Close Menu
Rashtrawani
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
प्रमुख राष्ट्रवाणी

IPL 2026: अभिषेक और ईशान में किसे मिली सनराइजर्स हैदराबाद की कप्तानी? कमिंस चोट की वजह से नहीं रहेंगे उपलब्ध

March 18, 2026

छत्तीसगढ़ विधानसभा में 10,617 करोड़ से अधिक की अनुदान मांगें पारित

March 18, 2026

2200 KG+ वजन वाला अमेरिकी बम कितना घातक?: ईरान में हमले के लिए बंकर बस्टर बम ही क्यों चुना गया, जानिए खासियत

March 18, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
  • Terms
  • About Us – राष्ट्रवाणी | Rashtrawani
  • Contact
Facebook X (Twitter) Instagram
RashtrawaniRashtrawani
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
Subscribe
Rashtrawani
Home»International»भारतीय अर्थव्यवस्था पर ट्रंप की टिप्पणियां ‘अपमानजनक और अस्वीकार्य’ : आनंद शर्मा
International

भारतीय अर्थव्यवस्था पर ट्रंप की टिप्पणियां ‘अपमानजनक और अस्वीकार्य’ : आनंद शर्मा

Team RashtrawaniBy Team RashtrawaniAugust 4, 2025No Comments6 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Reddit Telegram Email
भारतीय अर्थव्यवस्था पर ट्रंप की टिप्पणियां ‘अपमानजनक और अस्वीकार्य’ : आनंद शर्मा
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

नयी दिल्ली/पुणे. कांग्रेस नेता और पूर्व वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा ने सोमवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत और उसकी अर्थव्यवस्था पर टिप्पणियां ”अपमानजनक तथा अस्वीकार्य” हैं. उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह अमेरिकी नेता की ”धमकी भरी रणनीति” के आगे न झुके और किसी आधे-अधूरे व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर न करे. शर्मा ने एक बयान कहा कि भारत को अपनी संप्रभुता और सर्वोच्च राष्ट्रीय हितों को बनाए रखना चाहिए तथा अमेरिका के साथ किसी भी समझौते पर संसद के साथ-साथ सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को विश्वास में लिया जाना चाहिए.

कांग्रेस नेता ने कहा, ”राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने बयानों और कार्यों से विश्व व्यवस्था में उथल-पुथल मचा दी है और अभूतपूर्व व्यवधान पैदा कर दिया है. भारत और उसकी अर्थव्यवस्था पर उनकी टिप्पणियां अपमानजनक और अस्वीकार्य हैं.” उनकी यह टिप्पणी ट्रंप द्वारा भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ (शुल्क) और जुर्माना लगाने की घोषणा किए जाने तथा भारत और रूस को ‘डेड इकोनॉमी’ (बर्बाद अर्थव्यवस्थाएं) कहने के कुछ दिन बाद आई है.

भारतीय अर्थव्यवस्था की ट्रंप की आलोचना से सहमति जताते हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पिछले सप्ताह कहा था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को छोड़कर सभी जानते हैं कि देश की अर्थव्यवस्था ”डेड” (बर्बाद) है.
शर्मा ने कहा कि भारत ने अतीत में दबावों और खतरों का सामना किया है तथा मज.बूती से उभरा है. उन्होंने कहा, ”राष्ट्रपति ट्रंप इस ग.लतफ.हमी में हैं कि भारत के पास विकल्प नहीं हैं. चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के नाते, भारत में समानता और पारस्परिक सम्मान के सिद्धांतों पर दुनिया के साथ जुड़ने का लचीलापन और अंर्तिनहित शक्ति है.”

