नयी दिल्ली. स्थानीय शेयर बाजार में दो कारोबारी सत्रों से जारी तेजी पर सोमवार को विराम लगा और बीएसई सेंसेक्स 174 अंक के नुकसान में रहा जबकि एनएसई निफ्टी में 50 अंक की गिरावट आई. वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख के बीच आईटी तथा दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में बिकवाली से बाजार नुकसान में रहा.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चीनी वस्तुओं पर एक नवंबर से 100 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने की घोषणा से वैश्विक बाजारों में गिरावट आई, जिसका असर घरेलू बाजार पर पड़ा. तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 173.77 अंक यानी 0.21 प्रतिशत टूटकर 82,327.05 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान, एक समय यह 457.68 अंक तक लुढ़क गया था. पचास शेयरों वाला एनएसई निफ्टी भी 58 अंक यानी 0.23 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,227.35 अंक पर बंद हुआ.

सेंसेक्स की कंपनियों में टाटा मोटर्स में सबसे अधिक 2.67 प्रतिशत की गिरावट आई. यह गिरावट अलग हुए वाणिज्यिक वाहन कारोबार में शेयर प्राप्त करने के लिए शेयरधारकों की पात्रता निर्धारित करने की रिकॉर्ड तिथि से एक दिन पहले हुई. इसके अलावा, इन्फोसिस, हिंदुस्तान यूनिलीवर, पावर ग्रिड, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट और टाटा कंसल्टेंसी र्सिवसेज प्रमुख रूप से नुकसान में रहीं. दूसरी तरफ, लाभ में रहने वाले शेयरों में अदाणी पोर्ट्स, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व और एक्सिस बैंक शामिल हैं.

ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर ने कहा, ”अमेरिका-चीन के बीच नए सिरे से बढ़ते व्यापार तनाव ने सोमवार के शुरुआती कारोबार में मुनाफावसूली को बढ़ावा दिया. यह निवेशकों की बढ़ी हुई सतर्कता को बताता है. हालांकि, इस सप्ताह भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल के अमेरिका की यात्रा की खबरों ने बाजार की धारणा को बेहतर बनाया है. इससे द्विपक्षीय व्यापार वार्ता में संभावित सफलता और बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौते के सफल समापन को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं.” छोटी कंपनियों से जुड़े बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक में 0.43 प्रतिशत और मझोली कंपनियों के मिडकैप में 0.18 प्रतिशत की गिरावट आई.

बीएसई में सूचीबद्ध 2,627 शेयरों में गिरावट आई, जबकि 1,664 शेयरों में तेजी आई. वहीं 168 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ.
रेलिगेयर ब्रोकिंग लि. के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा, ”शुल्क वृद्धि की चिंताओं…खासकर अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा चीनी वस्तुओं पर 100 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने की संभावना संबंधी बयान के बाद…ने वैश्विक इक्विटी बाजारों में जोखिम से बचने के रुख को बढ़ावा दिया. इससे घरेलू बाजार में धारणा प्रभावित हुई.” एशिया के अन्य बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट के साथ बंद हुए. अवकाश के कारण जापान के बाजार बंद रहे. यूरोप के बाजारों में दोपहर के कारोबार में तेजी का रुख था. अमेरिकी बाजार शुक्रवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे.

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ”अमेरिका में वित्तपोषण की समस्या के कारण कुछ विभागों में कामकाज ठप (शटडाउन) होने और अमेरिका-चीन के बीच बढ़ते व्यापार तनाव के कारण पूरे एशिया में जोखिम से बचने की धारणा देखने को मिली. इसके कारण घरेलू बाजार में सप्ताह की शुरुआत सतर्कता के साथ हुई.” वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.77 प्रतिशत बढ़कर 63.84 डॉलर प्रति बैरल पर रहा. शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 459.20 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे.

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