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Home»International»अमेरिका-चीन में वार्ता के बाद व्यापार तनाव कम होता दिख रहा है, ट्रंप-शी बैठक की संभावना
International

अमेरिका-चीन में वार्ता के बाद व्यापार तनाव कम होता दिख रहा है, ट्रंप-शी बैठक की संभावना

Team RashtrawaniBy Team RashtrawaniOctober 26, 2025No Comments7 Mins Read
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अमेरिका-चीन में वार्ता के बाद व्यापार तनाव कम होता दिख रहा है, ट्रंप-शी बैठक की संभावना
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कुआलालंपुर. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी नेता शी चिनफिंग के बीच बैठक से पहले रविवार को अमेरिका और चीन के बीच व्यापार तनाव कम होता दिखाई दिया. चीनी सरकार ने संकेत दिया कि दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच आपसी समझ बन गई है.

दोनों देशों में यह वार्ता चीन द्वारा उन्नत तकनीकों के लिए आवश्यक दुर्लभ मृदा तत्वों के निर्यात को सीमित करने और ट्रंप द्वारा चीनी वस्तुओं पर 100 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने की धमकी के बाद हुई है. इस संघर्ष से दुनिया भर में आर्थिक विकास कमज.ोर होने की आशंका है.

चीन के शीर्ष व्यापार वार्ताकार ली चेंगगांग ने संवाददाताओं को बताया कि दोनों पक्ष विवाद के क्षेत्रों पर ‘प्रारंभिक सहमति’ पर पहुंच गए हैं और संबंधों को और स्थिर करने का प्रयास करेंगे. ट्रंप ने भी विश्वास व्यक्त किया कि समझौता जल्द ही होने वाला है.
उन्होंने कहा,”वे एक समझौता करना चाहते हैं और हम भी एक समझौता करना चाहते हैं.” ट्रंप ने भविष्य में चीन की यात्रा करने की अपनी योजना दोहराई और सुझाव दिया कि शी वाशिंगटन या फ्लोरिडा स्थित अपने निजी क्लब ‘मार-ए-लागो’ आ सकते हैं. यह घोषणा कुआलालंपुर में आयोजित दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ के वार्षिक शिखर सम्मेलन में की गई, जहां ट्रंप एक अंतरराष्ट्रीय सौदागर के रूप में अपनी प्रतिष्ठा चमकाने की कोशिश कर रहे हैं.

फिर भी, इन समझौतों तक पहुंचने में देश और विदेश में गंभीर व्यवधान आए हैं, उनकी शुल्क वृद्धि ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया है और अमेरिकी सरकार में बंदी (शटडाउन) से उन्हें डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों के साथ संघर्ष करना पड़ रहा है.
ट्रंप थाईलैंड और कंबोडिया के बीच युद्धविराम समारोह में शामिल हुए. रविवार को शिखर सम्मेलन में थाईलैंड और कंबोडिया ने एक विस्तारित युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए. इस समारोह में ट्रंप भी शामिल हुए. ट्रंप की आर्थिक दबाव की धमकियों ने दोनों देशों को इस साल की शुरुआत में अपनी विवादित सीमा पर झड़पों को रोकने के लिए प्रेरित किया था.

थाईलैंड अब कंबोडियाई कैदियों को रिहा करेगा और कंबोडिया समझौते के पहले चरण के तहत भारी तोपखाने वापस बुलाना शुरू करेगा. क्षेत्रीय पर्यवेक्षक स्थिति पर नजर रखेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि लड़ाई फिर से शुरू न हो. ट्रंप ने कहा, ”हमने कुछ ऐसा किया जिसके बारे में बहुत से लोगों का कहना था कि यह नहीं किया जा सकता.” कंबोडियाई प्रधानमंत्री हुन मानेत ने इसे ‘ऐतिहासिक दिन’ बताया और थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नविराकुल ने कहा कि यह समझौता ‘स्थायी शांति की नींव’ रखता है.

ट्रंप अंतराष्ट्रीय समय के मुताबिक तड़के दो बजे (0200 जीएमटी) से कुछ समय पहले मलेशियाई राजधानी पहुंचे जहां उन्होंने स्थानीय कलाकारों के साथ उसी अंदाज में नृत्य किया, जैसा वह राष्ट्रपति चुनाव के समय किया करते थे. उनके एक हाथ में अमेरिकी जबकि दूसरे हाथ में मलेशियाई झंडा था.

उनकी यात्रा में जापान और दक्षिण कोरिया पहुंचना भी शामिल है, इसके अलावा उनकी शी चिनफिंग के साथ एक पूर्वनियोजित बैठक भी होनी है. राष्ट्रपति ने कंबोडिया, थाईलैंड और मलेशिया के साथ आर्थिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिनमें से कुछ का उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों से जुड़े व्यापार को ब­ढ़ाना है. अमेरिका चीन पर कम निर्भर रहना चाहता है, जिसने प्रौद्योगिकी निर्माण में प्रमुख घटकों के निर्यात को सीमित कर दिया है.

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर ने कहा, ”यह बहुत ज.रूरी है कि हम एक-दूसरे के साथ इच्छुक साझेदारों के रूप में सहयोग करें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हमारे जीवन की गुणवत्ता, हमारे लोगों और सुरक्षा के लिए सुचारु और सुरक्षित आपूर्ति श्रृंखला बरकरार रहे.” * ट्रंप दुनिया के एक प्रमुख क्षेत्र के साथ फिर से जुड़ रहे राष्ट्रपति ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान इस शिखर सम्मेलन में केवल एक बार भाग लिया था, और जनवरी में अपनी पुष्टिकरण सुनवाई के दौरान रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ आसियान से अपरिचित प्रतीत हुए.

