हाईकोर्ट का परिवहन विभाग को सख्त निर्देश

राष्ट्रवाणी, 03 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने यात्री बसों और स्टेज कैरिज वाहनों में लाइसेंसधारी कंडक्टर की अनिवार्यता को लेकर परिवहन विभाग को सख्त निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि बिना लाइसेंस वाले कंडक्टर के साथ बस संचालित होने पर संबंधित अधिकारियों को कानून के अनुसार कार्रवाई करनी होगी।

यह आदेश विनीश कुमार चोपड़ा की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया। याचिकाकर्ता ने राज्य में बड़ी संख्या में बसों के बिना लाइसेंसधारी कंडक्टर के संचालन का दावा किया था।

राज्य सरकार के अनुसार 24 जनवरी 2025 तक प्रदेश में 14,488 यात्री बस और 7,236 स्कूल बस सहित कुल 21,724 बसें पंजीकृत थीं। इनके मुकाबले लाइसेंसधारी कंडक्टरों की संख्या 1,012 बताई गई।

सरकार ने बताया कि जनवरी 2025 में चेकपोस्ट पर बिना लाइसेंस कंडक्टर के चल रही 165 बसों के खिलाफ कार्रवाई कर 1,67,600 रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा अप्रैल 2024 से फरवरी 2025 तक बिना ड्राइविंग लाइसेंस और वैध दस्तावेजों के चलने वाले 1,61,377 वाहनों पर कुल 19.77 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया।

हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता की चिंता पूरी तरह निराधार नहीं है। हालांकि अदालत ने बसों और कंडक्टरों की संख्या से जुड़े दावों की सत्यता पर कोई राय नहीं दी। अदालत ने पीआईएल का निपटारा करते हुए परिवहन विभाग को मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 और छत्तीसगढ़ मोटर व्हीकल रूल्स, 1994 का कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया।

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संपादक : नीरज दीवान

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