प्रशासनिक टीम के सामने पिया फिनाइल, कार्रवाई रुकी
राष्ट्रवाणी,16 जून 2026। महासमुंद जिले के पिथौरा के समीपस्थ ग्राम पंचायत लहरौद में ओवरब्रिज के नीचे शासकीय भूमि पर निर्मित मकानों को हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम के सामने एक 13 वर्षीय बालिका द्वारा कथित रूप से फिनाइल पीकर आत्महत्या का प्रयास करने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद प्रशासनिक टीम कार्रवाई को बीच में ही छोड़कर लौट गई। बालिका को तत्काल अस्पताल दाखिल कराया गया, जहां उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार की सुबह तहसीलदार मोहित कुमार के नेतृत्व में प्रशासनिक अमला और पुलिस बल ग्राम पंचायत लहरौद में अतिक्रमण हटाने पहुंचा था।
अधिकारियों के अनुसार, खसरा नंबर 896 और 897 (रकबा 0.04 और 0.06 हेक्टेयर) की भूमि पर बेदखली आदेश का पालन कराने के लिए यह कार्रवाई की जा रही थी।
कार्रवाई के दौरान वहां निवासरत योगेश निषाद की 13 वर्षीय पुत्री मालती ने टीम के समक्ष मकान तोडने का अनुरोध किया। परिजनों के अनुसार, जब प्रशासनिक टीम ने उसकी बात पर संज्ञान नहीं लिया, तो आहत होकर बालिका ने मौके पर ही फिनाइल पी लिया। बालिका द्वारा उठाए गए इस कदम के बाद मौके पर स्थिति असहज हो गई और प्रशासनिक दल कार्रवाई रोककर वहां से वापस लौट गया। परिजनों ने स्थानीय लोगों की मदद से बालिका को तत्काल अस्पताल पहुंचाया।
पीडित परिवार और ग्रामीणों के आरोप प्रभावित परिवार के सदस्य विश्राम निषाद और अन्य पीडितों ने प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वे इस भूमि पर पिछले 45 वर्षों से रह रहे हैं और वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ही यहां उनके पक्के मकान स्वीकृत कर बनाए गए थे।
पीडित पक्ष का आरोप है कि भूमि से संबंधित विवाद न्यायालय में लंबित है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उन्हें पेशी के बहाने तहसील कार्यालय बुलाया और जब वे वहां मौजूद थे, उसी दौरान पीछे से घरों को ढहाने के लिए बुलडोजर भेज दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में कई अन्य लोग भी शासकीय भूमि पर काबिज हैं, लेकिन केवल पांच परिवारों को ही लक्षित करके यह कार्रवाई की गई है, जो किसी बाहरी प्रभाव को दर्शाता है।
उपसरपंच ने जताई आपत्ति
ग्राम पंचायत लहरौद के उपसरपंच रमेश सिन्हा ने इस प्रशासनिक कार्रवाई पर आपत्ति जताई है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा इस संबंध में कोई पूर्व सूचना या नोटिस नहीं दिया गया था। बिना आधिकारिक जानकारी के अचानक की गई इस कार्रवाई को उन्होंने नियमों के विपरीत बताया।
शिकायत पर की गई कार्रवाई – तहसीलदार
पिथौरा के तहसीलदार मोहित कुमार अमिला ने बयान दिया कि बेदखली आदेश का पालन नहीं होने पर शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई की गई। बालिका द्वारा कीटनाशक पीने की जानकारी नहीं है।
