नयी दिल्ली. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि विनिर्माण मजबूत अर्थव्यवस्थाओं की रीढ़ है, लेकिन भारत में विनिर्माण में गिरावट आ रही है. उन्होंने जर्मनी के शहर म्यूनिख में ‘बीएमडब्ल्यू वेल्ट’ (बीएमडब्ल्यू का प्रदर्शनी केंद्र) और बीएमडब्ल्यू संयंत्र के दौरे के बाद एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि भारत को विकास में तेजी लाने के लिए सार्थक विनिर्माण तंत्र बनाने की जरूरत है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष इन दिनों जर्मनी के दौरे पर हैं. राहुल गांधी के अनुसार, बीएमडब्ल्यू के संयंत्र दौरे का मुख्य आकर्षण टीवीएस की 450 सीसी मोटरसाइकिल देखना था, जिसे बीएमडब्ल्यू के साथ साझेदारी में विकसित किया गया था.
उन्होंने एक इंस्टाग्राम पोस्ट में कहा, ”बीएमडब्ल्यू वेल्ट और बीएमडब्ल्यू संयंत्र के दौरे के साथ जर्मनी के म्यूनिख में बीएमडब्ल्यू की दुनिया का अनुभव करने का मौका मिला.” कांग्रेस नेता का कहना है कि बीएमडब्ल्यू के साथ साझेदारी में विकसित टीवीएस की 450 सीसी मोटरसाइकिल को देखना एक मुख्य आकर्षण था. राहुल गांधी ने कहा, ”विनिर्माण मजबूत अर्थव्यवस्थाओं की रीढ़ है. दुख की बात है कि भारत में विनिर्माण में गिरावट आ रही है. विकास में तेजी लाने के लिए, हमें अधिक उत्पादन करने की जरूरत है – सार्थक विनिर्माण तंत्र बनाने और बड़े पैमाने पर उच्च गुणवत्ता वाली नौकरियां पैदा करने की जरूरत है.”
एकाधिकार भारत के लिए अभिशाप, एमएसएमई को अर्थव्यवस्था की मजबूत पकड़ देनी होगी: राहुल
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने छोटे आईसक्रीम उत्पादकों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए बुधवार को दावा किया कि मोदी सरकार में हर क्षेत्र में एकाधिकार या ‘डुओपॉली’ (सिर्फ दो समूहों का एकाधिकार) को बढ़ावा दिया जा रहा है जो भारत के लिए अभिशाप है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उपक्रम (एमएसएमई) के हाथों में भारत की अर्थव्यवस्था की मज.बूत पकड़ देनी होगी.
उन्होंने अपने व्हाट्सऐप चैनल पर पोस्ट किया, ”एकाधिकार या ‘डुओपॉली’ (सिर्फ दो समूहों का एकाधिकार) भारत के लिए अभिशाप है. मोदी सरकार हर क्षेत्र, हर उद्योग में यही करती आ रही है.” उन्होंने कहा, ”जनसंसद के दौरान छोटे और मध्यम आइसक्रीम उत्पादकों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात हुई. उनसे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनने पर साफ. हुआ कि सरकार अपने पसंदीदा उद्योगपतियों के लिए छोटे व्यापारों को तबाह करने पर आमादा है.” राहुल गांधी का कहना था कि छोटे आइसक्रीम उत्पादकों के खरीदार भारत के गरीब और निम्न मध्य वर्ग के लोग हैं तथा देशभर में ऐसे हज.ारों छोटे आइसक्रीम निर्माता हैं, जो लाखों लोगों को रोजग़ार देते हैं.
उन्होंने कहा, ”ऐसे छोटे व्यवसायों के लिए जीएसटी इतना जटिल है कि उसका बोझ उठाना उनके लिए मुश्किल हो जाता है. इसी कारण छोटे कारोबारों के लिए एक विशेष योजना बनाई गई थी, लेकिन भाजपा सरकार ने जानबूझकर आइसक्रीम को इस योजना से बाहर कर दिया. इसके साथ ही भाजपा शासित राज्यों और नगर निगमों ने फीस में तेज. बढ़ोतरी कर दी.” उन्होंने कहा, ”ऊंचे कर, बढ़ती काग़ज़ी कार्रवाई और बढ़ते शुल्क के इस धमाके के सामने छोटे आइसक्रीम निर्माता बिखरते जा रहे हैं. आज वे इंडिया गेट जैसे पर्यटन स्थलों पर भी मुश्किल से दिखाई देते हैं.” राहुल गांधी ने दावा किया कि यही कहानी हर क्षेत्र में दोहराई जा रही है.
उन्होंने कहा, ”हमें इस चक्रव्यूह को तोड़कर एमएसएमई के हाथों में भारत की अर्थव्यवस्था की मज.बूत पकड़ देनी होगी, ताकि युवाओं को रोजग़ार मिले, जनता को सस्ते और अच्छे विकल्प मिलें और छोटे व्यापार देश की प्रगति में बराबरी के भागीदार बन सकें.”

