नयी दिल्ली. भारत ने बृहस्पतिवार को 79वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर सैन्य सम्मानों की अपनी वार्षिक सूची में सशस्त्र बलों के र्किमयों की वीरता के कार्यों और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की योजना और क्रियान्वयन में शामिल वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की भूमिका को मान्यता दी.
पाकिस्तान में आतंकी बुनियादी ढांचे और सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले में शामिल भारतीय वायुसेना के पायलटों के साथ-साथ एस-400 वायु रक्षा प्रणाली को संचालित करने वाले उन पायलटों को भी यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया गया, जिन्होंने सात से 10 मई के बीच दोनों देशों के बीच संघर्ष के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.
वायु सेना उप प्रमुख एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी, वायु सेना उप प्रमुख एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती, भारतीय सेना के डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई और उत्तरी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा उन शीर्ष सैन्य अधिकारियों में शामिल हैं जिन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक से सम्मानित किया जायेगा. दक्षिण पश्चिमी वायु कमान और पश्चिमी वायु कमान का नेतृत्व कर रहे क्रमश? एयर मार्शल नागेश कपूर और एयर मार्शल जितेन्द्र मिश्रा को भी सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक प्रदान किया जायेगा.
वाइस एडमिरल संजय जसजीत सिंह, जिन्होंने पश्चिमी नौसेना कमान के ‘फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ’ के रूप में पहलगाम हमले के बाद नौसेना के संसाधनों की तैनाती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, को भी सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक के लिए नामित किया गया है. नौसेना के उप प्रमुख वाइस एडमिरल तरुण सोबती, जिन्होंने पहलगाम हमले के बाद नौसेना की तैनाती रणनीति को अंतिम रूप देने में प्रमुख भूमिका निभाई थी, को उत्तम युद्ध सेवा पदक से सम्मानित किया जायेगा. भारतीय वायु सेना के नौ लड़ाकू पायलटों को प्रतिष्ठित वायु चक्र से सम्मानित किया जायेगा.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर सशस्त्र बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के र्किमयों के लिए 127 वीरता पुरस्कार और 40 विशिष्ट सेवा पुरस्कारों को मंजूरी दी. इनमें चार कीर्ति चक्र, 15 वीर चक्र, 16 शौर्य चक्र, दो ‘बार टू सेना’ पदक (वीरता), 58 सेना पदक (वीरता), छह नौसेना पदक (वीरता) और 26 वायु सेना पदक (वीरता) शामिल हैं. पुरस्कारों में सात सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक, नौ उत्तम युद्ध सेवा पदक और 24 युद्ध सेवा पदक भी शामिल हैं.
राष्ट्रपति ने 290 ‘मेंशन-इन-डिस्पैच’ को भी मंजूरी दी है, जिनमें से 115 भारतीय सेना से, पांच भारतीय नौसेना से और 167 भारतीय वायु सेना से हैं. ‘मेंशन-इन-डिस्पैच’ एक सम्मान है जो भारतीय सशस्त्र बलों के र्किमयों को दिया जाता है, विशेष रूप से उन लोगों को जिन्होंने विशिष्ट वीरता या सराहनीय सेवा का प्रदर्शन किया है.
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के लिए बीएसएफ के 18 कर्मी वीरता पदक से सम्मानित
पाकिस्तान के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान ”विशिष्ट बहादुरी” और ”अद्वितीय साहस” का प्रदर्शन करने के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के 18 र्किमयों को वीरता पदक से सम्मानित किया गया है. इनमें से दो जवानों को मरणोपरांत वीर चक्र से नवाजा गया है. युद्ध में वीरता के लिए परमवीर चक्र और कीर्ति चक्र के बाद वीर चक्र तीसरा सर्वोच्च सम्मान है. बीएसएफ के उपनिरीक्षक मोहम्मद इम्तियाज और कांस्टेबल दीपक चिंगखम को वीर चक्र से सम्मानित किया गया है.
केंद्र सरकार ने 79वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर उन सैनिकों के लिए वीरता पदक की घोषणा की, जिनमें से कुछ ने दुश्मन के निगरानी कैमरे नष्ट कर दिए, जबकि अन्य ने ड्रोन हमलों को निष्प्रभावी कर दिया. अर्धसैनिक बल बीएसएफ देश के पश्चिमी हिस्से में भारत-पाकिस्तान सीमा की रक्षा करने का दायित्व निभा रहा है.
बीएसएफ ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”इस स्वतंत्रता दिवस पर 16 बहादुर सीमा प्रहरियों को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान उनकी विशिष्ट बहादुरी और अद्वितीय साहस के लिए वीरता पदक से सम्मानित किया जा रहा है.” उसने कहा, ”पदक भारत की पहली रक्षा पंक्ति : सीमा सुरक्षा बल में व्यक्त राष्ट्र के विश्वास और भरोसे का प्रमाण हैं.” ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारत ने 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में सात से 10 मई तक पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया था. पहलगाम आतंकवादी हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें से ज्यादातर पर्यटक थे.

