Close Menu
Rashtrawani
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
प्रमुख राष्ट्रवाणी

भारत-ईयू ने एफटीए वार्ता पूरी की, परिधान, रसायनों के लिए शून्य शुल्क; कार, वाइन के लिए रियायती पहुंच

January 27, 2026

‘जन नायकन’ सेंसर सर्टिफिकेट विवाद: मद्रास हाईकोर्ट में एकल पीठ का आदेश रद्द, फिल्म के रिलीज पर सस्पेंस बरकरार

January 27, 2026

छत्तीसगढ़ की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र, देश के पहले डिजिटल म्यूजियम की झलक ने छुआ दिल

January 27, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
  • Terms
  • About Us – राष्ट्रवाणी | Rashtrawani
  • Contact
Facebook X (Twitter) Instagram
RashtrawaniRashtrawani
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
Subscribe
Rashtrawani
Home»International»बांग्लादेश: चुनाव से डेढ़ माह पहले खालिदा जिया का निधन!
International

बांग्लादेश: चुनाव से डेढ़ माह पहले खालिदा जिया का निधन!

Team RashtrawaniBy Team RashtrawaniDecember 30, 2025No Comments4 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Reddit Telegram Email
बांग्लादेश: चुनाव से डेढ़ माह पहले खालिदा जिया का निधन!
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

बांग्लादेश: बांग्लादेश में अगले साल फरवरी में आम चुनाव होने है। इससे पहले बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया का निधन बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। बीएनपी की लंबे समय तक नेता रही खालिदा जिया ने पार्टी को मजबूती दी और देश की राजनीति में अपना दबदबा बनाए रखा। उनका निधन चुनाव से डेढ़ माह पहले हुआ है, जो बीएनपी के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा कर सकता है। हालांकि खालिदा जिया के बाद पार्टी में अब उनके बेटे तारिक रहमान का नेतृत्व है, जो कई वर्षों से लंदन में निर्वासन में थे। ऐसे में सवाल खड़ो हो रहा है कि क्या खालिदा जिया की मौत के बाद आने वाले चुनाव में तारिक रहमान को जनता की सहानुभूति मिलेगी?

इस बात को अगर विशेषज्ञों के आधर से समझने की कोशिश करें तो कई विशेषज्ञों का मानना है कि इस चुनाव में खालिदा जिया के निधन के बाद उनके बेटे तारिक रहमान को जनता का समर्थन और सहानुभूति मिलने की संभावना तेज है। बैहरला बीएनपी को अपने पुराने समर्थकों को जोड़े रखना और चुनावी रणनीति को मजबूती देना होगा।

पार्टी में अस्थिरता की भी संभावना
हालांकि दूसरी ओर तारिक रहमान के लिए पार्टी का नेतृत्व संभालना इतना भी आसान नहीं रहने वाला है। इसका बड़ा कारण है कि हमें इस बात से को भी नजरंदाज नहीं करना चाहिए खालिदा जिया की लोकप्रियता और उनके योगदान के कारण उनकी पार्टी को जनता से सहानुभूति का लाभ तो मिल सकता है, लेकिन नेता के निधन से पार्टी को संगठन और नेतृत्व में अस्थिरता का भी सामना करना पड़ सकता है।

ऐसे में बीएनपी का भविष्य अब तारिक रहमान और अन्य वरिष्ठ नेताओं की रणनीति पर निर्भर करेगा। चुनाव से पहले यह स्पष्ट नहीं है कि पार्टी कितनी ताकतवर वापसी कर पाएगी, लेकिन खालिदा जिया की विरासत पार्टी के लिए प्रेरणा और मजबूती का काम करेगी।

बांग्लादेश की राजनीति में मजबूत नाम थीं खालिदा जिया
बता दें कि बांग्लादेश की राजनीति में खालिदा जिया एक अहम और लंबी समय तक प्रभावशाली किरदार रही हैं। वह बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री और मुस्लिम दुनिया की दूसरी महिला प्रधानमंत्री थीं। खालिदा जिया ने लगभग चार दशक तक अपने अभिप्रतिद्वंद्वी शेख हसीना के साथ देश की राजनीति में राज किया।

इतना ही नहीं जिया बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की लंबे समय तक अध्यक्ष रहीं और तीन बार प्रधानमंत्री बनीं। उनका राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा। उन्होंने देश में सैन्य शासन के बाद लोकतंत्र को बहाल करने में अहम भूमिका निभाई। उनके समर्थक उन्हें इस वजह से भी सराहते हैं।

