बीजापुर. छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों के लगाए गए आईईडी (बारूदी सुरंग) में विस्फोट होने से जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) का एक अधिकारी घायल हो गया. पुलिस अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि घटना बृहस्पतिवार दोपहर भैरमगढ़ थाना क्षेत्र के इंद्रावती इलाके के एक जंगल में हुई जब राज्य पुलिस की दो इकाइयां डीआरजी और विशेष कार्य बल (एसटीएफ) का एक संयुक्त दल नक्सल रोधी अभियान पर था.
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान डीआरजी के उपनिरीक्षक प्रकाश चट्टी प्रेशर बम के संपर्क में आ गए, जिससे बम फट गया और उनके दाहिने टखने में चोट लग गई. उन्होंने बताया कि अधिकारी का प्रारंभिक उपचार किया गया और बेहतर इलाज के लिए उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र भेज दिया गया, उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है. अधिकारी ने बताया कि एक अलग अभियान के दौरान, सुरक्षा बलों ने बीजापुर के तर्रेम थाना क्षेत्र में नक्सलियों की बिछाई 10 किलोग्राम की बारूदी सुरंग बरामद की.
उन्होंने बताया कि चिन्नागेलुर गांव के पास विस्फोटक का पता उस समय चला जब सीआरपीएफ की 153वीं वाहिनी और बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) की एक टीम निर्माणाधीन चिन्नागेलुर-तर्रेम सड़क की सुरक्षा के लिए गश्त पर थी. बीडीएस ने विस्फोटक को नि्क्रिरय कर दिया.
उन्होंने बताया, ” सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए बम लगाया गया था, इसकी बरामदगी से एक बड़ा हादसा टल गया.” माओवादी अक्सर जंगलों में नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान सुरक्षार्किमयों को निशाना बनाने के लिए कच्चे रास्तों पर बारूदी सुरंग बिछाते हैं.
पुलिस के अनुसार, बीजापुर जिले समेत बस्तर क्षेत्र में पहले भी आम लोग नक्सलियों के बिछाए ऐसे बमों का शिकार हो चुके हैं. नौ जून को, राज्य के पड़ोसी सुकमा जिले में एक पत्थर खदान में नक्सलियों की बिछाई बारूदी सुरंग में विस्फोट होने से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (कोंटा संभाग) आकाश राव गिरेपुंजे शहीद हो गए और दो अधिकारी घायल हो गए थे.