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- बीसीसीएल ने गजलीटांड़ खदान दुर्घटना की 31वीं वर्षगांठ मनाई, 64 शहीद कोयला श्रमिकों को श्रद्धांजलि दी – भारतीय पीएसयू
- जी किशन रेड्डी भारतीय सार्वजनिक उपक्रम कोलकाता में कोल इंडिया परिचालन की समीक्षा करेंगे
- Raipur Triple Murder: राजधानी रायपुर में ट्रिपल मर्डर, एक साथ तीन लोगों की हत्या से दहला पूरा शहर, जानें आरोपी ने किस वजह से दिया वारदात को अंजाम – राष्ट्रवाणी
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- CG Weather: रायपुर से लेकर बिलासपुर तक कई जिलों में बारिश का अलर्ट, अन्य जिलों में वज्रपात और मध्यम वर्षा की चेतावनी – राष्ट्रवाणी
लेखक: atulpradhan
वरिष्ठ स्तंभकार एवं ख्यातिलब्ध लेखक श्री प्रहलाद सबनानी तत्व चिंतन परक लेख में सनातन संस्कृति के विस्तार पर प्रकाश डाल रहे हैं. पूरे विश्व में आज विभिन्न देशों के नागरिकों में शांति का अभाव दिखाई दे रहा है एवं परिवार के सदस्यों के बीच भी भाईचारे की कमी दिखाई दे रही है। शादी के तुरंत बाद तलाक लेना तो जैसे आम बात हो गई है, आज कई विकसित देशों में तलाक की दर 60 प्रतिशत से भी अधिक है। बुजुर्ग माता पिता की देखभाल करने वाला उनका अपना कोई साथ नहीं है। अमेरिका में तो लगभग 10 लाख बुजुर्ग नागरिक…
वरिष्ठ और ख्यातिलब्ध स्तंभकार मयंक चतुर्वेदी ने लेख के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों की भारत विरोधी एजेंडापरक रिपोर्ट को बेनकाब किया है. दुनिया में तमाम संगठन और एजेंसियां हैं जोकि समय-समय पर विभिन्न विषयों पर अपनी रिपोर्ट तैयार कर उन्हें जारी करती हैं। इन एजेंसिंयों और संगठन की रिपोर्ट कितनी सही या गलत हैं, समय बीतने के साथ आखिरकार सामने आ ही जाता है। भारत के संदर्भ में भी कई रिपोर्ट जारी हुई हैं । अधिकांश में जो एक समानता दिखाई देती है, वह यही है कि भारत मोदी सरकार के रहते कमजोर हुआ है। किंतु क्या वाकई में यह…
ख्यातिलब्ध स्तंभकार एवं राष्ट्रवादी तत्वचिंतक श्री प्रहलाद सबनानी इस लेख के माध्यम से भारतीय अर्थव्यवस्था के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाल रहे हैं. वित्तीय वर्ष 2023-24 की तृतीय तिमाही (अक्टोबर-दिसम्बर 2023) में भारत में आर्थिक विकास की दर 8.4 प्रतिशत रही है। कुछ विदेशी अर्थशास्त्री भारत की आर्थिक विकास दर को कमतर आंकते हुए दिखाई दे रहे हैं जबकि यह लगातार तिमाही दर तिमाही आगे बढ़ती ही जा रही है। अब तो विश्व की कई आर्थिक एवं वित्तीय संस्थानों ने भी वर्ष 2024 के लिए भारत की आर्थिक विकास दर के सम्बंध में अपने अनुमानों को बेहतर किया है, परंतु…
वरिष्ठ एवं ख्यातिलब्ध स्तम्भकार डॉ नीलम महेन्द्र नवरात्र के वैज्ञानिक महत्व पर प्रकाश डाल रही हैं.. चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा यानी नव संवत्सर का आरम्भ। ऐसा नववर्ष जिसमें सम्पूर्ण सृष्टि में एक नई ऊर्जा का संचार हो रहा होता है। एक तरफ पेड़ पौधों में नई पत्तियां और फूल खिल रहे होते हैं तो मौसम भी करवट बदल रहा होता है। शीत ऋतु जा रही होती है, ग्रीष्म ऋतु आ रही होती है और कोयल की मनमोहक कूक वातावरण में रस घोल रही होती है। देखा जाए तो प्रकृति हर ओर से नवीनता और बदलाव का संदेश दे रही…
लेखक :डॉ.आनंद सिंह राणा, विभागाध्यक्ष इतिहास विभाग, श्रीजानकीरमण महाविद्यालय एवं इतिहास संकलन समिति महाकौशल प्रांत 11 अप्रैल को महात्मा जोतिबा फुले जी की जयंती पर सादर समर्पित : यह लेख आगे बढ़े इसके पूर्व यह विचार करना आवश्यक है,कि पिछले कई दशकों से मिशनरियों, वामपंथियों, तथाकथित सेक्यूलरों और अब जय भीम – जय मीम के विद्वानों ने जोतिबा फुले को हिंदू धर्म विरोधी बताया है परंतु क्या यह सच है ? और यदि यह सच है तो महात्मा जोतिबा फुले ने हिंदू धर्म क्यों नहीं छोड़ा?क्यों उन्होंने ईसाई अथवा बौद्ध धर्म या अन्य धर्म स्वीकार नहीं किया? उत्तर स्पष्ट है…