ट्रंप की ”मृत अर्थव्यवस्था” वाली टिप्पणी को शाब्दिक रूप से नहीं लिया जाना चाहिए: शशि थरूर

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि भारत को ”मृत अर्थव्यवस्था” कहने संबंधी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणी का मकसद ”अपमान” करना था और इसे ”शाब्दिक रूप से” नहीं लिया जाना चाहिए. थरूर ने रविवार को कहा कि जब कुछ सबसे बड़ी शक्तियों की सक्रिय भागीदारी से युद्ध लड़े जा रहे हैं और जिन लोगों से वैश्विक व्यवस्था को कायम रखने की अपेक्षा की जाती है, वे अव्यवस्था को बढ़ावा देने में योगदान दे रहे हैं तो भारत को अपने राष्ट्रीय हितों के बारे में बहुत स्पष्ट होने की जरूरत है.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने पुणे में ‘क्रॉसवर्ड’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आकाश गुप्ता के साथ बातचीत में अपनी नवीनतम पुस्तक ‘द लिविंग कॉ्स्टिटट्यूशन’ सहित कई मामलों पर बात की. ट्रंप ने भारत पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाने तथा रूस से सैन्य उपकरण एवं कच्चा तेल खरीदने पर अतिरिक्त जुर्माना लगाए जाने की पिछले सप्ताह घोषणा करते हुए भारत को एक ”मृत अर्थव्यवस्था” कहा था. थरूर ने कहा कि खासकर जब ट्रंप ‘व्हाइट हाउस’ (अमेरिका के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) में हैं तो ऐसे समय में यह एक अशांत और अप्रत्याशित दुनिया है.
उन्होंने कहा, ”ट्रंप के बारे में मैं कहना चाहता हूं कि आप उनकी बातों को शाब्दिक रूप से नहीं ले सकते लेकिन आपको उन्हें गंभीरता से लेने की जरूरत है. वह अमेरिका के राष्ट्रपति हैं और उनके फैसले नीतियों को प्रभावित कर सकते हैं और नीतियां हमें प्रभावित कर सकती हैं. इसलिए उन्हें गंभीरता से लें लेकिन उनकी हर बात को शाब्दिक रूप से न लें. जब वह कहते हैं कि आपकी अर्थव्यवस्था मृत हो चुकी है तो यह ऐसा है जैसे कोई स्कूली बच्चा खेल के मैदान में कहे कि आपकी मां बदसूरत है. आपको इसे गंभीरता से नहीं लेना चाहिए. इसका मकसद अपमान करना है, इसे शाब्दिक रूप से नहीं लिया जाना चाहिए.” थरूर ने कहा कि पिछले छह महीने में ट्रंप की शुल्क नीतियों के असर ने पूरी दुनिया को पीछे धकेल दिया है और भारत को भी दो-तीन दिन पहले थोड़ा झटका लगा था.
उन्होंने कहा, ”हमें उबरना होगा क्योंकि अमेरिका के साथ संबंध हमारे लिए इतने महत्वपूर्ण हैं कि हम इन्हें आगे बढ़ाने के लिए वास्तविक प्रयास करना चाहते हैं. जब मैं अमेरिका के साथ संबंधों की बात कर रहा हूं तो मेरा मतलब केवल व्यापारिक संबंध से नहीं है, रणनीतिक साझेदारी से भी है. इसलिए मुझे लगता है कि अभी बहुत कुछ करने की जरूरत है.” उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर और सुरक्षा परिषद की विश्वसनीयता सवालों के घेरे में है. उन्होंने कहा कि मौजूद वैश्विक परिदृश्य में भारत का पहला और सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय हित अपने लोगों, भारतीय जनता की भलाई है.
थरूर ने कहा, ”और इसका अर्थ हमारे विकास, हमारी समृद्धि, आपसी सद्भाव, एक-दूसरे के साथ हमारे सह-अस्तित्व और साथ ही हमारी उन सीमाओं की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करना है जिन्हें हाल में चीन और पाकिस्तान, दोनों तरफ से खतरा पैदा हुआ है. हमें अपने विकास और वृद्धि की व्यापक कहानी को खतरे में डाले बिना अपनी रक्षा करने के लिए मजबूती से तैयार रहना होगा.” उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर भारत को रचनात्मक भूमिका निभानी होगी.

