Close Menu
Rashtrawani
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
प्रमुख राष्ट्रवाणी

जून में एफआईएच हॉकी नेशन कप में भाग लेगी भारतीय महिला हॉकी टीम

March 16, 2026

होर्मुज संकट से नाटो में दरार? मदद नहीं मिलने पर ट्रंप ने सहयोगी देशों को दे डाली चेतावनी

March 16, 2026

सर्राफा बाजार में गिरावट, चांदी ₹4000 तक टूटी, सोना ₹1450 सस्ता

March 16, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
  • Terms
  • About Us – राष्ट्रवाणी | Rashtrawani
  • Contact
Facebook X (Twitter) Instagram
RashtrawaniRashtrawani
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
Subscribe
Rashtrawani
Home»Chhattisgarh»बच्चों के संग विद्यार्थी बने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा
Chhattisgarh

बच्चों के संग विद्यार्थी बने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

Team RashtrawaniBy Team RashtrawaniOctober 28, 2025No Comments6 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Reddit Telegram Email
बच्चों के संग विद्यार्थी बने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

रायपुर. प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने आज कबीरधाम जिले के ग्राम बिरकोना स्थित उच्चतर माध्यमिक शाला से कवर्धा विकासखंड के अंतर्गत संचालित 17 शासकीय स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम सुविधा का शुभारंभ किया. इस अवसर पर उन्होंने स्मार्ट कक्षाओं का स्कूली बच्चों के साथ रिबन काटकर शुभारम्भ किया. इस कार्यक्रम में कवर्धा विकासखण्ड के सभी स्कूल जहां स्मार्ट कक्षाओं की शुरुआत हो रही है वहां के बच्चे वर्चुअल माध्यम से सीधे जुड़े.

इस अवसर पर सभी शिक्षा के डिजिटलीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के साक्षी बने. इस दौरान उपमुख्यमंत्री शर्मा स्मार्ट क्लास में जाकर बच्चों के साथ बैठकर खुद भी विद्यार्थी बन गए. उन्होंने बच्चों के साथ बैठकर आदर्श विद्यार्थी की तरह डिजिटल बोर्ड के माध्यम से हृदय की संरचना, पौधों में पादप हार्मोन एवं इलेक्ट्रो केमिस्ट्री में बैटरी की कार्यप्रणाली के बारे में डिजिटल बोर्ड द्वारा जानकारी प्राप्त की. उन्होंने शिक्षकों के साथ डिजिटल कक्षा के संचालन, उपयोग एवं कार्यप्रणाली के संबंध में विस्तृत चर्चा की. उन्होंने स्वयं भी स्मार्ट बोर्ड संचालित कर इसकी उपयोगिता को परखा. उन्होंने इस पहल को जिले में डिजिटल शिक्षा व्यवस्था के सुव्यवस्थित विस्तार की दिशा में अभूतपूर्व कदम बताया. उन्होंने बच्चों से सीधा संवाद भी किया.

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि यह परियोजना केवल उपकरण या तकनीक की उपलब्धता नहीं, बल्कि पूरी शिक्षा संस्कृति में परिवर्तन की पहल है. जहाँ मल्टी-डायमेंशनल कंटेंट, थ्री-डी विसुअलाइजेशन और इंटरैक्टिव लर्निंग के माध्यम से विज्ञान एवं गणित जैसे कठिन से कठिन विषय भी विद्यार्थियों के लिए आकर्षक और सरल बन सकेंगे. उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में कवर्धा विकासखंड के 17 स्कूलों में यह सुविधा शुरू की गई है, जबकि एचडीएफसी के सीएसआर मद से शेष 33 विद्यालयों को भी जोड़कर कुल 50 स्कूलों तक इसका विस्तार किया जाएगा तथा आगे कुल 74 विद्यालयों को भी स्मार्ट क्लास के रूप में सुसज्जित करने का लक्ष्य किया गया है. इससे विद्यार्थियों की विषय को लेकर आधातभूत समझ भी बढ़ेगी तथा परीक्षाओं में परिणाम भी बेहतर होंगे. इससे विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ेगी और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे भी तकनीकी शिक्षा से जुड़ सकेंगे.

