पेंड्रा। नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के मामले में पेंड्रा विशेष सत्र न्यायाधीश ज्योति अग्रवाल की अदालत ने आरोपी गंगादीन उर्फ गंगा खलखो को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उसे पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत दोषी करार देते हुए ₹7000 रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।

जानिए क्या है मामला
मामला कुछ वर्ष पूर्व का है, जब आरोपी गंगादीन उर्फ गंगा खलखो ने एक नाबालिग छात्रा को बहला-फुसलाकर कोरबा जिले ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। छात्रा अपने घर से स्कूल के लिए निकली थी, लेकिन बीच रास्ते में आरोपी ने उसे फुसलाकर अपने साथ ले गया। वहां उसने उसे बंधक बनाकर कई दिनों तक शारीरिक शोषण किया।
पीड़िता के परिजनों ने जब उसकी खोजबीन शुरू की, तो पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया और उसके खिलाफ पोक्सो एक्ट और आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने मेडिकल रिपोर्ट, पीड़िता के बयान और पुलिस जांच के सबूत अदालत में पेश किए। न्यायालय ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयान सुनने के बाद यह माना कि आरोपी ने नाबालिग के साथ जघन्य अपराध किया है।
विशेष सत्र न्यायाधीश ज्योति अग्रवाल ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी का कृत्य सिर्फ कानून का उल्लंघन नहीं बल्कि समाज की नैतिक मर्यादाओं पर भी गहरा प्रहार है। अदालत ने आरोपी को पोक्सो अधिनियम की धारा 5(एल)/6 के तहत आजीवन कारावास और ₹7000 अर्थदंड की सजा सुनाई।

