क्या है BCCI Central Contract?
बीसीसीआई का केंद्रीय अनुबंध (Central Contract) खिलाड़ियों के लिए सालाना वेतन का एक सिस्टम है। यह सिर्फ आर्थिक लाभ नहीं है, बल्कि प्रदर्शन, फॉर्मेट में भागीदारी, और अनुशासन के आधार पर खिलाड़ियों का मूल्यांकन भी करता है। इसमें खिलाड़ियों को चार ग्रेड में बांटा जाता है: A+, A, B, और C। हर ग्रेड के साथ एक तय वेतन जुड़ा होता है।
बेसिक वेतन कैसे तय होता है?
- A+ ग्रेड: 7 करोड़ रुपये प्रति वर्ष (सिर्फ चुनिंदा स्टार खिलाड़ी)
- A ग्रेड: 5 करोड़ रुपये
- B ग्रेड: 3 करोड़ रुपये
- C ग्रेड: 1 करोड़ रुपये
यह वेतन, मैच फीस से अलग होता है। यानी, खिलाड़ी जितने मैच खेलें, उससे अलग यह वार्षिक रिटेनर राशि मिलती है।
ग्रेड कैसे तय होते हैं?
- प्राथमिकता और फॉर्मेट:
टेस्ट क्रिकेट को सबसे ऊपर माना जाता है। जो खिलाड़ी तीनों फॉर्मेट में खेलते हैं या टेस्ट में बड़ा योगदान देते हैं, उन्हें उच्च ग्रेड मिलती है। - प्रदर्शन और निरंतरता:
पिछले प्रदर्शन, फॉर्म, फिटनेस और भागीदारी के आधार पर ग्रेड तय होते हैं। लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रमोशन मिलता है, और फॉर्म में गिरावट पर डिमोशन भी हो सकता है। - मिनिमम मैच की आवश्यकता:
ग्रेड C पाने के लिए न्यूनतम मैच खेलने जरूरी हैं। जैसे, 3 टेस्ट, 8 वनडे या 10 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच जरूरी हैं। - घरेलू क्रिकेट की भागीदारी:
जो खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम में नहीं हैं, उन्हें घरेलू क्रिकेट जैसे रणजी ट्रॉफी में भाग लेना जरूरी है।
कोहली और रोहित का क्या होगा?
वर्तमान में, कोहली और रोहित A+ ग्रेड में हैं। लेकिन वे अब टेस्ट और T20I नहीं खेलते। इसलिए कहा जा रहा है कि उन्हें A ग्रेड में डाला जा सकता है।
क्या वेतन में कटौती होगी?
- A+ ग्रेड में खिलाड़ियों को 7 करोड़ रुपये मिलते हैं।
- A ग्रेड में 5 करोड़ रुपये मिलते हैं।
- इससे दोनों को सालाना लगभग 2 करोड़ रुपये की वेतन कटौती का सामना करना पड़ सकता है।
बीसीसीआई का केंद्रीय अनुबंध प्रदर्शन, फॉर्मेट में भागीदारी और अनुशासन के आधार पर तय होता है। विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गजों का भविष्य उनके चयन और प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। वे यदि A ग्रेड में आते हैं, तो उनकी सालाना सैलरी में करीब 2 करोड़ रुपये की कटौती हो सकती है।

