Close Menu
Rashtrawani
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
प्रमुख राष्ट्रवाणी

भारत-ईयू ने एफटीए वार्ता पूरी की, परिधान, रसायनों के लिए शून्य शुल्क; कार, वाइन के लिए रियायती पहुंच

January 27, 2026

‘जन नायकन’ सेंसर सर्टिफिकेट विवाद: मद्रास हाईकोर्ट में एकल पीठ का आदेश रद्द, फिल्म के रिलीज पर सस्पेंस बरकरार

January 27, 2026

छत्तीसगढ़ की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र, देश के पहले डिजिटल म्यूजियम की झलक ने छुआ दिल

January 27, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
  • Terms
  • About Us – राष्ट्रवाणी | Rashtrawani
  • Contact
Facebook X (Twitter) Instagram
RashtrawaniRashtrawani
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
Subscribe
Rashtrawani
Home»Blog»बालोद: दुर्गडोंगरी मंदिर है आस्था और विश्वास का केन्द्र
Blog

बालोद: दुर्गडोंगरी मंदिर है आस्था और विश्वास का केन्द्र

atulpradhanBy atulpradhanFebruary 18, 2025No Comments3 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Reddit Telegram Email
बालोद: दुर्गडोंगरी मंदिर है आस्था और विश्वास का केन्द्र
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

रायपुर. छत्तीसगढ़ का बालोद जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए जाना जाता है. इसी कड़ी में एक अद्भुत स्थान है दुर्गडोंगरी किल्लेवाली मंदिर, जो प्रकृति प्रेमियों और रोमांच पसंद करने वालों के लिए बेहद खास है. यह स्थान न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि अपने सुरम्य वातावरण और रोमांचकारी सफर के कारण भी पर्यटकों को आकर्षित करता है.

बालोद जिले के डौंडी विकासखंड के ग्राम कोटागांव के समीप स्थित यह स्थल हरे-भरे वनों के बीच ऊँचाई पर बसा हुआ है. यहाँ की प्राकृतिक छटा बहुत मनमोहक है. खासकर सूर्याेदय और सूर्यास्त के समय का नज़ारा अत्यंत मनोहारी होता है, जो मन को शांति और ऊर्जा से भर देता है. आसपास फैले घने जंगल, बोईरडीह जलाशय का अद्भुत दृश्य और दूर तक फैली दल्लीराजहरा एवं महामाया की पहाड़ियाँ इस जगह की सुंदरता को और भी बढ़ा देती हैं. बारिश के मौसम में यहाँ की हरियाली अद्वितीय होती है, जिससे यह स्थान और अधिक आकर्षक हो जाता है.

दुर्गडोंगरी किल्लेवाली मंदिर तक पहुँचने का सफर अपने आप में एक रोमांचक अनुभव है. दल्लीराजहरा से महामाया रोड होते हुए लगभग 10 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद इस स्थल का प्रवेश द्वार मिलता है. यहाँ तक वाहनों के लिए सीसी सड़क बनी हुई है, जो ऊँचाई तक जाती है. इसके बाद एक वाहन पार्किंग क्षेत्र है, जहाँ से पैदल यात्रा प्रारंभ होती है. मंदिर तक पहुँचने के लिए सीढ़ियों और कच्चे पगडंडी मार्ग से होकर जाना पड़ता है. यह सफर थकावट भरा जरूर होता है, लेकिन जैसे-जैसे ऊपर बढ़ते हैं, प्रकृति के अनुपम दृश्य हर थकान को दूर कर देती है. मंदिर तक पहुँचने के बाद ऊँचाई से दिखने वाला मनोरम नज़ारा इस यात्रा को अविस्मरणीय बना देता है. इस स्थान को दुर्गडोंगरी कहा जाता है, जिसका शाब्दिक अर्थ पर्वत पर स्थित किला होता है. माना जाता है कि यहाँ कभी एक किला था, जिसके अब केवल अवशेष ही बचे हैं. किले के अवशेषों के साथ ही यहाँ स्थित किल्लेवाली माता का मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है. हर मौसम में यहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु माँ किल्लेवाली के दर्शन करने आते हैं.

दुर्गडोंगरी किल्लेवाली मंदिर केवल धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि एडवेंचर प्रेमियों के लिए भी एक बेहतरीन पर्यटन स्थल है. यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता, पहाड़ों की ऊँचाई, जलाशय का मनमोहक दृश्य और रोमांचक चढ़ाई इसे एक अनूठा पर्यटन स्थल बनाते हैं. प्रकृति की गोद में बसा यह स्थल निश्चित रूप से यहां आने वाले लोगों को एक अद्भुत अनुभव प्रदान करता है.

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
Previous Articleभाजपा ने आतिशी के ‘गैरजिम्मेदाराना बयान’ के लिए आलोचना की
Next Article शहजादी के मामले पर लगातार नजर रख रहा भारतीय दूतावास
atulpradhan
  • Website

Related Posts

Blog

गणेश जी की विसर्जन विधि (मंत्रों सहित)

August 31, 2025
Blog

गणेश जी की आरती

August 31, 2025
Blog

एक्सिओम-4 मिशन को 11 जून तक स्थगित किया गया : इसरो

June 9, 2025
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Top Posts

निर्मला सीतारमण ने जातिगत गणना का श्रेय लेने पर तमिलनाडु सरकार को घेरा

May 3, 202546 Views

सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की

April 30, 202546 Views

चपरासी से उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के आरोप में एक प्रिंसिपल और प्रोफेसर निलंबित

April 8, 202543 Views
Stay In Touch
  • Facebook
  • WhatsApp
  • Twitter
  • Instagram
Latest Reviews
राष्ट्रवाणी

राष्ट्रवाणी के वैचारिक प्रकल्प है। यहां आपको राष्ट्र हित के ऐसे दृष्टिकोण पर आधारित समाचार, विचार और अभिमत प्राप्त होंगे, जो भारतीयता, हिंदुत्व और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली, विश्व बंधुत्व और वसुधैव कुटुंबकम के शाश्वत चिंतन को पुष्ट करता है।

संपादक : नीरज दीवान

मोबाइल नंबर : 7024799009

Most Popular

निर्मला सीतारमण ने जातिगत गणना का श्रेय लेने पर तमिलनाडु सरकार को घेरा

May 3, 202546 Views

सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की

April 30, 202546 Views

चपरासी से उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के आरोप में एक प्रिंसिपल और प्रोफेसर निलंबित

April 8, 202543 Views
Our Picks

भारत-ईयू ने एफटीए वार्ता पूरी की, परिधान, रसायनों के लिए शून्य शुल्क; कार, वाइन के लिए रियायती पहुंच

January 27, 2026

‘जन नायकन’ सेंसर सर्टिफिकेट विवाद: मद्रास हाईकोर्ट में एकल पीठ का आदेश रद्द, फिल्म के रिलीज पर सस्पेंस बरकरार

January 27, 2026

छत्तीसगढ़ की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र, देश के पहले डिजिटल म्यूजियम की झलक ने छुआ दिल

January 27, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
© 2026 Rashtrawani

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.