राजनीति में कैसे हुई इंट्री, पहले ये समझिए
खालिदा जिया का राजनीति में आने का रास्ता बहुत योजनाबद्ध नहीं था। 35 साल की उम्र में अपने पति, राष्ट्रपति और पूर्व सेना अधिकारी जियाउर रहमान की हत्या के बाद वह राजनीति में आईं। शुरुआत में वह सिर्फ फर्स्ट लेडी थीं, लेकिन जल्दी ही बीएनपी की अध्यक्ष बन गईं। इसके बाद 1982 में सेना के कब्जे के बाद जिया ने लोकतंत्र बहाल करने के लिए आंदोलन शुरू किया। 1991 के चुनाव में बीएनपी ने जीत दर्ज की और खालिदा जिया पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं। उन्होंने उस दौरान संवैधानिक बदलाव कर राष्ट्रपति प्रणाली से संसद प्रणाली में बदलाव किया।

1996 में पार्टी को मिली थी दोबारा जीत
ऐसे में 1996 में बीएनपी को सत्ता में दोबारा जीत मिली, लेकिन सत्ता छोड़नी पड़ी। 2001 में फिर से उन्होंने जीत दर्ज की और 2006 तक प्रधानमंत्री रहीं। इसके बाद उन्हें विपक्षी नेता के रूप में राजनीति में सक्रिय भूमिका निभानी पड़ी।

राजनीतिक सफर में बड़े उतार चढ़ाव भी
गौर करने वाली बात ये है खालिदा जिया का राजनीतिक सफर इतना आसान भी नहीं रहा। उनके करियर में भ्रष्टाचार के आरोप और जेल की सजा भी शामिल रही। लेकिन 2024 में उन्हें राष्ट्रपति की माफी मिली और उन्होंने फिर से राजनीतिक मंच पर कदम रखा। जिया की राजनीति में भारत और चीन के साथ संबंधों पर भी असर पड़ा। उनके पहले कार्यकाल में ‘लुक ईस्ट नीति’ अपनाई गई, जिससे चीन और मुस्लिम देशों के साथ रणनीतिक संबंध मजबूत हुए, जबकि भारत के साथ रिश्ते कभी-कभी तनावपूर्ण रहे। उनकी लोकप्रियता इस बात से भी पता चलती है कि वह कभी भी अपने क्षेत्र से चुनाव हारती नहीं थीं।

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
Previous ArticleKhaleda Zia Condolences: पीएम मोदी ने खालिदा जिया के निधन पर जताया शोक, 2015 में हुई मुलाकात को किया याद
Next Article Raihan Vadra’s Engagement: प्रियंका गांधी के बेटे रेहान वाड्रा ने दिल्ली की लड़की के साथ की सगाई!
Team Rashtrawani
  • Website

Related Posts

International

भारतीय मूल के व्यक्ति ने पारिवारिक विवाद में पत्नी, तीन रिश्तेदारों की गोली मारकर हत्या की

January 24, 2026
International

‘बाहर के लोगों ने की हिंसा’, प्रदर्शन को लेकर ईरान का बड़ा दावा; कहा- थोपा गया तो युद्ध के लिए तैयार

January 24, 2026
International

ईरान के शीर्ष अभियोजक ने 800 कैदियों की फांसी रोकने के ट्रंप के दावे को खारिज किया

January 23, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Top Posts

निर्मला सीतारमण ने जातिगत गणना का श्रेय लेने पर तमिलनाडु सरकार को घेरा

May 3, 202546 Views

सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की

April 30, 202546 Views

चपरासी से उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के आरोप में एक प्रिंसिपल और प्रोफेसर निलंबित

April 8, 202543 Views
Stay In Touch
  • Facebook
  • WhatsApp
  • Twitter
  • Instagram
Latest Reviews
राष्ट्रवाणी

राष्ट्रवाणी के वैचारिक प्रकल्प है। यहां आपको राष्ट्र हित के ऐसे दृष्टिकोण पर आधारित समाचार, विचार और अभिमत प्राप्त होंगे, जो भारतीयता, हिंदुत्व और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली, विश्व बंधुत्व और वसुधैव कुटुंबकम के शाश्वत चिंतन को पुष्ट करता है।

संपादक : नीरज दीवान

मोबाइल नंबर : 7024799009

Most Popular

निर्मला सीतारमण ने जातिगत गणना का श्रेय लेने पर तमिलनाडु सरकार को घेरा

May 3, 202546 Views

सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की

April 30, 202546 Views

चपरासी से उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के आरोप में एक प्रिंसिपल और प्रोफेसर निलंबित

April 8, 202543 Views
Our Picks

भारत-ईयू ने एफटीए वार्ता पूरी की, परिधान, रसायनों के लिए शून्य शुल्क; कार, वाइन के लिए रियायती पहुंच

January 27, 2026

‘जन नायकन’ सेंसर सर्टिफिकेट विवाद: मद्रास हाईकोर्ट में एकल पीठ का आदेश रद्द, फिल्म के रिलीज पर सस्पेंस बरकरार

January 27, 2026

छत्तीसगढ़ की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र, देश के पहले डिजिटल म्यूजियम की झलक ने छुआ दिल

January 27, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
© 2026 Rashtrawani

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.