काम में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार होंगे ब्लैकलिस्ट, अनुबंध भी होगा निरस्त

रायपुर, 18 अगस्त 2026। बस्तर संभाग में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए राज्य शासन ने निर्माणाधीन सड़कों और पुल-पुलियों के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने अधिकारियों और ठेकेदारों की बैठक लेकर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने भारत सरकार के आरआरपी (Road Requirement Plan) और आरसीपीएलडब्ल्यूईए (Road Connectivity Project in Left Wing Extremism Areas) के तहत चल रहे सड़क और पुल-पुलियों के कार्यों को दिसंबर 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए।

नवा रायपुर स्थित पीडब्ल्यूडी मुख्यालय ‘निर्माण भवन’ में आयोजित बैठक में सचिव बंसल ने अधिकारियों को सभी निर्माण स्थलों का नियमित निरीक्षण करने और हर 15 दिन में कार्यों की प्रगति की समीक्षा करने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों से निर्माण कार्यों में आ रही समस्याओं की जानकारी लेकर उनके तत्काल निराकरण के निर्देश भी दिए।

10 सितंबर तक दिखानी होगी कार्य प्रगति

सचिव ने बस्तर परिक्षेत्र के सभी 9 संभागों में कार्यरत ठेकेदारों को 10 सितंबर तक स्पष्ट कार्य प्रगति दिखाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिन ठेकेदारों द्वारा अपेक्षित गति से काम नहीं किया जा रहा है, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हुए ब्लैकलिस्ट करने और अनुबंध निरस्त करने की कार्रवाई की जाए।

मैदानी अधिकारियों को सप्ताह में दो से तीन दिन निर्माण स्थलों का दौरा करने, निर्माण सामग्री और काम की गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश दिए गए। ठेकेदारों के साथ समन्वय कर निर्धारित टाइमलाइन के अनुसार कार्य पूरा कराने तथा जांच के बाद नियमित भुगतान सुनिश्चित करने को भी कहा गया।

प्लांट और मशीनरी नहीं लगाने वालों पर कार्रवाई

सचिव बंसल ने सभी ठेकेदारों को अनुबंध के मुताबिक कार्यस्थलों पर आवश्यक प्लांट और मशीनरी लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन ठेकेदारों द्वारा निर्धारित संसाधन नहीं लगाए जा रहे हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के प्राथमिकता वाले कार्यों के प्राक्कलन सबमिशन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। पहुंचविहीन गांवों को जोड़ने वाली प्रस्तावित सड़कों और पुलों की स्थिति की जानकारी लेते हुए उन्होंने लंबित भू-अर्जन और वन व्यपवर्तन मामलों की जानकारी शासन को भेजने के निर्देश दिए, ताकि उच्च स्तर पर उनका शीघ्र निराकरण कराया जा सके।

गड्ढों की तत्काल मरम्मत के निर्देश

बरसात के बाद सड़कों की मरम्मत को लेकर भी लोक निर्माण विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। सचिव ने 30 सितंबर तक पेच रिपेयर कार्यों के लिए एजेंसियों के निर्धारण की निविदा प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने यातायात सुचारू बनाए रखने के लिए सड़कों के गड्ढों को तत्काल भरने तथा परफॉर्मेंस गारंटी वाली सड़कों की मरम्मत ठेकेदारों के माध्यम से तेजी से कराने को कहा।

वर्षा ऋतु समाप्त होने के बाद बाढ़ और अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त सड़कों एवं पुल-पुलियों की स्थायी मरम्मत को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, सेवा सेतु और लोक सेवा गारंटी के प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण करने के साथ ही निर्माण कार्यों, आयोजनों और कार्यक्रमों से संबंधित बिलों का भुगतान एक माह के भीतर सुनिश्चित करने को कहा गया। इसके अलावा अनुकंपा नियुक्ति, पेंशन, विभागीय जांच और न्यायालयीन मामलों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

बैठक में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, अपर सचिव एस.एन. श्रीवास्तव, उप सचिव अंशिका पाण्डेय, बस्तर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता एम.एल. उरांव, सेतु परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता एस.के. कोरी, विद्युत एवं यांत्रिकी के मुख्य अभियंता टी.आर. कुंजाम, अधीक्षण अभियंता संजय सूर्यवंशी, डी.के. माहेश्वरी, सुरेश भूपल सहित बस्तर परिक्षेत्र के सभी 9 संभागों के कार्यपालन अभियंता और अनुविभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

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