नयी दिल्ली. अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने मंगलवार को कहा कि उनकी योजना अगले पांच वर्ष में विभिन्न कारोबार क्षेत्रों में रिकॉर्ड 100 अरब डॉलर का निवेश करने की है, ताकि वृद्धि के अगले चरण का खाका तैयार किया जा सके. उन्होंने कहा कि हर साल 15-20 अरब डॉलर निवेश किए जाएंगे. उन्होंने समूह के लगातार जांच के घेरे में आने के बीच उसके मजबूत बही-खाते का जिक्र भी किया.
अदाणी ने कहा कि बंदरगाह से लेकर हवाई अड्डा, नवीकरणीय ऊर्जा पार्क से लेकर डेटा सेंटर, सीमेंट से लेकर गैस और बिजली तक के व्यवसायों से हुई रिकॉर्ड आय ने भारत के सबसे बड़े बुनियादी ढांचा समूह का निर्माण किया है, जो न केवल बाजारों की सेवा के लिए बल्कि राष्ट्र के भविष्य के निर्माण में योगदान के लिए मौजूद है.
समूह की वार्षिक आम बैठक को ऑनलाइन संबोधित करते हुए उन्होंने अक्षय ऊर्जा आपूर्ति ठेके हासिल करने के लिए कथित रिश्वतखोरी योजना में अमेरिकी अधिकारियों द्वारा हाल ही में अभियोग चलाए जाने का उल्लेख किया और कहा कि अदाणी समूह के किसी भी व्यक्ति पर अमेरिकी विदेशी भ्रष्ट आचरण अधिनियम (एफसीपीए) का उल्लंघन करने या न्याय में बाधा डालने की साजिश रचने का आरोप नहीं लगाया गया है.
उन्होंने कहा, ” लगातार जांच के बावजूद भी अदाणी समूह कभी पीछे नहीं हटा. इसके बजाय, हमने साबित कर दिया कि सच्चा नेतृत्व धूप में नहीं बल्कि संकट की आग में तपकर तैयार होता है.” चेयरमैन ने कहा, ” पिछले वर्ष इसकी पुन? जांच की गई जब हमें अदाणी ग्रीन एनर्जी से संबंधित अमेरिकी न्याय विभाग और एसईसी (अमेरिकी राज्य प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग) की ओर से आरोपों का सामना करना पड़ा.” उन्होंने कहा, ” इन सभी बातों के बावजूद, तथ्य यह है कि अदाणी समूह के किसी भी व्यक्ति पर एफसीपीए का उल्लंघन करने या न्याय में बाधा डालने की साजिश रचने का आरोप नहीं लगाया गया है.”
अदाणी ने कहा, ” हम एक ऐसी दुनिया में रहते हैं जहां अकसर नकारात्मकता पर सचाई से अधिक ध्यान दिया जाता है. हम कानूनी प्रक्रियाओं में सहयोग कर रहे हैं. मैं दोहराना चाहता हूं कि हम कामकाज में वैश्विक मानकों का पालन करते हैं और उनका अनुपालन करने में कोई समझौता नहीं किया जा सकता है.” अमेरिकी अनुसंधान एवं निवेश कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च ने जनवरी 2023 में अपनी एक रिपोर्ट में अदाणी समूह पर कॉरपोरेट इतिहास की ”सबसे बड़ी धोखाधड़ी” का आरोप लगाया था. इससे समूह को 150 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ था. अदाणी समूह ने कुछ भी गलत करने के आरोपों को खारिज किया और आगे बढ़ने के अपने प्रयासों पर ध्यान दिया जिसके परिणामस्वरूप इसकी अधिकतर कंपनियों के शेयर में सुधार हुआ है और समूह ने रिकॉर्ड आय दर्ज की है.
हमारे समूह के बनाए ड्रोन ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में अग्रणी भूमिका निभायी : गौतम अदाणी
अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने मंगलवार को कहा कि उनके समूह द्वारा बनाए गए ड्रोन और ड्रोन रोधी प्रणालियों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में अग्रणी भूमिका निभाई थी. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब के तौर पर भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा पाकिस्तान में और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ शुरू किया गया था.
अपने समूह की वार्षिक आम बैठक में अदाणी ने कहा, ”ऑपरेशन सिंदूर हुआ और हमने कर दिखाया.” ‘अदाणी डिफेंस’ द्वारा निर्मित हथियारों ने सटीक हमले किए, जबकि इसकी ड्रोन रोधी इकाइयों ने जवाबी खतरों से भारतीय संपत्तियों की रक्षा की. उन्होंने कहा, ”हमारे ड्रोन आसमान में नजर रखने वाली आंख के साथ-साथ हमले की तलवार भी बन गए हैं और हमारी ड्रोन रोधी प्रणालियों ने हमारे बलों और नागरिकों की सुरक्षा में मदद की है.” ‘अल्फा डिजाइन टेक्नोलॉजीज’ (अडानी डिफेंस की 26 प्रतिशत स्वामित्व वाली कंपनी) और इजराइल की ‘एल्बिट सिस्टम्स’ की साझेदारी में विकसित स्काईस्ट्राइकर हथियार या कामिकेज. ड्रोन 5-10 किलोग्राम के हथियार ले जा सकते हैं, 100 किलोमीटर तक की कम ऊंचाई पर चुपचाप उड़ सकते हैं, और लक्ष्य पर सटीक हमला कर सकते हैं.
अदाणी ने कहा, ”जैसा कि मेरा हमेशा से मानना है कि हम सुरक्षित क्षेत्रों में काम नहीं करते हैं. हम वहां काम करते हैं, जहां यह जरूरी है, जहां भारत को हमारी सबसे ज्यादा जरूरत है.” अदाणी ने वार्षिक आम बैठक को संबोधित करते हुए सीमाओं की रक्षा करने वाले बहादुर सैनिकों को सलाम किया.
उन्होंने कहा, ”इस वर्ष ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान हमारे बहादुर पुरुष और महिलाएं वर्दी में डटे रहे. प्रसिद्धि के लिए नहीं, पदकों के लिए नहीं, बल्कि कर्तव्य के लिए. उनके साहस ने हमें याद दिलाया कि शांति कभी मुफ़्त नहीं मिलती, इसे अर्जित किया जाता है. और सपने देखने, उन्हें पूरा करने और नेतृत्व करने की स्वतंत्रता हमारी सुरक्षा करने वाले लोगों के कंधों पर मजबूती से टिकी है.” उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए कहा कि भारत शांति के महत्व को समझता है. उन्होंने कहा, ”लेकिन अगर कोई उसे खतरे में डालने की कोशिश करता है, तो भारत उसकी भाषा में जवाब देना भी जानता है.”

