दुर्ग में सेवानिवृत्त पटवारी समेत कई ठिकानों पर छापे; दो आरोपी गिरफ्तार
भिलाई/दुर्ग, 01 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में कथित CGPSC भर्ती घोटाले और DMF फंड घोटाले से जुड़े मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। ED की टीम ने प्रदेश में करीब 7 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। कार्रवाई के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निज सचिव रहे के.के. चंद्रवंशी, पूर्व OSD एवं अपर कलेक्टर चेतन बोरघारिया तथा सेवानिवृत्त पटवारी कमलेश सिंह राजपूत के ठिकानों पर भी जांच की गई।
विश्व बैंक कॉलोनी में सुबह 6 बजे पहुंची ED की टीम
भिलाई-3 स्थित विश्व बैंक कॉलोनी में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निज सचिव रहे के.के. चंद्रवंशी के आवास पर ED की टीम मंगलवार सुबह करीब 6 बजे पहुंची। अधिकारियों ने करीब 11 घंटे तक दस्तावेजों और अन्य सामग्री की जांच की। बताया जा रहा है कि शाम करीब 5 बजे तक चली कार्रवाई में CGPSC से संबंधित दस्तावेजों समेत विभिन्न रिकॉर्ड की जांच की गई और कुछ दस्तावेज जब्त किए गए।
सिकोलाबस्ती के कर्मचारी नगर में भी छापा
दुर्ग के सिकोलाबस्ती स्थित कर्मचारी नगर में सेवानिवृत्त पटवारी एवं छत्तीसगढ़ पटवारी संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कमलेश सिंह राजपूत के आवास पर भी ED ने छापा मारा। बताया गया है कि कमलेश सिंह राजपूत वर्तमान में भाजपा के एक प्रकोष्ठ के संयोजक भी हैं।
जानकारी के अनुसार कमलेश सिंह राजपूत के परिवार के सदस्य भी शासकीय सेवाओं में हैं। उनकी दो बेटियां पटवारी, एक बेटा नायब तहसीलदार और एक बेटी उप पंजीयक/रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत बताए जा रहे हैं। परिवार के सदस्य एक ही घर में रहते हैं। ED की टीम द्वारा यहां भी दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच की गई।
उत्कर्ष चंद्राकर और सतपाल सिंह छाबड़ा गिरफ्तार
ED ने इस कार्रवाई के दौरान CGPSC घोटाले से जुड़े आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर और DMF फंड घोटाले से जुड़े आरोपी सतपाल सिंह छाबड़ा को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया गया। अदालत ने ED को दोनों आरोपियों से पूछताछ के लिए 5 दिन की कस्टोडियल रिमांड मंजूर की है।
सात ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई
बताया जा रहा है कि ED की मंगलवार की कार्रवाई केवल दुर्ग-भिलाई तक सीमित नहीं रही, बल्कि प्रदेश में करीब 7 अलग-अलग ठिकानों पर जांच की गई। कार्रवाई की जद में पूर्व मुख्यमंत्री के निज सचिव रहे के.के. चंद्रवंशी, पूर्व OSD एवं अपर कलेक्टर चेतन बोरघारिया तथा पूर्व पटवारी कमलेश सिंह राजपूत समेत अन्य संबंधित लोग और ठिकाने शामिल रहे।
ED की इस कार्रवाई को CGPSC भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और DMF फंड के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। हालांकि छापेमारी के दौरान बरामद दस्तावेजों, जब्ती की पूरी सूची और अन्य वित्तीय साक्ष्यों के संबंध में ED की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना अभी बाकी है।