लेकिन इस साल का आयोजन ट्रंप के लिए उन देशों के समूह के साथ फिर से जुड़ने का एक मौका था जिनकी संयुक्त अर्थव्यवस्था 3.8 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर और जनसंख्या 68 करोड़ है. ट्रंप ने कहा, ”अमेरिका आपके साथ 100 प्रतिशत खड़ा है और हम आने वाली कई पीढि.यों के लिए एक मजबूत साझेदार और मित्र बने रहना चाहते हैं.” उन्होंने अपने समकक्षों को ‘शानदार नेता’ बताया और कहा, ”आप जिस चीज को भी छूते हैं, वह सोने में बदल जाती है.” शिखर सम्मेलन ने ट्रंप को थाईलैंड और कंबोडिया के साथ वैश्विक शांतिदूत की भूमिका निभाने का भी अवसर दिया, जिनके क्षेत्रीय दावे परस्पर विरोधी हैं और जिसके परिणामस्वरूप उनकी सीमा पर समय-समय पर हिंसा होती रहती है.

जुलाई में पांच दिनों तक दोनों देशों के बीच आधुनिक समय की कुछ सबसे भीषण लड़ाइयां हुईं, जिनमें दर्जनों लोग मारे गए और लाखों लोग विस्थापित हुए. उस समय, ट्रंप ने आर्थिक दबाव बनाते हुए, जिसको बातचीत को ब­ढ़ावा देने का श्रेय दिया जाता है, युद्धविराम समझौते को तब तक स्थगित रखने की धमकी दी थी जब तक कि लड़ाई बंद न हो जाए. तब से एक अस्थिर युद्धविराम जारी है.

नोम पेन्ह के ‘फ्यूचर फोरम थिंक टैंक’ के अध्यक्ष ओउ विराक ने कहा, ”यह तथ्य कि ट्रंप शुल्क कार्ड का सहारा ले रहे थे, वास्तव में बहुत महत्वपूर्ण था. शायद यही मुख्य कारण है, यदि एकमात्र कारण नहीं, तो निश्चित रूप से यही मुख्य कारण है कि दोनों पक्ष युद्धविराम पर तुरंत सहमत हुए.” मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने शिखर सम्मेलन में उद्घाटन भाषण के दौरान थाईलैंड और कंबोडिया के बीच हुए समझौते की प्रशंसा करते हुए कहा, ”यह हमें याद दिलाता है कि सुलह कोई रियायत नहीं है, बल्कि साहस का कार्य है.” *ट्रंप की यात्रा के केंद्र में शुल्क ट्रंप ने कुआलालंपुर में ब्राज.ील के राष्ट्रपति लुईज इनासियो लूला दा सिल्वा के साथ बैठक की, जो इस शिखर सम्मेलन में भी शामिल हुए थे. ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति, जेयर बोल्सोनारो, जो ट्रंप के करीबी रहे हैं, पर मुकदमा चलाने को लेकर दोनों नेताओं के बीच मतभेद रहा है.

बोल्सोनारो को इस हफ्ते की शुरुआत में अपने देश में तख्तापलट की कोशिश का दोषी ठहराया गया था. रविवार को लूला के साथ अपनी बैठक के दौरान, ट्रंप ने कहा कि वह ब्राज.ील पर शुल्क कम कर सकते हैं, जिसे उन्होंने बोल्सोनारो के लिए नरमी बरतने के लिए लागू किया था.

उन्होंने कहा, ”मुझे लगता है कि हमें दोनों देशों के लिए कुछ अच्छे समझौते करने में सक्षम होना चाहिए.” जहां ट्रंप लूला के प्रति गर्मजोशी दिखा रहे थे, वहीं उन्होंने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से दूरी बनाए रखी. राष्ट्रपति ट्रंप कनाडा से नाराज हैं क्योंकि एक टेलीविजन विज्ञापन में उनकी व्यापार नीतियों का विरोध किया गया था. शिखर सम्मेलन के लिए रवाना होते समय ट्रंप ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि वह इसके कारण कनाडा पर शुल्क ब­ढ़ाएँगे.

ट्रंप ने अपनी बाकी यात्रा के दौरान, चीन सहित, समझौतों पर पहुंचने का विश्वास व्यक्त किया है. फेंटेनाइल की तस्करी और सोयाबीन की बिक्री ट्रंप की प्राथमिकताओं में शामिल हैं. ट्रंप ने कहा, ”मुझे लगता है कि हमारे पास एक बहुत व्यापक समझौता करने का अच्छा मौका है.” अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने रविवार को सुझाव दिया कि अमेरिका द्वारा उच्च शुल्क और चीन द्वारा दुर्लभ मृदा तत्वों पर निर्यात प्रतिबंधों को आगे ब­ढ़ाने के बजाय, वाशिंगटन और बीजिंग अपने टकराव से पीछे हट सकते हैं.

जब उनसे पूछा गया कि क्या दोनों देश इस साल की शुरुआत से व्यापार युद्धविराम को आगे ब­ढ़ा सकते हैं, तो बेसेंट ने कहा, ”मैं हां कहूंगा.” हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि अंतिम निर्णय ट्रंप पर निर्भर होगा. कुआलालंपुर में शिखर सम्मेलन में अनुपस्थित रहने वाले एक नेता भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हैं. पहले कार्यकाल में वह ट्रंप के बेहद करीब थे, लेकिन हाल ही में उनके रिश्ते और भी तनावपूर्ण हो गए हैं. ट्रंप ने यह शेखी बघारकर नाराजगी पैदा कर दी कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया विवाद सुलझा लिया है. इसके अलावा ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर शुल्क ब­ढ़ा दिए हैं.

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