कुआलालंपुर. बेल्जियम ने रविवार को यहां रोमांचक फाइनल में भारत को करीबी मुकाबले में 1-0 से हराकर सुल्तान अजलन शाह कप हॉकी टूर्नामेंट का खिताब जीत लिया. भारत को मैच के 34वें मिनट में थिब्यू स्टॉकब्रोक्स के गोल के कारण रजत पदक से संतोष करना पड़ा. यह बेल्जियम का पहला सुल्तान अजलन शाह खिताब है. टीम सिर्फ दूसरी बार इस प्रतियोगिता में खेल रही थी.
शनिवार को कनाडा के खिलाफ 14-3 की बड़ी जीत के बाद इस मैच में उतरा भारत दुर्भाग्य से तीन पेनल्टी कॉर्नर में से एक को भी गोल में नहीं बदला सका. जुगराज सिंह, अमित रोहिदास और संजय इस टूर्नामेंट के दौरान पेनल्टी कॉर्नर में अच्छा प्रदर्शन करेन में सफल रहे लेकिन फाइनल में बेल्जियम की रक्षा पंक्ति को छकाने में नाकाम रहे. लीग चरण में यूरोपियन टीम के खिलाफ 2-3 से हारने के बाद यह इस टूर्नामेंट में भारत की दूसरी हार थी.
मनप्रीत सिंह और हार्दिक सिंह जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के टूर्नामेंट से आराम लेने के कारण जिम्मेदारी युवा खिलाड़ियों पर थी जिन्होंने हार के अंतर को कम रखकर अच्छा प्रदर्शन किया. दोनों टीमों ने रणनीति खेल दिखाया जिसमें बेल्जियम ने गेंद को अधिक समय अपने पास रखकर बेहतर शुरुआत की. उनके आक्रामण ने दोनों छोर से भारतीय रक्षा पंक्ति को परेशान किया और भारतीय गोलकीपर को कुछ करीबी बचाव करने पड़े. बेल्जियम को शुरुआत में दो पेनन्टी कॉर्नर मिले लेकिन भारत ने इन्हें नाकाम कर दिया.
भारत ने धीमी शुरुआत के बाद लय हासिल की लेकिन बेल्जियम ने उन्हें मिडफील्ड में बेहतर नियंत्रण बनाकर परेशान किया.
मध्यांतर तक दोनों ही टीम गोल का खाता खोलने में नाकाम रहीं. बेल्जियम ने दूसरे हाफ में बेहतर लय में खेलकर भारत पर दबाव डाला. भारत ने भी कुछ अच्छे मूव बनाए लेकिन तीसरे क्वार्टर में भी बेल्जियम के डिफेंस को मात नहीं दे सके. इस बीच 34वें मिनट में स्टॉकब्रोक्स के गोल ने भारत को दबाव में डाल दिया. आखिरी क्वार्टर में भारत ने स्कोर बराबर करने की बहुत कोशिश की लेकिन बेल्जियम के डिफेंस को भेदने में नाकाम रहे.

