Facebook X (Twitter) Instagram
RashtrawaniRashtrawani
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
Subscribe
Rashtrawani
Home»Business»आर्थिक अन्याय का हथियार बना GST, संशोधन कर संघीय भावना के अनुकूल बनाने की जरूरत: राहुल
Business

आर्थिक अन्याय का हथियार बना GST, संशोधन कर संघीय भावना के अनुकूल बनाने की जरूरत: राहुल

Team RashtrawaniBy Team RashtrawaniJuly 1, 2025No Comments3 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Reddit Telegram Email
आर्थिक अन्याय का हथियार बना GST, संशोधन कर संघीय भावना के अनुकूल बनाने की जरूरत: राहुल
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

नयी दिल्ली. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के लागू होने के आठ साल पूरा होने के मौके पर मंगलवार को आरोप लगाया कि यह आर्थिक अन्याय का एक हथियर बन गया है तथा इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुछ अरबपति मित्रों को लाभ पहुंचाने के लिए डिजाइन किया गया.

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने मौजूदा जीएसटी प्रणाली में संशोधन की पैरवी की और कहा कि भारत एक ऐसी कर प्रणाली का हकदार है, जो केवल विशेषाधिकार प्राप्त कुछ लोगों के लिए नहीं, बल्कि सभी के लिए काम करे. जीएसटी को एक जुलाई, 2017 को लागू किया गया था. राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”आठ साल बाद, मोदी सरकार का जीएसटी कोई कर सुधार नहीं है. यह आर्थिक अन्याय और कॉरपोरेट भाईचारे का एक बर्बर हथियार है. इसे गरीबों को दंडित करने, एमएसएमई को कुचलने, राज्यों को कमजोर करने और प्रधानमंत्री के कुछ अरबपति दोस्तों को लाभ पहुंचाने के लिए डिज.ाइन किया गया था.” उन्होंने दावा किया कि ”अच्छे और सरल कर” का वादा किया गया था, लेकिन भारत को पांच अलग-अलग दर वाली कर व्यवस्था मिली, जिसे 900 से अधिक बार संशोधित किया गया है.

राहुल गांधी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि यहां तक कि पॉपकॉर्न और क्रीम बन भी इसके दायरे में आ गए. कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि जीएसटी पोर्टल दैनिक उत्पीड़न का स्रोत बना हुआ है. उन्होंने कहा, ”भारत के सबसे बड़े रोजगार सृजनकर्ता एमएसएमई क्षेत्र को सबसे अधिक नुकसान हुआ है. आठ साल पहले जीएसटी लागू होने के बाद से 18 लाख से अधिक उद्यम बंद हो गए हैं. नागरिक अब चाय से लेकर स्वास्थ्य बीमा तक हर चीज पर जीएसटी का भुगतान करते हैं, जबकि कॉरपोरेट सालाना टैक्स छूट में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का आनंद लेते हैं.” उनके अनुसार, पेट्रोल और डीजल को जानबूझकर जीएसटी ढांचे से बाहर रखा गया है, जिससे किसानों, ट्रांसपोर्टरों और आम लोगों को नुकसान हो रहा है.

राहुल गांधी ने आरोप लगाया, ”गैर-भाजपा शासित राज्यों को दंडित करने के लिए जीएसटी बकाया को भी हथियार बनाया गया है, जो मोदी सरकार के संघवाद विरोधी एजेंडे का स्पष्ट प्रमाण है.” उनका कहना था, ”जीएसटी संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन का एक दूरदर्शी विचार था, जिसका उद्देश्य भारत के बाजारों को एकजुट करना और कराधान को सरल बनाना था, लेकिन खराब कार्यान्वयन, राजनीतिक पूर्वाग्रह से इस मामले में धोखा दिया गया है. एक संशोधित जीएसटी लोगों के लिए सबसे पहले, व्यापार के अनुकूल और वास्तव में संघीय भावना वाला होना चाहिए.” उन्होंने इस बात पर जोर दिया, ”भारत एक ऐसी कर प्रणाली का हकदार है जो केवल विशेषाधिकार प्राप्त कुछ लोगों के लिए नहीं, बल्कि सभी के लिए काम करे, ताकि छोटे दुकानदार से लेकर किसान तक हर भारतीय हमारे देश की प्रगति में भागीदार बन सके.”

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
Previous Articleछत्तीसगढ़ को मिले 1.25 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव
Next Article भाजपा विधायक ने दिलजीत दोसांझ का समर्थन करने के लिए नसीरुद्दीन शाह की आलोचना की
Team Rashtrawani
  • Website

Related Posts

Business

तेल कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल के दाम 2.3 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ाए, सामान्य पेट्रोल स्थिर

March 20, 2026
Business

The Bonus Market Update: हरे निशान पर खुला भारतीय शेयर बाजार; सेंसेक्स 296 अंक चढ़ा, निफ्टी 23600 के पार

March 18, 2026
Business

आज की सोना-चांदी की कीमतें: 3000 रुपये का उछाल, सोना 1.57 लाख रुपये पर पहुंचा

March 17, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Ads
Top Posts

सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की

April 30, 202547 Views

निर्मला सीतारमण ने जातिगत गणना का श्रेय लेने पर तमिलनाडु सरकार को घेरा

May 3, 202546 Views

सरकार ने गेहूं का एमएसपी 160 रुपये ब­ढ़ाकर 2,585 रुपये प्रति क्विंटल किया

October 1, 202543 Views
Stay In Touch
  • Facebook
  • WhatsApp
  • Twitter
  • Instagram
Latest Reviews
राष्ट्रवाणी

राष्ट्रवाणी के वैचारिक प्रकल्प है। यहां आपको राष्ट्र हित के ऐसे दृष्टिकोण पर आधारित समाचार, विचार और अभिमत प्राप्त होंगे, जो भारतीयता, हिंदुत्व और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली, विश्व बंधुत्व और वसुधैव कुटुंबकम के शाश्वत चिंतन को पुष्ट करता है।

संपादक : नीरज दीवान

मोबाइल नंबर : 7024799009

Most Popular

सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की

April 30, 202547 Views

निर्मला सीतारमण ने जातिगत गणना का श्रेय लेने पर तमिलनाडु सरकार को घेरा

May 3, 202546 Views

सरकार ने गेहूं का एमएसपी 160 रुपये ब­ढ़ाकर 2,585 रुपये प्रति क्विंटल किया

October 1, 202543 Views
Our Picks

आरसीबी ने शुरू की तैयारी: आईपीएल से पहले कोहली ने खिलाड़ियों को किया आगाह, समय बर्बाद नहीं करने की दी सलाह

March 21, 2026

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का सरगुजा-सूरजपुर दौरा आज

March 21, 2026

अचल संपत्ति की रजिस्ट्री पर 0.60 प्रतिशत उपकर समाप्त, आम नागरिकों को बड़ी राहत-CM साय

March 20, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
© 2026 Rashtrawani

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.