गरियाबंद। मैनपुर क्षेत्र में नाबालिग से छेड़छाड़ मामले में फैसला सुनाते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायालय) यशवंत वासनीकर ने अपने आदेश में मैनपुर भाजपा मंडल महामंत्री महेश कश्यप को 5 साल की सजा सुनाई। अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 354 (महिला की मर्यादा भंग करने के इरादे से हमला), धारा 454 (गृहभेदन) और पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों के तहत दोषी करार दिया।
यह मामला वर्ष 2022 का है, जब मैनपुर क्षेत्र की एक नाबालिग पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि महेश कश्यप ने घर में घुसकर उसके साथ छेड़छाड़ की थी। घटना के बाद पीड़िता के परिजनों ने मैनपुर थाने में एफआईआर दर्ज करवाई थी। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी के खिलाफ चालान पेश किया था।



सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले में प्रस्तुत 8 गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों का संज्ञान लिया। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपी के अपराध को साबित करने में सफल रहा है। फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि नाबालिग से छेड़छाड़ का अपराध गंभीर है और समाज में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कड़ी सजा आवश्यक है।
सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी को पुलिस ने हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है। फैसले के बाद पीड़िता और उसके परिवार ने राहत की सांस ली है। उन्होंने अदालत के इस फैसले को न्याय की जीत बताया है।
यह मामला राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है क्योंकि आरोपी भाजपा के मैनपुर मंडल में जिम्मेदार पद पर था। विपक्षी दलों ने इसे लेकर भाजपा पर सवाल उठाए हैं और पार्टी से आरोपी को तत्काल निष्कासित करने की मांग की है।