उन्होंने कहा, ”हमें नियम बनाने वालों में शामिल होना होगा, न कि सिर्फ नियम का पालन करने वालों में. हमें एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनना होगा ताकि हम ऐसी स्थिति में न रहें जहां दूसरे हम पर हुक्म चला सकें या हमें दबा सकें. हमारी विश्वसनीयता मायने रखती है. हमारा पहले से ही दुनिया में सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है. हम पहले से ही दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक हैं और जल्द ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएंगे. इन सभी परिस्थितियों में हम महत्व रखते हैं. हमें महत्व दिया जाना चाहिए लेकिन साथ ही हमें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि हमारा महत्व किस बात के लिए हो.”

थरूर ने कहा कि भारत अपने हितों और इस बात को लेकर पहले से ही स्पष्ट है कि उसे अपने लोगों के लिए कैसे खड़ा होना है इसलिए देश अपनी क्षमता एवं कौशल के साथ इस अनिश्चितता से निपट लेगा. उन्होंने कहा कि वह देश के राजनयिकों से यही अपेक्षा रखते हैं. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बारे में जानकारी देने के लिए उनके नेतृत्व में अमेरिका गए भारतीय प्रतिनिधिमंडल और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे डी वेंस के साथ उनकी बैठक के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस सांसद ने कहा, ”हमारी बैठकें बहुत अच्छी और प्रभावी रहीं क्योंकि न केवल हमारे संदेश को अच्छी तरह से सुना गया, बल्कि इसे सहानुभूति, समझ और सम्मान के साथ हमारे सामने दोहराया गया.”

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
Previous Articleसड़क निर्माण की गुणवत्ता में न हो लापरवाही – अरुण साव
Next Article प्रधानमंत्री के मित्र ट्रंप ने भारत को एक और झटका दिया: कांग्रेस
Team Rashtrawani
  • Website

Related Posts

International

2200 KG+ वजन वाला अमेरिकी बम कितना घातक?: ईरान में हमले के लिए बंकर बस्टर बम ही क्यों चुना गया, जानिए खासियत

March 18, 2026
International

US के बंकर बस्टर बम से बौखलाया ईरान: इस्राइल पर बैलिस्टिक मिसाइल से किया हमला; होर्मुज क्षेत्र में तनाव बढ़ा

March 18, 2026
International

अफगानिस्तान में अस्पताल पर पाकिस्तान का हवाई हमला, भारत ने कड़ी निंदा की

March 17, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Ads
Top Posts

सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की

April 30, 202547 Views

निर्मला सीतारमण ने जातिगत गणना का श्रेय लेने पर तमिलनाडु सरकार को घेरा

May 3, 202546 Views

सरकार ने गेहूं का एमएसपी 160 रुपये ब­ढ़ाकर 2,585 रुपये प्रति क्विंटल किया

October 1, 202543 Views
Stay In Touch
  • Facebook
  • WhatsApp
  • Twitter
  • Instagram
Latest Reviews
राष्ट्रवाणी

राष्ट्रवाणी के वैचारिक प्रकल्प है। यहां आपको राष्ट्र हित के ऐसे दृष्टिकोण पर आधारित समाचार, विचार और अभिमत प्राप्त होंगे, जो भारतीयता, हिंदुत्व और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली, विश्व बंधुत्व और वसुधैव कुटुंबकम के शाश्वत चिंतन को पुष्ट करता है।

संपादक : नीरज दीवान

मोबाइल नंबर : 7024799009

Most Popular

सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की

April 30, 202547 Views

निर्मला सीतारमण ने जातिगत गणना का श्रेय लेने पर तमिलनाडु सरकार को घेरा

May 3, 202546 Views

सरकार ने गेहूं का एमएसपी 160 रुपये ब­ढ़ाकर 2,585 रुपये प्रति क्विंटल किया

October 1, 202543 Views
Our Picks

IPL 2026: अभिषेक और ईशान में किसे मिली सनराइजर्स हैदराबाद की कप्तानी? कमिंस चोट की वजह से नहीं रहेंगे उपलब्ध

March 18, 2026

छत्तीसगढ़ विधानसभा में 10,617 करोड़ से अधिक की अनुदान मांगें पारित

March 18, 2026

2200 KG+ वजन वाला अमेरिकी बम कितना घातक?: ईरान में हमले के लिए बंकर बस्टर बम ही क्यों चुना गया, जानिए खासियत

March 18, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
© 2026 Rashtrawani

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.