उपमुख्यमंत्री ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यालय विषयवार साप्ताहिक शैक्षणिक शेड्यूल तैयार करें, डिजिटल वीडियो लाइब्रेरी विकसित की जाए और एक स्कूल को दूसरे स्कूल से जोड़कर ज्ञान एवं अनुभव विनिमय तंत्र तैयार किया जाए, जिससे विद्यार्थियों को सतत, प्रतिस्पर्धात्मक एवं सहयोगात्मक समझ का वातावरण प्राप्त होगा.

उन्होंने आगे कहा कि सफलता के लिए किसी प्रकार का शॉर्टकट नहीं होता. कठोर परिश्रम ही एकमात्र विश्वसनीय मार्ग है. सही को सही और गलत को गलत कहने का साहस ही सच्चे शिक्षित होने का प्रमाण है. उन्होंने समाज में बढ़ते नशे के खतरों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए युवाओं को इसके उन्मूलन के लिए सामूहिक संकल्प लेने का आह्वान किया. इस दौरान उन्होंने बताया कि कि जिले के 44 विद्यालयों में शेड निर्माण हेतु स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है तथा विद्यार्थियों के मानसिक एवं व्यवहारिक सुदृढ़ीकरण के लिए वरिष्ठ प्रबुद्धजनों की काउंसलिंग योजना को तत्काल प्रभाव से लागू करने का कार्य किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था केवल पढ़ाई नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और जीवन मूल्यों की स्थापना के लिए एक समग्र शैक्षणिक अभियान के रूप में विकसित की जाएगी.
इस अवसर पर उन्होंने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत वृक्षारोपण भी किया. इसके साथ ही सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों को सम्मानित करते हुए उनके बच्चों की शिक्षा में किये गए अतुलनीय योगदान की सराहना करते हुए उन्हें आगामी जीवन के स्वस्थ एवं सुखी होने की शुभकामनाएं भी दी.

शिक्षा अधोसंरचना में 25 वर्षों में अभूतपूर्व विस्तार: कोरिया जिला बना शिक्षा प्रगति का उदाहरण
छत्तीसगढ़ राज्य अपनी 25 वर्षों की गौरवशाली विकास यात्रा का रजत वर्ष मना रहा है. इस अवधि में राज्य के साथ-साथ कोरिया जिले ने भी शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है. वर्ष 2000 से 2025 के बीच जिले में शिक्षा अधोसंरचना, सुविधाओं और शैक्षणिक परिणामों में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है.

विद्यालयों की संख्या में दोगुनी वृद्धि

वर्ष 2000 में जिले में विद्यालयों की कुल संख्या 386 थी, जो बढ़कर अब 606 तक पहुँच गई है. इसमें प्राथमिक विद्यालयों की संख्या 281 से बढ़कर 387, पूर्व माध्यमिक विद्यालयों की संख्या 76 से बढ़कर 167 और हायर सेकेंडरी विद्यालयों की संख्या 22 से बढ़कर 37 हो गई है.

छात्र संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि

शिक्षा के प्रति लोगों में बढ़ती जागरूकता के परिणामस्वरूप विद्यालयों में पंजीकृत छात्रों की संख्या 21,051 से बढ़कर 37,172 हो गई है. यह दर्शाता है कि अब जिले के अधिक से अधिक बच्चे शिक्षा से जुड़ रहे हैं और स्कूलों की पहुँच सुदूर अंचलों तक बढ़ी है.

परीक्षा परिणामों में ऐतिहासिक सुधार

जिले में शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हुआ है. वर्ष 2000 में हाईस्कूल परीक्षा परिणाम 46.31 प्रतिशत था, जो 2025 में बढ़कर 92.26 प्रतिशत हो गया है. इसी प्रकार हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम 67.15 प्रतिशत से बढ़कर 94.26 प्रतिशत तक पहुँच गया है. ये आँकड़े जिले के शिक्षकों की प्रतिबद्धता और छात्रों की मेहनत का प्रमाण हैं.

छात्र हितैषी योजनाओं से बढ़ा नामांकन और उपस्थिति

सरकार की विभिन्न योजनाओं से विद्यालयों में नामांकन दर में वृद्धि हुई है. मध्यान्ह भोजन योजना के अंतर्गत वर्ष 2000 में जहाँ 9,124 विद्यार्थियों को निःशुल्क भोजन मिलता था, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 25,516 तक पहुँच गई है. कक्षा 1 से 10 तक लगभग 2,20,000 छात्रों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, कक्षा 1 से 8 तक 48,892 विद्यार्थियों को निःशुल्क गणवेश और कक्षा 9वीं की एक हजार से अधिक छात्राओं को निःशुल्क साइकिल उपलब्ध कराई गई हैं. इन पहलों से विशेष रूप से बालिकाओं की शिक्षा में बड़ा सुधार आया है.

