🔴होटल रेस्तरों से चिकन गायब, कानन पेंडारी जू 7 दिन बंद, कई जिलों में अलर्ट; छिपकर बिक्री करने वालों पर FIR
राष्ट्रवाणी, 26 मार्च 2026। बिलासपुर जिले में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद शहर और आसपास के इलाकों में प्रशासन ने निगरानी और सर्चिग बढ़ा दी है। कोनी स्थित सरकारी पोल्ट्री फार्म में हुई संक्रमण की घटना के बाद हालात गंभीर है। दो दिनों के भीतर करीब 22 हजार चूजों को मारकर दफनाया गया है, हजारों अंडे और चारा नष्ट किया गया है और पूरे जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। सबसे बड़ा फैसला यह है कि अब चिकन और अंडे की बिक्री पर 21 दिन नहीं, बल्कि पूरे 3 महीने तक रोक लगा दी गई है।
मार्च महीने में ही कोनी स्थित सरकारी पोल्ट्री फार्म से 349 यूनिट पोल्ट्री सप्लाई अलग-अलग जिलों में भेजी गई थी। लापरवाही की बात यह है कि 17 मार्च से ही पक्षियों की मौत शुरू हो चुकी थी, फिर भी सप्लाई जारी रही। इसी वजह से अब प्रशासन को डर है कि संक्रमण पड़ोसी जिलों तक पहुंच चुका होगा।
रायगढ़, कोरबा, रायपुर, मुंगेली, बीजापुर और कबीरधाम सहित कई जिलों को अलर्ट जारी किया गया है।
10 किलोमीटर का इलाका सर्विलांस जोन घोषित
बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए 10 किलोमीटर का इलाका सर्विलांस जोन घोषित किया गया है। इसके अलावा एक किलोमीटर क्षेत्र संक्रमित जोन रखा गया है। पोल्ट्री फार्म के 25 कर्मचारी क्वारंटाइन किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम 24 घंटे निगरानी में लगी है।
संक्रमण रोकने के लिए बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई है। 22,808 पक्षियों को मारा जा चुका है। 25 हजार 896 अंडे नष्ट किए गए हैं और लगभग 79 क्विंटल चारा जला दिया गया है। केवल वेटनरी कॉलेज परिसर में करीब 2000 मुर्गियां, 2000 बटेर, 1500 बतख और 100 अन्य पक्षी खत्म किए गए। पूरा ऑपरेशन वैज्ञानिक तरीके से किया गया ताकि वायरस आगे न फैले।
आठ दुकानें की गई सील
जिले के 35 पोल्ट्री फार्म में जांच और कार्रवाई की गई और मुर्गियों को तुरंत खत्म किया गया। जांच के दौरान कोनी से बिरकोना तक के 1 किलोमीटर इलाके में 8 दुकानों को सील किया गया। प्रशासन की जांच में पाया गया कि कोनी के आसपास कुछ जगहों पर बीमार मुर्गे 150 रुपए किलो में बेचे जा रहे थे, जबकि सामान्य कीमत 170 रुपए रखी गई थी। इन दुकानों को भी सील किया गया है।
3 महीने तक चिकन बिक्री पर रोक
इधर पूरे जिले में 3 महीने तक चिकन बिक्री पर रोक लग गई है, जो पहले केवल 21 दिन के लिए थी। इसके बाद होटल और रेस्टोरेंट में चिकन पूरी तरह बंद हो चुकी है।
कानन पेंडारी 7 दिनों के लिए बंद
बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए कानन पेंडारी जूलॉजिकल गार्डन को 7 दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। जू में बड़ी संख्या में पक्षी मौजूद हैं और प्रशासन का कहना है कि पर्यटकों के जरिए यहां संक्रमण का खतरा है। जू प्रबंधन ने एहतियात के तौर पर रोज सैनिटाइजेशन, पिंजरों में दवा छिड़काव के अलावा बाहरी लोगों की एंट्री सीमित रखने का निर्णय लिया है। अप्रैल के पहले सप्ताह में जू दोबारा खोला जाएगा।
जू प्रबंधन ने बड़ा फैसला लिया है कि 2 महीने तक किसी भी जानवर को चिकन नहीं दिया जाएगा, अब दूसरे मांस से आहार दिया जाएगा, ताकि संक्रमण का खतरा खत्म हो।
डोर टू डोर सर्वे शुरू
इधर स्वास्थ्य विभाग ने डोर-टू-डोर सर्वे शुरू किया है। पोल्ट्री फॉर्म के आसपास 156 घरों में 636 लोगों की जांच की गई। इस दौरान 9 लोगों में सर्दी-खांसी और बुखार के लक्षण थे। पर, फिलहाल कोई गंभीर केस नहीं मिला।
हेल्पलाइन नंबर जारी
प्रशासन ने कलेक्टोरेट में 24 घंटे का बर्ड फ्लू कंट्रोल रूम शुरू किया है और इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 07752-251000 जारी किया है। प्रशासन ने अपील की है कि किसी भी संदिग्ध पक्षी या मौत की जानकारी तुरंत दें। इधर पुलिस और साइबर सेल भी एक्टिव है। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर नजर रखी जाएगी। पुलिस टीम पोल्ट्री फार्म और बाजारों में लगातार जांच करेगी और जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
चिकन अथवा अंडे बेचने पर होगी FIR
प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि भुवनेश्वर से आए मुर्गों से संक्रमण फैला या नहीं। पूरी सप्लाई चेन और रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी कीमत पर संक्रमण फैलने नहीं दिया जाएगा। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने अपील की है कि लोग घबराएं नहीं, लेकिन पूरी सतर्कता रखें। एसएसपी रजनेश सिंह ने चेतावनी दी है कि छिपकर चिकन या अंडे बेचते पकड़े गए तो सीधे एफआईआर दर्ज होगी।
संभागायुक्त सुनील जैन ने भी कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क रहना जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध स्थिति की तुरंत प्रशासन को सूचना दें।
मालूम हो कि बर्ड फ्लू तेजी से फैलने वाला वायरस है जिसकी इंसानों तक पहुंच आसान है। इसलिए प्रशासन हर स्तर पर सख्ती बरत रहा है।