पूर्व राज्यसभा सांसद एवं ख्यातिलब्ध स्तंभकार श्री बलबीर पुंज अमेरिका में आगामी कुछ महीनों में होने वाले चुनाव में ट्रंप की वापसी की संभावनाओं का विश्लेषण कर रहे हैं… क्या अमेरिका में राष्ट्रपति के रूप में डोनाल्ड ट्रंप की वापसी होगी? यह प्रश्न दुनिया के इस सबसे शक्तिशाली देश के लिए महत्वपूर्ण तो है ही, साथ ही यह शेष विश्व को भी प्रभावित करेगा। स्वयं वर्तमान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने बीते दिनों अपने चुनाव प्रचार के दौरान कहा था, “भारत में जी20 हो या किसी अन्य देश में हुई बैठक, जब भी दुनियाभर के नेता जुटते हैं, तो वे…
चैत्र शुक्ल पक्ष एकम् सृष्टि विकास के आरंभ का दिन है, और संसार के लिये नवसंवत्सर । अर्थात नये संवत् वर्ष का प्रथम दिन है। अब विक्रम संवत् 2081 और युगाब्द 5126 आरंभ हो रहा है । इस संवत्सर का आरंभिक नाम तो “पिंगल” होगा पर 24 अप्रैल से वर्षभर “कालयुक्त” नाम से जाना जायेगा । वर्ष राजा के मंगल और मंत्री का दायित्व शनि के पास रहेगा। युगाब्द संवत् महाभारत युद्ध के बाद सम्राट युधिष्ठिर के राज्याभिषेक, और महाराज विक्रमादित्य के राज्याभिषेक की तिथि से विक्रम संवत् आरंभ हुआ है।भारतीय नववर्ष 9 अप्रैल 2024 से शुरू हो रहा है…
भारत ने 2070 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने भी प्रभावी कदम उठाना शुरूकर दिया है। इसी क्रम में 15 मार्च को छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा ’’छत्तीसगढ़ – विजन 2047’’ कान्फ्रेंस का आयोजन किया गया। राष्ट्रवाणी की संवाददाता जया लक्ष्मी तिवारी कॉन्फ्रेंस के विषय में प्रकाश डाल रही हैं। रायपुर : ’’अर्थव्यवस्था के विकास के साथ ही हमारी सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी यह भी है कि हम पर्यावरण के संरक्षण में स्वयं रूचि लेकर योगदान दें। हमारी पुरानी संस्कृति पर्यावरण संरक्षण की रही है। हम पेड़ पौधों, गाय, तालाबों की पूजा करते…
रायपुर। पर्यावरण संकट से निपटने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने एक प्रभावी पहल की है। राज्य की विष्णु देव साय सरकार प्रदेश में जलवायु परिवर्तन की निगरानी के लिए डैशबोर्ड बनाने जा रही है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ की प्रिमिटिव ट्राइब्स व वैद्यराजों से सुझाव लेकर सरकार अमल करेगी। रायपुर में 5 मार्च को ‘‘छत्तीसगढ़ क्लाइमेट चेंज कॉन्क्लेव 2024‘‘ कॉन्क्लेव आयोजित किया गया था। इसमें प्रदेश की प्रिमिटिव ट्राइब्स के प्रतिनिधियों व वैद्यराजों को आमंत्रित किया गया जहां प्रकृति संरक्षण की दिशा में उनके द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा की व उनसे सुझाव मांगे गए। उनसे मिले सुझावों…
बस्तर में कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ और प्रभु श्रीराम के संबंधों का जैसे ही उल्लेख किया, वहां उपस्थित विशाल जनसमूह का रोम-रोम जैसे आस्था और गर्व से भर गया। भगवान राम मानवीय जीवन के लिए मर्यादा, नैतिकता, आचरण एवं मूल्यों के बोध हैं। किसी भी राष्ट्र के जीवन में कुछ अवसर ऐसे आते हैं, जो उसकी अस्मिता को सुदृढ़ करते हैं। 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राणप्रतिष्ठा संपूर्ण आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक जगत का अनुष्ठान है। इसके ज्योर्तिपुंज से समग्र मानवता उर्वर होगी। भारतीय समाज ने राम मंदिर के निर्माण की इस यात्रा में जिस एकता…
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