नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 2008 के मुंबई हमले से संबंधित पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम की टिप्पणी को लेकर मंगलवार को कांग्रेस पर हमला बोला और दावा किया कि तत्कालीन संप्रग सरकार दबाव में झुक गई थी और वह एक कमजोर सरकार थी.
कांग्रेस नेता ने एक ‘पॉडकास्ट’ में कहा था कि वह व्यक्तिगत रूप से इस भयावह आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ जवाबी सैन्य कार्रवाई के पक्ष में थे, लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने पड़ोसी देश के खिलाफ कूटनीतिक उपायों का इस्तेमाल करने के विदेश मंत्रालय के दृष्टिकोण के तहत आगे बढ़ने का फैसला किया. उन्होंने कहा कि अमेरिका समेत शक्तिशाली देश चाहते थे कि भारत पाकिस्तान के साथ युद्ध न करे.
छब्बीस नवंबर को हुए आतंकवादी हमले के तुरंत बाद चिदंबरम को गृह मंत्री बनाया था. इससे पहले वह वित्त मंत्री थे. भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि चिदंबरम की टिप्पणियों ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि सिंह के नेतृत्व वाली सरकार कितनी कमज.ोर थी. प्रसाद ने कहा कि सिंह किस कदर झुक गए थे, यह चिदंबरम के बयान से साफ. है.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को इस पर प्रतिक्रिया देनी चाहिए क्योंकि देश जान गया है कि संप्रग सरकार के शासनकाल में देश का शासन कैसे चलता था. प्रसाद ने कहा, “हमें अपने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर गर्व है. इसीलिए भारत सुरक्षित है और आर्थिक विकास भी कर रहा है. यह दुनिया के सामने नहीं झुकता.” उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादियों के अड्डों को ध्वस्त कर पाकिस्तान से जुड़े आतंकवादी हमलों का हर बार बदला लिया है.
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के अंदर आतंकवादी मारे गए हैं. चिदंबरम पर निशाना साधते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रसाद ने कहा कि चिदंबरम को इतने वर्षों बाद यह समझ आया है कि भारत को पाकिस्तान को करारा जवाब देना चाहिए था. उन्होंने कहा, “उन्होंने इतने लंबे समय तक देश से यह जानकारी क्यों छिपाई? यह शर्मनाक है. विदेश मंत्रालय ने गृह मंत्रालय के आदेश को दरकिनार कर दिया और मनमोहन सिंह कुछ नहीं कर सके.”

