बलौदाबाजार। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की धान खरीदी इस बार पहले से ही चुनौतीपूर्ण थी. सहकारी समिति के कई कर्मचारी हड़ताल पर चले गए, जिससे प्रशासनिक मशीनरी पर अतिरिक्त दबाव आ गया. सरकार ने धान खरीदी को अति आवश्यक सेवा घोषित किया है, इसलिए काम से इंकार करने वालों पर अब कड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है.
बलौदाबाजार में जिला प्रशासन ने प्रभारी प्रबंधक सहित 13 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है. वहीं 3 कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश जारी हो गए हैं. प्रशासन ने साफ संकेत दे दिया है कि धान खरीदी व्यवस्था को किसी भी हाल में प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा.

धान खरीदी को लेकर हर साल व्यवस्थाएं मजबूत करने के लिए जिला प्रशासन लगातार तैयारी करता है. लेकिन इस बार सहकारी समितियों के कर्मचारियों ने खरीदी शुरू होने से पहले ही हड़ताल शुरू कर दी. इस हड़ताल का सीधा असर किसानों पर पड़ सकता था, इसलिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है.
खरीदी केंद्रों पर आरएईओ, पटवारी और नए ऑपरेटरों की तत्काल नियुक्ति की गई. काम से इंकार करने वालों पर अति आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून (ESMA) के तहत कड़ी कार्रवाई की गई. कार्रवाई का पहला बड़ा चरण सामने आया है. जिला खाद्य अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार बर्खास्त किए गए 13 कर्मचारियों में प्रबंधक और विक्रेता दोनों शामिल हैं. ये कर्मचारी लगातार ड्यूटी से अनुपस्थित थे और प्रशासनिक आदेशों का पालन नहीं कर रहे थे.


कलेक्टर दीपक सोनी ने साफ कहा है कि किसानों को किसी भी स्थिति में दिक्कत नहीं होने दी जाएगी. उन्होंने पहले ही उपार्जन केंद्रों में मेंटर अधिकारी, उड़नदस्ता दल, चेकपोस्ट और नए ऑपरेटर नियुक्त कर दिए थे.

