तिरुचिरापल्ली. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने बुधवार को कहा कि छात्रों को कभी भी गोडसे की राह पर नहीं चलना चाहिए और उन्हें राजनीति की समझ होनी चाहिए. तिरुचिरापल्ली में जमाल मोहम्मद कॉलेज के 75 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा छात्रों से मिलना उन्हें हमेशा ऊर्जा प्रदान करता है. स्टालिन ने कहा कि कॉलेज के संस्थापक हाजी एम जमाल मोहम्मद साहब और एन एम खजामियन रोथर ने गांधीवादी मार्ग का अनुसरण किया.
उन्होंने कहा, “हमारे लिए कई रास्ते हैं; जैसे गांधीजी, डॉ. आंबेडकर और पेरियार द्वारा दिखायी गयी राह. आप छात्रों को कभी भी गोडसे के खेमे की राह पर नहीं चलना चाहिए.” शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए स्टालिन ने कहा कि यह उनकी “स्थायी पूंजी” होगी. उन्होंने कहा कि यदि तमिलनाडु एक टीम के रूप में एकजुट हो जाए तो कोई भी राज्य को हरा नहीं सकता. स्टालिन ने कहा कि वह “राजनीति पर बात नहीं कर रहे” लेकिन इस बात पर जोर देना चाहते हैं कि छात्रों को राजनीति के बारे में समझ होनी चाहिए.
तीन जुलाई को, सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने पूरे राज्य में “ओरानियिल तमिलनाडु” (तमिलनाडु एक टीम) नाम से 45 दिनों का घर-घर जाकर सदस्यता अभियान शुरू किया. इस अभियान के ज.रिए, द्रमुक का लक्ष्य हर मतदान केंद्र पर 30 प्रतिशत मतदाताओं को पंजीकृत करना है.
मुख्यमंत्री ने कहा था कि ”ओरानियिल तमिलनाडु” में सदस्यता अभियान, और “द्रमुक सरकार की उपलब्धियों और केंद्र द्वारा तमिलनाडु के साथ किए गए विश्वासघात” का प्रचार शामिल है. इसका उद्देश्य राज्य की भाषा और सम्मान की रक्षा के लिए लोगों को एकजुट करना है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि जमाल मोहम्मद कॉलेज के पूर्व छात्र के एन नेहरू और एम आर के पन्नीरसेल्वम वरिष्ठ मंत्री हैं और “कल आप में से कुछ लोग उस सूची का हिस्सा हो सकते हैं और आपको इसमें शामिल होना चाहिए तथा तमिलनाडु के विकास में सहयोग करना चाहिए.” सत्तारूढ़ द्रमुक के अध्यक्ष स्टालिन ने कहा कि उनकी पार्टी मुसलमानों के राजनीतिक अधिकारों की हमेशा रक्षा करेगी. उन्होंने कहा, “यह मेरा आपको आश्वासन है.”

