नयी दिल्ली. नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने बताया कि एयर इंडिया की उड़ान एआई-171 (बोइंग 787) की 12 जून को अहमदाबाद में हुई दुर्घटना के बाद, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एयर इंडिया के सभी 33 बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमानों की जांच का आदेश दिया है.
उन्होंने राज्यसभा को गोल्ला बाबूराव के प्रश्न के लिखित उत्तर में यह भी बताया कि 12 जून, 2025 को एयर इंडिया की उड़ान एआई-171 अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें कुल 260 लोगों की जान गई थी. इनमें विमान में सवार 241 लोग और जमीन पर 19 लोगों की जान गयी. नायडू ने बताया कि एयर इंडिया की उड़ान एआई-171 (बोइंग 787) की दुर्घटना के बाद, डीजीसीए ने एयर इंडिया के सभी 33 बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमानों की जांच का आदेश दिया है.
उनके अनुसार, इनमें से 31 परिचालन विमान जांचे जा चुके हैं, जिनमें से आठ विमानों में मामूली खामियां पाई गईं, जिन्हें सुधार कर दोबारा परिचालन के लिए स्वीकृत किया गया है. शेष 2 विमान निर्धारित रखरखाव प्रक्रिया में हैं. उन्होंने बताया कि 27 जनवरी, 2022 को एयर इंडिया के निजीकरण के बाद से अब तक किसी भी सरकारी स्वामित्व वाली एयरलाइन से जुड़ी कोई विमान दुर्घटना नहीं हुई है.
मंत्री ने बताया कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने निगरानी और निरीक्षण की एक संरचित प्रणाली लागू की है, जिसमें योजनाबद्ध और आकस्मिक निरीक्षण, नियमित और आवधिक ऑडिट, स्पॉट चेक, रात्रि निगरानी और रैम्प निरीक्षण शामिल हैं. ये सभी उपाय सभी ऑपरेटरों के रखरखाव कार्यों की सतत निगरानी सुनिश्चित करते हैं.