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए नए संस्थानों की स्थापना

वर्ष 2000 के बाद कोरिया जिले में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (क्प्म्ज्), जवाहर नवोदय विद्यालय और कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय जैसे प्रमुख संस्थान स्थापित किए गए हैं. इन संस्थानों ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और ग्रामीण तथा दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा का अवसर प्रदान किया है.

सरकार की विकासपरक नीतियों का परिणाम

विष्णु देव साय सरकार की शिक्षा-केंद्रित और विकासपरक नीतियों ने कोरिया जिले को नई दिशा दी है. सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं और जनभागीदारी से प्रेरित प्रयासों के फलस्वरूप जिले के दुर्गम और दूरस्थ अंचलों तक शिक्षा की रोशनी पहुँच रही है.

कोरिया जिला बना शिक्षा विकास का नया मॉडल

इन 25 वर्षों की उपलब्धियाँ इस बात का प्रमाण हैं कि कोरिया जिला अब शिक्षा विकास का एक प्रेरणादायक मॉडल बन चुका है. अधोसंरचना, गुणवत्ता और पहुँच कृ तीनों ही स्तरों पर जिले ने नई ऊँचाइयाँ प्राप्त की हैं, जो आने वाले वर्षों में बच्चों के सर्वांगीण विकास की मजबूत नींव सिद्ध होंगी.

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
Previous Articleहमास द्वारा लौटाए गए बंधक के अवशेष गाजा में पहले ही बरामद हो चुके बंधक के अंग: नेतन्याहू
Next Article रूसी असैन्य विमान एसजे-100 का निर्माण करेगी एचएएल
Team Rashtrawani
  • Website

Related Posts

Chhattisgarh

CG में ‘नक्शा घोटाला’ का महाविस्फोट: 60 फ्लैट की अनुमति, 90 फ्लैट का नक्शा पास;

March 15, 2026
Chhattisgarh

वैश्विक युद्ध और भू-राजनीतिक संकट से MSME उद्योगों पर असर

March 15, 2026
Chhattisgarh

छत्तीसगढ़: होमगार्ड के जवानों को मिलेगा पुलिस कर्मियों के समान वेतन

March 15, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Ads
Top Posts

सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की

April 30, 202547 Views

निर्मला सीतारमण ने जातिगत गणना का श्रेय लेने पर तमिलनाडु सरकार को घेरा

May 3, 202546 Views

सरकार ने गेहूं का एमएसपी 160 रुपये ब­ढ़ाकर 2,585 रुपये प्रति क्विंटल किया

October 1, 202543 Views
Stay In Touch
  • Facebook
  • WhatsApp
  • Twitter
  • Instagram
Latest Reviews
राष्ट्रवाणी

राष्ट्रवाणी के वैचारिक प्रकल्प है। यहां आपको राष्ट्र हित के ऐसे दृष्टिकोण पर आधारित समाचार, विचार और अभिमत प्राप्त होंगे, जो भारतीयता, हिंदुत्व और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली, विश्व बंधुत्व और वसुधैव कुटुंबकम के शाश्वत चिंतन को पुष्ट करता है।

संपादक : नीरज दीवान

मोबाइल नंबर : 7024799009

Most Popular

सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की

April 30, 202547 Views

निर्मला सीतारमण ने जातिगत गणना का श्रेय लेने पर तमिलनाडु सरकार को घेरा

May 3, 202546 Views

सरकार ने गेहूं का एमएसपी 160 रुपये ब­ढ़ाकर 2,585 रुपये प्रति क्विंटल किया

October 1, 202543 Views
Our Picks

जून में एफआईएच हॉकी नेशन कप में भाग लेगी भारतीय महिला हॉकी टीम

March 16, 2026

होर्मुज संकट से नाटो में दरार? मदद नहीं मिलने पर ट्रंप ने सहयोगी देशों को दे डाली चेतावनी

March 16, 2026

सर्राफा बाजार में गिरावट, चांदी ₹4000 तक टूटी, सोना ₹1450 सस्ता

March 16, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
© 2026 Rashtrawani

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.